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रेवाड़ी में कुत्तों का आतंक: गांव में राह चलते ग्रामीणों पर हमला, एक महिला को नोच कर मार डाला
Fri, 18 Jun 2021 03:20 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रेवाड़ी (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 18 Jun 2021 03:20 PM IST
सार
कुत्ते के काटने से महिला की मौत होने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और पशुपालन विभाग के डाक्टरों की टीम ने ग्रामीणों से कहा कि वे आवारा कुत्तों को मार नहीं सकते, केवल उनका ऑपरेशन कर सकते हैं।
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कुत्ते के हमले में घायल युवक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रेवाड़ी के गांव दड़ौली फतेहपुरी में कुत्तों के झुंड ने लोगों पर हमला बोल दिया जिसमें एक महिला की मौत हो गई। उसे छुड़ाने आए बेटे को भी कुत्तों ने काट खाया। गांव दडौली फतेहपुरी में ग्रामीण रोज की तरह काम से खेतों की तरफ निकले थे। इसी दौरान रास्ते में बैठे कुत्तों के एक झुंड ने लोगों पर हमला बोल दिया। 62 साल की धनपति अपने खेत में जा रही थी, कुत्तों ने उसे नोच खाया। आवाज सुन कर उसका बेटा रमेश कुमार वहां पहुंचा तो कुत्तों ने उस पर भी हमला बोल दिया। जैसे-तैसे रमेश ने अपनी मां को कुत्तों से छुड़ाया और रेवाड़ी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
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ग्रामीणों ने बताया कि इसके अलावा कुत्तों ने दिनेश पुत्र राजेन्द्र व नेतराम पुत्र फूल सिंह को भी काट खाया। इसके बाद कुत्तों ने खेत में काम कर रहे रोहतास पुत्र किशोरी पर हमला कर दिया। वहीं खेतों में मकान बना कर रह रहे धर्मबीर पुत्र माडूराम की भैंस पर कुत्तों ने हमला बोल दिया। लोगों ने मुश्किल से उसे छुड़ाया। इसके बाद देवदत्त के एक पशु को भी कुत्तों ने घायल कर दिया।
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मृतका धनपति के पति बलबीर ने बताया कि सुबह उसकी पत्नी घर से खेत जाने के लिए निकली थी कि घर से कुछ दुरी पर ही कुत्तों के झुंड ने हमला बोल कर उसे इतनी बुरी तरह से नोच डाला कि उसकी मौत हो गई। कुत्तों के काटने की सूचना प्रशासन को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस और पशुपालन विभाग के डाक्टरों की टीम ने बताया कि वे आवारा कुत्तों को मार नहीं सकते, केवल उनका ऑपरेशन कर सकते हैं। उनका कहना है कि गांव के कुत्ते मांसाहारी हो रहे हैं। जब इन्हें मृत पशुओं का मांस नहीं मिला तो वे लोगों पर हमला कर रहे हैं।
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वहीं गांव के सरपंच जयभगवान ने बताया कि गांव में इस घटना के बाद भय का माहौल है। गांव में अघोषित कर्फ्यू लगा हुआ है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। अभी तक प्रशासन ने कुत्तों को मारने या पकड़ने के लिए कोई मदद नहीं दी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में पालतू के साथ ही आवारा घूमने वाले कुत्तों को भी इंजेक्शन लगाए जाने चाहिए। मृतका धनपति के पति ने बताया कि उनके गांव में मृत पशुओं को दबाने के लिए दो एकड़ जमीन पंचायत ने छोड़ रखी है लेकिन लोग मृत पशुओं को दबाने के बजाय खुले में डाल देते हैं जिन्हें यह आवारा कुत्ते खाकर मांसाहारी हो गए हैं। मांस न मिलने पर लोगों पर हमला बोल रहे हैं।