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Rewari News: ड्रॉपआउट बच्चों को फिर स्कूल से जोड़ने के लिए होगा सर्वे

Thu, 25 Dec 2025 11:14 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Thu, 25 Dec 2025 11:14 PM IST
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A survey will be conducted to reconnect dropout children with schools.
फोटो 1 : जिला शिक्षा कार्यालय। संवाद
रेवाड़ी। किन्हीं कारणों से स्कूल छोड़ चुके बच्चों की तलाश कर उन्हें फिर स्कूल भेजने की योजना बनाई गई है। इसके तहत शिक्षा विभाग ने ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है। शिक्षा निदेशालय ने अपने पत्र में कहा है कि इस बार यह सर्वे चार स्तर पर किया जाएगा।
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सर्वे के लिए विभाग ने अधिकारियों के साथ-साथ अध्यापकों की भी ड्यूटी लगाई है। इसमें विद्यालय मुखिया, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं, विद्यालय प्रबंधन समिति, पंचायतों का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए विद्यालय से जिला स्तर पर सर्वे किया जाएगा। सर्वे से सत्र 2024-25 में विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों को चयनित किया जाएगा।
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नए सत्र 2026-27 के लिए उनका दाखिला स्कूल में करवाया जाएगा जिससे उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। यह सर्वे के दौरान शिक्षक अपने क्षेत्र सहित गांवों अभिभावकों से बात की जाएगी। बच्चे की शिक्षा संबंधी में पहुंचकर सर्वे करेंगे। इस दौरान बच्चों के जानकारी और विद्यालय छोड़ने का कारण इत्यादि की रिपोर्ट बनाएंगे।
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इसके बाद यह रिपोर्ट क्लस्टर विद्यालय को दी जाएगी। इसके बाद बच्चों के विद्यालय छोड़ने के कारणों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद स्कूल स्तर पर 1 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक इसके बाद 12 से 13 जनवरी तक क्लस्टर स्तर पर सर्वे किया जाएगा। 14 से 15 जनवरी तक खंड स्तर पर सर्वे किया जाएगा जबकि 16 और 19 जनवरी को जिला स्तर पर सर्वे किया जाएगा।


चिह्नित बच्चों को दिया जाएगा सीधा दाखिला
सर्वे के दौरान चिह्नित 6 से 7 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एमआईएस पोर्टल पर बनाए गए विशेष हेड ''एसटीसी'' के तहत सीधे स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। 7 से 14 वर्ष और 16 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र (स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर्स) शुरू किए जाएंगे, ताकि उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सके। इस अभियान में एनजीओ और स्वयंसेवी संगठनों की भी सक्रिय भूमिका रहेगी। हामाना पीपल टू पीपल इंडिया और अनुभूति जैसी संस्थाओं के साथ-साथ स्काउट्स, गाइड्स और एनएसएस के स्वयंसेवक विशेष रूप से कठिन और वंचित क्षेत्रों में सर्वे कार्य में सहयोग करेंगे।


चार स्तरों पर किया जाएगा सर्वे
स्कूल स्तर (1 से 9 जनवरी) :
शिक्षक, शिक्षा स्वयंसेवक, स्काउट-गाइड, एनएसएस, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि और एनजीओ मिलकर क्षेत्रवार सर्वे करेंगे। स्कूल हेड सूची तैयार कर क्लस्टर हेड को सौंपेंगे। क्लस्टर स्तर (12-13 जनवरी) : क्लस्टर हेड सभी स्कूलों की सूचियों को संकलित कर बीईओ बीआरसी को भेजेंगे। ब्लॉक स्तर (14-15 जनवरी) : बीईओ बीआरसी ब्लॉक स्तर पर डेटा संकलन कर डीपीसी को सौंपेंगे। जिला स्तर (16 और 19 जनवरी) :

डीपीसी की ओर से सभी ब्लॉकों का डेटा संकलित कर मुख्यालय को निर्धारित प्रारूप में भेजा जाएगा।
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वर्जन :
जिले में ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे करने के शेड्यूल और निर्देश जारी किए गए हैं ताकि ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वे कराया जा सके।- चरण सिंह, एफएलएन जिला समन्वयक।
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