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Rewari News: मेडिकल कराने में एक अभ्यर्थी को लग रहे चार से पांच घंटे

Sun, 10 Mar 2024 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Sun, 10 Mar 2024 01:31 AM IST
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A candidate is taking four to five hours to get his medical done.
रेवाड़ी। हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के ग्रुप-डी का परिणाम जारी करने के बाद शनिवार को चयनित युवाओं के मेडिकल भी शुरू हो गए हैं। नागरिक अस्पताल में शनिवार को मेडिकल कराने के लिए युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। अमर उजाला की टीम ने जब व्यवस्थाओं की पड़ताल की तो मालूम चला कि अभ्यर्थियों के लिए उचित व्यवस्था नहीं की गई थी। अभ्यर्थियों की मदद के लिए न तो कोई हेल्प डेस्क बनाया गया था और न ही पीने के लिए पानी की व्यवस्था की गई थी।एक अभ्यर्थी को मेडिकल करवाने में चार से पांच घंटे लग रहे थे।
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इस दौरान अनिल ने बताया कि वह बेटी का ग्रुप-डी का मेडिकल करवाने के लिए आए हैं। तीन घंटे से सीएमओ कार्यालय की तरफ से फाइल ही बाहर नहीं आई। अजय ने बताया कि वह अपने भाई का मेडिकल करवाने के लिए आया था। साढ़े 3 घंटे होने पर भी फाइल अंदर ही अटकी रही। कुल मिलाकर एक अभ्यर्थी को मेडिकल करवाने में चार से पांच घंटे लग रहे थे। वहीं करीब 600 युवा मेडिकल करवाने के लिए आए थे। शाम 5 बजे तक 250 अभ्यर्थियों का ही मेडिकल हो पाया है।
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सीएमओ कार्यालय में हस्ताक्षर करवाने में लग रहे थे दो से तीन घंटे

अभ्यर्थी मेडिकल करवाने के लिए सुबह 8 बजे ही सीएमओ कार्यालय के बाहर फाइल लेकर पहुंच गए थे। वहीं सीएमओ कार्यालय से फाइल पर हस्ताक्षर करवाने में ही 2 से 3 घंटे लग रहे थे। जिन अभ्यर्थियों ने फाइल 9 बजे जमा कराई थी, उनका नंबर दोपहर 11 से 12 से बजे के बीच में आया। इससे अभ्यर्थी परेशान हो रहे थे।
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फाइल देकर अभ्यर्थियों को बोला पीएमओ के पास जाओ, जबकि वहां पर नहीं होने थे साइन

पड़ताल में मालूम चला कि सीएमओ कार्यालय से फाइल पर हस्ताक्षर होने के बाद अभ्यर्थियों की असली परीक्षा शुरू होती है। क्योंकि उसके बाद ही मेडिकल होता है। फाइल को लेकर अभ्यर्थियों को अस्पताल के अंदर जाना पड़ता है। कोई हेल्पडेस्क नहीं थी। अभ्यर्थियों को बस यही जानकारी दी गई थी कि पीएमओ के पास जाना होगा। वहां पर जाकर पता चलता है कि उन्हें अकाउंट ब्रांच में जाना पड़ेगा। अकाउंट ब्रांच के बाहर कोई भी बोर्ड नहीं लगा था। ऐसे में अभ्यर्थी अस्पताल में ही 1 से 2 घंटे तक भटकते रहे। इसके बाद मालूम चलता है कि हस्ताक्षर अकाउंट ब्रांच में होंगे।

इंसेट

अतिरिक्त स्टाफ की नहीं की गई थी तैनाती

अकाउंट ब्रांच में हस्ताक्षर करवाने के बाद अभ्यर्थियों को एक्सरे कक्ष, ईसीजी कक्ष, नेत्र रोग कक्ष, टीबी रोग विशेषज्ञ, खून जांच, यूरिन जांच लैब में जाना पड़ता है। सभी कक्ष के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ लगी हुई थी। जांच के लिए घंटाें इंतजार करना पड़ रहा था। इसका कारण यह था कि अस्पताल प्रशासन की तरफ से अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती नहीं की गई थी। मेडिकल कराने के बाद फिर सीएमओ कार्यालय हस्ताक्षर करवाने के लिए जाना पड़ता है।
वर्जन


पहले दिन शाम 5 बजे तक करीब 250 चयनितों का मेडिकल हुआ है। आज भी मेडिकल की प्रक्रिया चलेगी।-डॉक्टर सुरेंद्र यादव, सीएमओ
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