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कोयले
Updated Thu, 17 May 2018 01:12 AM IST
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कोयले से लदी मालगाड़ी की चाबी नहीं मिली, बावल स्टेशन पर अटकी गाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
बावल।
मथुरा से चलकर झाड़ली थर्मल पॉवर प्लांट को जाने वाली कोयले से लदी खड़ी मालगाड़ी बुधवार सुबह से अचरज का विषय बनी हुई है। दरअसल इस ट्रेन की चाबी नहीं मिल पाई है। इस वजह से बावल से इसे आगे ले जाने वाला स्टाफ परेशान है। मालगाड़ी छोड़कर गया मथुरा का स्टाफ चाबी के बारे में कुछ बताकर नहीं गया। इसके बाद से यह मालगाड़ी बावल स्टेशन पर ही खड़ी हुई है। फिलहाल ट्रेन के नहीं चलने से रसियावास फाटक भी बंद हो गया है। इस कारण कई गांवों के लोग परेशान हैं।
मथुरा से अलवर के रास्ते झाड़ली प्लांट को जाने वाली 60 वैगन वाली मालगाड़ी को मथुरा डिविजन का लोको पायलट और गार्ड सुबह 10 बजे बावल स्टेशन पर छोड़कर गया था। इसके बाद मालगाड़ी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी रेवाड़ी स्टाफ की थी। मथुरा का स्टाफ मालगाड़ी खड़ी तो करके चला गया तो लेकिन इंजन की चाबी के बारे में किसी को नहीं बताया। वह चाबी बावल स्टेशन पर रखकर चला गया अथवा साथ ले गया, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। इसके बाद जब सुबह 11 बजे रेवाड़ी का स्टाफ मालगाड़ी को झाड़ली प्लांट तक ले जाने के आया तो वहां पर मालगाड़ी की चाबी नहीं मिली। इसके बाद लोको पायलट अखिलेश शर्मा और गार्ड धर्मपाल चाबी को लेकर खूब मशक्कत करते रहे लेकिन चाबी नहीं मिली। इसके बाद वहां के लोको पायलट से संपर्क साधने का प्रयास किया गया लेकिन उससे भी बातचीत नहीं हो पाई। इसके कारण यह मालगाड़ी बावल के रसियावास फाटक पर खड़ी हो गई। इस कारण फाटक नंबर 70 से भी आवागमन बंद हो गया। सुबह से शाम तक जब फाटक नहीं खुला तो लोग परेशान होकर स्टेशन मास्टर के पहुंचे लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। फाटक के बंद होने के कारण रसियावास सहित राजस्थान के सांचौद सहित अन्य गांवों का रास्ता भी बंद हो गया जिसके बाद वाहन चालकों को दूसरे रास्ते से जाना पड़ा।
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मथुरा का स्टाफ मालगाड़ी की चाबी मुझे देकर नहीं गया तथा न ही उनसे संपर्क हो पा रहा है। इस कारण यह स्थिति पैदा हो गई है। अब पूरे मामले से जयपुर मुख्यालय को अवगत कराया गया है। दूसरी चाबी मंगाकर ही मालगाड़ी को आगे भेजा जाएगा। - सीपी यादव, स्टेशन मास्टर बावल।
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अमर उजाला ब्यूरो
बावल।
मथुरा से चलकर झाड़ली थर्मल पॉवर प्लांट को जाने वाली कोयले से लदी खड़ी मालगाड़ी बुधवार सुबह से अचरज का विषय बनी हुई है। दरअसल इस ट्रेन की चाबी नहीं मिल पाई है। इस वजह से बावल से इसे आगे ले जाने वाला स्टाफ परेशान है। मालगाड़ी छोड़कर गया मथुरा का स्टाफ चाबी के बारे में कुछ बताकर नहीं गया। इसके बाद से यह मालगाड़ी बावल स्टेशन पर ही खड़ी हुई है। फिलहाल ट्रेन के नहीं चलने से रसियावास फाटक भी बंद हो गया है। इस कारण कई गांवों के लोग परेशान हैं।
मथुरा से अलवर के रास्ते झाड़ली प्लांट को जाने वाली 60 वैगन वाली मालगाड़ी को मथुरा डिविजन का लोको पायलट और गार्ड सुबह 10 बजे बावल स्टेशन पर छोड़कर गया था। इसके बाद मालगाड़ी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी रेवाड़ी स्टाफ की थी। मथुरा का स्टाफ मालगाड़ी खड़ी तो करके चला गया तो लेकिन इंजन की चाबी के बारे में किसी को नहीं बताया। वह चाबी बावल स्टेशन पर रखकर चला गया अथवा साथ ले गया, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। इसके बाद जब सुबह 11 बजे रेवाड़ी का स्टाफ मालगाड़ी को झाड़ली प्लांट तक ले जाने के आया तो वहां पर मालगाड़ी की चाबी नहीं मिली। इसके बाद लोको पायलट अखिलेश शर्मा और गार्ड धर्मपाल चाबी को लेकर खूब मशक्कत करते रहे लेकिन चाबी नहीं मिली। इसके बाद वहां के लोको पायलट से संपर्क साधने का प्रयास किया गया लेकिन उससे भी बातचीत नहीं हो पाई। इसके कारण यह मालगाड़ी बावल के रसियावास फाटक पर खड़ी हो गई। इस कारण फाटक नंबर 70 से भी आवागमन बंद हो गया। सुबह से शाम तक जब फाटक नहीं खुला तो लोग परेशान होकर स्टेशन मास्टर के पहुंचे लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। फाटक के बंद होने के कारण रसियावास सहित राजस्थान के सांचौद सहित अन्य गांवों का रास्ता भी बंद हो गया जिसके बाद वाहन चालकों को दूसरे रास्ते से जाना पड़ा।
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मथुरा का स्टाफ मालगाड़ी की चाबी मुझे देकर नहीं गया तथा न ही उनसे संपर्क हो पा रहा है। इस कारण यह स्थिति पैदा हो गई है। अब पूरे मामले से जयपुर मुख्यालय को अवगत कराया गया है। दूसरी चाबी मंगाकर ही मालगाड़ी को आगे भेजा जाएगा। - सीपी यादव, स्टेशन मास्टर बावल।
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