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Rewari News: पांच दिन में 750 रजिस्ट्री अटकी, 10 करोड़ का राजस्व नुकसान
Wed, 10 Jan 2024 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 10 Jan 2024 12:05 AM IST
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लघु सचिवालय के पास धरने पर बैठे पटवारी। संवाद
रेवाड़ी। पटवारी और कानूनगो पांच दिन से लघु सचिवालय के पास धरना दे रहे हैं। 10 जनवरी को धरने का अंतिम दिन होगा। पटवारियों ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो यह धरना आगे भी बढ़ सकता है। रेवाड़ी के विधायक चिरंजीव राव, सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान धनराज, सुमित्रा देवी व पीडब्ल्यूडी से राजेंद्र सिंह व अन्य सामाजिक व कर्मचारी संगठनों के लोगों ने धरनास्थल पर पहुंचकर उनको समर्थन दिया। जिला प्रधान बलजीत यादव और जिला सचिव रणबीर यादव ने समर्थन के लिए लोगों का धन्यवाद किया। पटवारियों ने कहा कि धरने का 10 जनवरी को अंतिम दिन है। फिर भी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
दूसरी तरफ पटवारियों और कानूनगो के हड़ताल पर जाने की वजह से बहुत कम लोग ही कार्य के लिए पहुंच रहे हैं। फिलहाल हड़ताल के कारण जमीन पैमाइश, भूमि रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, फसलों की वेरिफिकेशन, डोमिसाइल, जाति, रिहायशी प्रमाण पत्र से संबंधित काम नहीं हो रहे हैं। प्रमाण पत्र बनने से पहले पटवारियों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। जिले के 67 पटवारी और 16 कानूनगो हड़ताल पर हैं। पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल की वजह से रोजाना करीब 2 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जिले में रोजाना 150 के आसपास रजिस्ट्री होती है। धरने को 5 दिन हो चुके हैं। इस प्रकार 750 रजिस्ट्री और 10 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो चुका है।
पटवारियों की मांगें
धरने पर बैठे यूनियन के सदस्यों ने कहा कि जो नया वेतनमान सरकार ने 32100 लागू किया है, यह 1 जनवरी 2016 से नोशनली व जनवरी 2023 से वास्तविक रूप से लागू किया जाए। पिछले साल मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वेतनमान बढ़ाने का जो वादा किया था उसको पूर्ण रूप से अमलीजामा पहनाया जाए। उन्होंने सरकार से मांग की कि मांगों को जल्द पूरा किया जाए।
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दूसरी तरफ पटवारियों और कानूनगो के हड़ताल पर जाने की वजह से बहुत कम लोग ही कार्य के लिए पहुंच रहे हैं। फिलहाल हड़ताल के कारण जमीन पैमाइश, भूमि रिकॉर्ड, रजिस्ट्री, फसलों की वेरिफिकेशन, डोमिसाइल, जाति, रिहायशी प्रमाण पत्र से संबंधित काम नहीं हो रहे हैं। प्रमाण पत्र बनने से पहले पटवारियों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। जिले के 67 पटवारी और 16 कानूनगो हड़ताल पर हैं। पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल की वजह से रोजाना करीब 2 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जिले में रोजाना 150 के आसपास रजिस्ट्री होती है। धरने को 5 दिन हो चुके हैं। इस प्रकार 750 रजिस्ट्री और 10 करोड़ के राजस्व का नुकसान हो चुका है।
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पटवारियों की मांगें
धरने पर बैठे यूनियन के सदस्यों ने कहा कि जो नया वेतनमान सरकार ने 32100 लागू किया है, यह 1 जनवरी 2016 से नोशनली व जनवरी 2023 से वास्तविक रूप से लागू किया जाए। पिछले साल मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वेतनमान बढ़ाने का जो वादा किया था उसको पूर्ण रूप से अमलीजामा पहनाया जाए। उन्होंने सरकार से मांग की कि मांगों को जल्द पूरा किया जाए।
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