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पुलिस बोली हो गया निपटारा, मंत्री ने फरियादी को लगाया फोन, महिला बोली मुझे निपटारे की जानकारी नहीं, पुलिस जांच से भी नहीं हूं खुश
Updated Sat, 04 Aug 2018 01:17 AM IST
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पुलिस बोली हो गया निपटारा, मंत्री ने फरियादी को लगाया फोन, महिला बोली मुझे निपटारे की जानकारी नहीं, पुलिस जांच से भी नहीं हूं खुश
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में उस समय सन्नाटा छा गया जब मारपीट के एक मामले में शिकायतकर्ता महिला को फोन लगा दिया। फोन लगाने के बाद महिला ने मामले में पुलिस की सच्चाई बयां कर दी जिसके बाद मंत्री बैठक में पुलिस पर उखड़ गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारी को मामले की दोबारा जांच करने के साथ अगली बैठक परिवादी को लेकर आने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को बाल भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री विपुल गोयल हमेशा की तरह कड़े तेवर में नजर आए। अधिकारियों द्वारा कई कामों में अनावश्यक देरी के लिए उन्होंने अधिकारियों को फटकार भी लगाई। काम को निपटाने के लिए शॉर्ट पीरियड फिक्स कर अधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी। बैठक में ज्यादातर शिकायतों में अधिकारियों की लापरवाही की सामने आई। गांव गुर्जर माजरी की निवासी मंजू देवी ने मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा सही जांच नहीं करने का परिवाद दायर किया था। शुक्रवार को आयोजित बैठक में पुलिस ने इस परिवाद का समाधान दिखा दिया जबकि शिकायतकर्ता महिला को नहीं बुलाया। इसके बाद मंत्री संतुष्ट नहीं हुए तो उन्होंने महिला से फोन पर बातचीत की। महिला का कहना था कि उनको इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस की इस जांच से भी संतुष्ट नहीं हैं। इसके बाद उद्योग मंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर कर पुलिस अधिकारियों से कहा कि इस मामले को अगली बैठक में रखें और परिवादी को लेकर आएं।
गांव शाहपुर के राजबीर को दो साल से पीडीएस के माध्यम से राशन नहीं मिलने पर मंत्री विपुल गोयल ने खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अशोक कुमार को तलब किया। उन्होंने कहा कि दो साल से गरीब को राशन नहीं दिया जाना बेहद गलत है। जब नियंत्रक अशोक कुमार ने कहा कि उसका आधार कार्ड लिंक नहीं हुआ है, इसलिए राशन अलॉट नहीं हो रहा है तो मंत्री उखड़ गए। उन्होंने कहा कि विभाग को इस संबंध में स्वयं पहल करनी चाहिए थी। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले तीन दिनों में शिकायतकर्ता के राशन को लेकर उन्हें रिपोर्ट दें। गांव नेहरूगढ़ की 20-30 महिलाओं की पेंशन कटने का मामला परिवादी ने मीटिंग में उठाया। परिवादी ने कहा कि विभाग ने बिना सर्वे और जांच कराए महिलाओं की पेंशन काट दी, जबकि कुछ महिलाएं ऐसी है, जो बैंक तक जाने में असमर्थ है। मंत्री ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को मौके पर बुलाकर जानकारी मांगी। अधिकारी ने बताया कि शिकायत करने पर पेंशन काटी गई। मंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए।
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गांव भाकली-2 में पैसे आने के बाद भी दो साल से टेंडर नहीं होने से विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। इस मुद्दे पर उपायुक्त अशोक शर्मा व कोसली के विधायक बिक्रम सिंह यादव में हलकी बहस हुई। विधायक ग्रामीणों की वकालत करते नजर आए, जबकि डीसी ने काम नहीं होने का लीगल पक्ष रखा। डीसी ने संबंधित अधिकारी के हवाले से यह कहा कि दो बार टेंडर हो चुके हैं, लेकिन कोई लेने नहीं आने से काम रुका हुआ है। विपुल गोयल ने डीसी को निर्देश दिए कि वह इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखें।
शहर के मोहल्ला संघी का बास के लोगों ने समाज के एक मंदिर-हॉस्टल का मामला उठाया। एडवोकेट एवं ग्रिवेंस कमेटी के सदस्य नरेंद्र पीपल ने कहा कि लाखों की सरकारी ग्रांट आती है, जिसका आज तक कोई हिसाब नहीं है। कुछ लोग दादागिरी से मंदिर चला रहे हैं। रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी उनकी बातें सुनने को तैयार नहीं है। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया तथा रजिस्ट्रार को फटकार लगाई। उन्होंने रजिस्ट्रार को अगले तीन दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बैठक समाप्त होने के बाद मंत्री विपुल गोयल ने खड़े-खड़े ही लोगों की शिकायतें सुनी। बैठक खत्म होने के बाद जब मंत्री उठ गए तो लोग अपना समस्या को लेकर चिल्लाने लगे। लोगों ने कहा कि उनकी समस्या है, जिन्हें सुनने वाला कोई नहीं है। मंत्री लोगों के निकट आए तथा उनकी समस्या को खड़े-खड़े ही सुना।
अपनी ही पार्टी के मंडल अध्यक्ष को मंत्री ने दिया ज्ञान
गांव बिठवाना निवासी एवं भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुंदरलाल बिठवाना ने गांव में कराए विभिन्न कार्यों के लिए जहां प्रशासन का धन्यवाद किया, वहीं गांव के पांच ट्यूबवेल पर वोल्टेज कम आने की शिकायत रखी। यह भी कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए वे चंडीगढ़ तक जा चुके हैं, लेकिन अभी तक ज्यों की त्यों बनी हुई है। वोल्टेज कम होने से किसानों को खेती में अड़चन आ रही है। इससे पूर्व उन्होंने जब यह कहा कि नए डीसी व एसपी पहली बार ग्रिवेंस कमेटी की बैठक में दिखाए दिए हैं तो मंत्री ने उन्हें ज्ञान देते हुए बताया कि डीसी कोई भी हो, मुख्य चेयर होती है और हर मीटिंग में डीसी बैठे होते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में उस समय सन्नाटा छा गया जब मारपीट के एक मामले में शिकायतकर्ता महिला को फोन लगा दिया। फोन लगाने के बाद महिला ने मामले में पुलिस की सच्चाई बयां कर दी जिसके बाद मंत्री बैठक में पुलिस पर उखड़ गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारी को मामले की दोबारा जांच करने के साथ अगली बैठक परिवादी को लेकर आने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को बाल भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री विपुल गोयल हमेशा की तरह कड़े तेवर में नजर आए। अधिकारियों द्वारा कई कामों में अनावश्यक देरी के लिए उन्होंने अधिकारियों को फटकार भी लगाई। काम को निपटाने के लिए शॉर्ट पीरियड फिक्स कर अधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी। बैठक में ज्यादातर शिकायतों में अधिकारियों की लापरवाही की सामने आई। गांव गुर्जर माजरी की निवासी मंजू देवी ने मारपीट के मामले में पुलिस द्वारा सही जांच नहीं करने का परिवाद दायर किया था। शुक्रवार को आयोजित बैठक में पुलिस ने इस परिवाद का समाधान दिखा दिया जबकि शिकायतकर्ता महिला को नहीं बुलाया। इसके बाद मंत्री संतुष्ट नहीं हुए तो उन्होंने महिला से फोन पर बातचीत की। महिला का कहना था कि उनको इसकी जानकारी नहीं है। पुलिस की इस जांच से भी संतुष्ट नहीं हैं। इसके बाद उद्योग मंत्री ने कड़ी नाराजगी जाहिर कर पुलिस अधिकारियों से कहा कि इस मामले को अगली बैठक में रखें और परिवादी को लेकर आएं।
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गांव शाहपुर के राजबीर को दो साल से पीडीएस के माध्यम से राशन नहीं मिलने पर मंत्री विपुल गोयल ने खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अशोक कुमार को तलब किया। उन्होंने कहा कि दो साल से गरीब को राशन नहीं दिया जाना बेहद गलत है। जब नियंत्रक अशोक कुमार ने कहा कि उसका आधार कार्ड लिंक नहीं हुआ है, इसलिए राशन अलॉट नहीं हो रहा है तो मंत्री उखड़ गए। उन्होंने कहा कि विभाग को इस संबंध में स्वयं पहल करनी चाहिए थी। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले तीन दिनों में शिकायतकर्ता के राशन को लेकर उन्हें रिपोर्ट दें। गांव नेहरूगढ़ की 20-30 महिलाओं की पेंशन कटने का मामला परिवादी ने मीटिंग में उठाया। परिवादी ने कहा कि विभाग ने बिना सर्वे और जांच कराए महिलाओं की पेंशन काट दी, जबकि कुछ महिलाएं ऐसी है, जो बैंक तक जाने में असमर्थ है। मंत्री ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को मौके पर बुलाकर जानकारी मांगी। अधिकारी ने बताया कि शिकायत करने पर पेंशन काटी गई। मंत्री ने मामले की जांच के आदेश दिए।
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गांव भाकली-2 में पैसे आने के बाद भी दो साल से टेंडर नहीं होने से विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। इस मुद्दे पर उपायुक्त अशोक शर्मा व कोसली के विधायक बिक्रम सिंह यादव में हलकी बहस हुई। विधायक ग्रामीणों की वकालत करते नजर आए, जबकि डीसी ने काम नहीं होने का लीगल पक्ष रखा। डीसी ने संबंधित अधिकारी के हवाले से यह कहा कि दो बार टेंडर हो चुके हैं, लेकिन कोई लेने नहीं आने से काम रुका हुआ है। विपुल गोयल ने डीसी को निर्देश दिए कि वह इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखें।
शहर के मोहल्ला संघी का बास के लोगों ने समाज के एक मंदिर-हॉस्टल का मामला उठाया। एडवोकेट एवं ग्रिवेंस कमेटी के सदस्य नरेंद्र पीपल ने कहा कि लाखों की सरकारी ग्रांट आती है, जिसका आज तक कोई हिसाब नहीं है। कुछ लोग दादागिरी से मंदिर चला रहे हैं। रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी उनकी बातें सुनने को तैयार नहीं है। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया तथा रजिस्ट्रार को फटकार लगाई। उन्होंने रजिस्ट्रार को अगले तीन दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बैठक समाप्त होने के बाद मंत्री विपुल गोयल ने खड़े-खड़े ही लोगों की शिकायतें सुनी। बैठक खत्म होने के बाद जब मंत्री उठ गए तो लोग अपना समस्या को लेकर चिल्लाने लगे। लोगों ने कहा कि उनकी समस्या है, जिन्हें सुनने वाला कोई नहीं है। मंत्री लोगों के निकट आए तथा उनकी समस्या को खड़े-खड़े ही सुना।
अपनी ही पार्टी के मंडल अध्यक्ष को मंत्री ने दिया ज्ञान
गांव बिठवाना निवासी एवं भाजपा के मंडल अध्यक्ष सुंदरलाल बिठवाना ने गांव में कराए विभिन्न कार्यों के लिए जहां प्रशासन का धन्यवाद किया, वहीं गांव के पांच ट्यूबवेल पर वोल्टेज कम आने की शिकायत रखी। यह भी कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए वे चंडीगढ़ तक जा चुके हैं, लेकिन अभी तक ज्यों की त्यों बनी हुई है। वोल्टेज कम होने से किसानों को खेती में अड़चन आ रही है। इससे पूर्व उन्होंने जब यह कहा कि नए डीसी व एसपी पहली बार ग्रिवेंस कमेटी की बैठक में दिखाए दिए हैं तो मंत्री ने उन्हें ज्ञान देते हुए बताया कि डीसी कोई भी हो, मुख्य चेयर होती है और हर मीटिंग में डीसी बैठे होते हैं।