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वाहनों के लिए करना पड़ता है घंटों इंतजार
Updated Thu, 21 Dec 2017 12:15 AM IST
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वाहनों के लिए करना पड़ता है घंटों इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
कोसली।
कोसली-कनीना सड़क मार्ग पर बसें नहीं चलने से अब छात्राएं भी आक्रोशित होने लगी हैं। इनका कहना है कि वाहनों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद भी समस्याएं कम नहीं होती। कोसली-कनीना मार्ग पर बसें नहीं चलने से छात्राओं को मजबूरी में अवैध वाहनों में लटककर यात्रा करनी पड़ती है। ऐेसे में उनके साथ छेड़खानी का भी डर लगा रहता है। इसी भय से छात्राएं अन्य वाहन के इंतजार में घंटों कॉलेज के बाहर इंतजार करती रहती हैं। इससे उनको बहुत देर हो जाती है। छात्राओं का कहना है कि अगर रोडवेज की बस चल जाए तो सारी समस्याएं ही हल हो जाए। इससे घर तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि कोसली-कनीना सड़क मार्ग पर रोडवेज की बसों के नहीं चलने से छात्राओं को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन छात्राओं की इसी समस्याओं को लेकर अमर उजाला ने संकट में पढ़ाई शीर्षक से अभियान चलाया है। इसमें कोसली-कनीना सड़क मार्ग पर रोडवेज की बसों के अभाव में आ रही समस्याओं से रूबरू कराया जा रहा है।
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बसें नहीं चलने से घंटों इंतजार करना पड़ता है। इससे घर पहुंचने में भी देरी हो जाती है। परिजन भी इंतजार करते रहते हैं। - मोनिका, छात्रा
अवैध वाहनों में सवारियां ठूंसी रहती हैं। मजबूरी में इनमें बैठते हैं। डर भी लगा रहता है। - पूनम, छात्रा
इस मार्ग पर रोडवेज बस चलाना हमारा हक है। इसे चलाकर ही मानेंगे। नहीं तो अब आंदोलन होगा। - पूजा, छात्रा
अब तो बस चलवाकर ही मानेगा। प्रशासन को चेतावनी भी दे दी है। नहीं तो सड़क पर ही बैठ जाएंगे। - रितु, छात्रा
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अमर उजाला ब्यूरो
कोसली।
कोसली-कनीना सड़क मार्ग पर बसें नहीं चलने से अब छात्राएं भी आक्रोशित होने लगी हैं। इनका कहना है कि वाहनों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद भी समस्याएं कम नहीं होती। कोसली-कनीना मार्ग पर बसें नहीं चलने से छात्राओं को मजबूरी में अवैध वाहनों में लटककर यात्रा करनी पड़ती है। ऐेसे में उनके साथ छेड़खानी का भी डर लगा रहता है। इसी भय से छात्राएं अन्य वाहन के इंतजार में घंटों कॉलेज के बाहर इंतजार करती रहती हैं। इससे उनको बहुत देर हो जाती है। छात्राओं का कहना है कि अगर रोडवेज की बस चल जाए तो सारी समस्याएं ही हल हो जाए। इससे घर तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि कोसली-कनीना सड़क मार्ग पर रोडवेज की बसों के नहीं चलने से छात्राओं को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन छात्राओं की इसी समस्याओं को लेकर अमर उजाला ने संकट में पढ़ाई शीर्षक से अभियान चलाया है। इसमें कोसली-कनीना सड़क मार्ग पर रोडवेज की बसों के अभाव में आ रही समस्याओं से रूबरू कराया जा रहा है।
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बसें नहीं चलने से घंटों इंतजार करना पड़ता है। इससे घर पहुंचने में भी देरी हो जाती है। परिजन भी इंतजार करते रहते हैं। - मोनिका, छात्रा
अवैध वाहनों में सवारियां ठूंसी रहती हैं। मजबूरी में इनमें बैठते हैं। डर भी लगा रहता है। - पूनम, छात्रा
इस मार्ग पर रोडवेज बस चलाना हमारा हक है। इसे चलाकर ही मानेंगे। नहीं तो अब आंदोलन होगा। - पूजा, छात्रा
अब तो बस चलवाकर ही मानेगा। प्रशासन को चेतावनी भी दे दी है। नहीं तो सड़क पर ही बैठ जाएंगे। - रितु, छात्रा