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एमडी आईं और बाजरे की खरीद के आदेश देकर चली गईं, अधिकारी भी चलते बने
Updated Sun, 08 Oct 2017 12:03 AM IST
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एमडी आईं और बाजरे की खरीद के आदेश देकर चली गईं, अधिकारी भी चलते बने
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। एक अक्तूबर से समर्थन मूल्य पर बाजरे की सरकारी खरीद के आदेश के छह दिन बीतने पर भी जब रेवाड़ी में समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू नहीं हुई तो आखिरकार हैफेड की मैनेजिंग डायरेक्टर सुप्रदा दहिया को रेवाड़ी आना पड़ा। यहां उन्होंने सभी के सामने अधिकारियों को बाजरे की खरीद के निर्देश दिए। एक बार तो किसानों को खरीद की उम्मीद भी जगी। लेकिन एमडी के निकलते ही उनके पीछे-पीछे अधिकारी भी चले गए। ऐसे में रेवाड़ी की अनाज मंडी में फिर समर्थन मूल्य पर बाजरा नहीं बिक सका।
पानी की कमी के चलते दक्षिण हरियाणा में किसान बाजरा बोते हैं। इस बार भी करीब पौने दो लाख क्विंटल बाजरे का उत्पादन हुआ। पहले समर्थन मूल्य पर इसकी बिक्री की तिथि एक अक्तूबर से रखी गई। हालांकि यह तिथि पहले से ही देरी से रखी गई। क्योंकि बाजरा मुख्य रूप से जून में बोकर सितंबर तक काट लिया जाता है। ऐेसे में इस तिथि पहले ही किसान अपना तीन चौथाई बाजरा बेच चुके थे। इसके बाद भी निश्चित तिथि पर भी बाजरे की खरीद नहीं होने पर किसान हताश हो गए।
इसके बाद शनिवार को हैफेड की एमडी खुद समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू कराने अनाज मंडी पहुंची। यहां उन्होंने हैफेड अधिकारियों को बाजरे की खरीद के आदेश दिए। किसानों ने भी आढ़तियों की फड़ पर भी ढेरी लगा दी। एमडी के पीछे-पीछे अधिकारी भी चले गए। लेकिन शाम तक रेवाड़ी की अनाज मंडी में बाजरा नहीं बिक सका।
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विरोध में उतरे व्यापारी
अब मंडी के व्यापारी ही हैफेड का मुखर विरोध करने पर उतर गए हैं। व्यापारियों ने कहा हमारी मांग है कि या तो बाजरा हैफेड अपने प्वाइंट पर ले। जैसे सरसों ली थी। या फिर पेमेंट आढ़तियों के खाते में कराए। उन्होंने कहा कि पहले तो एमडी ने मांग मान ली। लेकिन बाद में वे मुकर गईं। ऐसे ही शनिवार को भी सभी अधिकारी एमडी के साथ चले गए। जमींदार अपना बाजरा रखवाकर चले गए।
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कोसली में हुई खरीदारी
एक ओर जहां रेवाड़ी की अनाज मंडी में बाजरे की समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं हो सकी। वहीं कोसली की मंडी में हैफेड की ओर से यहां खरीद की गई। जिससे किसान कुछ हद तक खुश दिखे। हालांकि हैफेड अपने पुराने नियम के आधार पर ही बाजरा खरीद रहा है।
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एमडी खरीद के आदेश देकर चली गईं। उनके पीछे हैफेड अधिकारी भी चलते बनते। खरीद नहीं हुई है। हम अब इसके लिए सोमवार को उपायुक्त से मिलेंगे।
राधेश्याम मित्तल, प्रधान, नई अनाज मंडी व्यापार मंडल
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कोसली में समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू करा दी है। चार बजे तक 1800 कट्टे बाजरा खरीदा जा चुका है। रेवाड़ी में खरीद के प्रयास किए जा रहे हैं।
राजेश पटेल, डीएम, हैफेड
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। एक अक्तूबर से समर्थन मूल्य पर बाजरे की सरकारी खरीद के आदेश के छह दिन बीतने पर भी जब रेवाड़ी में समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू नहीं हुई तो आखिरकार हैफेड की मैनेजिंग डायरेक्टर सुप्रदा दहिया को रेवाड़ी आना पड़ा। यहां उन्होंने सभी के सामने अधिकारियों को बाजरे की खरीद के निर्देश दिए। एक बार तो किसानों को खरीद की उम्मीद भी जगी। लेकिन एमडी के निकलते ही उनके पीछे-पीछे अधिकारी भी चले गए। ऐसे में रेवाड़ी की अनाज मंडी में फिर समर्थन मूल्य पर बाजरा नहीं बिक सका।
पानी की कमी के चलते दक्षिण हरियाणा में किसान बाजरा बोते हैं। इस बार भी करीब पौने दो लाख क्विंटल बाजरे का उत्पादन हुआ। पहले समर्थन मूल्य पर इसकी बिक्री की तिथि एक अक्तूबर से रखी गई। हालांकि यह तिथि पहले से ही देरी से रखी गई। क्योंकि बाजरा मुख्य रूप से जून में बोकर सितंबर तक काट लिया जाता है। ऐेसे में इस तिथि पहले ही किसान अपना तीन चौथाई बाजरा बेच चुके थे। इसके बाद भी निश्चित तिथि पर भी बाजरे की खरीद नहीं होने पर किसान हताश हो गए।
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इसके बाद शनिवार को हैफेड की एमडी खुद समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू कराने अनाज मंडी पहुंची। यहां उन्होंने हैफेड अधिकारियों को बाजरे की खरीद के आदेश दिए। किसानों ने भी आढ़तियों की फड़ पर भी ढेरी लगा दी। एमडी के पीछे-पीछे अधिकारी भी चले गए। लेकिन शाम तक रेवाड़ी की अनाज मंडी में बाजरा नहीं बिक सका।
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विरोध में उतरे व्यापारी
अब मंडी के व्यापारी ही हैफेड का मुखर विरोध करने पर उतर गए हैं। व्यापारियों ने कहा हमारी मांग है कि या तो बाजरा हैफेड अपने प्वाइंट पर ले। जैसे सरसों ली थी। या फिर पेमेंट आढ़तियों के खाते में कराए। उन्होंने कहा कि पहले तो एमडी ने मांग मान ली। लेकिन बाद में वे मुकर गईं। ऐसे ही शनिवार को भी सभी अधिकारी एमडी के साथ चले गए। जमींदार अपना बाजरा रखवाकर चले गए।
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कोसली में हुई खरीदारी
एक ओर जहां रेवाड़ी की अनाज मंडी में बाजरे की समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं हो सकी। वहीं कोसली की मंडी में हैफेड की ओर से यहां खरीद की गई। जिससे किसान कुछ हद तक खुश दिखे। हालांकि हैफेड अपने पुराने नियम के आधार पर ही बाजरा खरीद रहा है।
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एमडी खरीद के आदेश देकर चली गईं। उनके पीछे हैफेड अधिकारी भी चलते बनते। खरीद नहीं हुई है। हम अब इसके लिए सोमवार को उपायुक्त से मिलेंगे।
राधेश्याम मित्तल, प्रधान, नई अनाज मंडी व्यापार मंडल
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कोसली में समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू करा दी है। चार बजे तक 1800 कट्टे बाजरा खरीदा जा चुका है। रेवाड़ी में खरीद के प्रयास किए जा रहे हैं।
राजेश पटेल, डीएम, हैफेड