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मुआयना करने गए अधिकारी बोले, आया पानी फसलों के लिए लाभदायक

Wed, 05 Sep 2018 12:54 AM IST
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:54 AM IST
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मुआयना करने गए अधिकारी बोले, आया पानी फसलों के लिए लाभदायक
खोल। राजस्थान की तरफ से आए बरसाती पानी से जलमग्न मूंदी गांव के खेतों का मंगलवार को डहीना उप तहसील के नायब तहसीलदार और गिरदावर ने मुआयना किया। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की और कहा कि यह पानी राजस्थान का नहीं है अपितु ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों से आया है। इस पानी से फसलों को नुकसान नहीं, बल्कि लाभ होगा। दूसरी तरफ कृषि अधिकारियों का कहना है कि फसलों में ज्यादा पानी नुकसानदायक है। इधर किसानों की पुरानी बात दोहराकर इस समस्या को वर्षों पुरानी बताया।
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रविवार को हुई बरसात के बाद गांव मूंदी सहित क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के खेतों में करीब 300 एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई थी। इससे किसानों को अपनी फसल को लेकर चिंता हो गई। किसानों ने इस पानी को राजस्थान से प्रतिवर्ष आने वाला बताकर कहा था कि वर्षों पुरानी इस समस्या से वाकिफ होकर भी प्रशासन ने समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। इस समाचार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मंगलवार को समाचार पढ़ने के बाद डहीना उप-तहसील के नायब तहसीलदार कन्हैया लाल और गिरदावर सत्यवीर सिंह गांव मूंदी पहुंचे। उन्होंने खेतों का मुआयना करने के बाद किसानों से बातचीत की। दोनों अधिकारियों ने कहा कि यह पानी बरसात का है, जो लगातार हुई बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र से आया है। राजस्थान का पानी नहीं है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह पानी फसल के लिए लाभदायक है। फसलों को पानी से नुकसान नहीं हुआ है, फिर भी होता है तो वे उनके पास लिखित में लेकर आए। इधर किसान महेंद्र सिंह नंबरदार, धर्मबीर सिंह, रामनिवास, जयपाल सिंह, राकेश पंच, सुरेंद्र और अजय ने दोनों अधिकारियों को बताया कि बरसात का पानी खेतों में जमा होने से उनकी बाजरा, कपास व ग्वार की फसल खराब होने के कगार पर है। खेतों में 10 दिनों से पानी जमा है, जो सूखने का नाम ही नहीं ले रहा है। अगर इसी तरह बरसात होती रही तो रही-सही फसल भी बर्बाद हो जाएगी। किसानों ने यह भी कहा कि हर साल राजस्थान से पानी आता है, इसलिए वे ज्यादातर एक ही फसल उगाते हैं। इस बार किसानों ने यह सोच कर फसलों की बुआई की थी कि शायद प्रशासन ने राजस्थान से आने वाले पानी को रोकने का कोई समाधान किया होगा।
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कृषि विभाग का आकलन अब नुकसान
कृषि विभाग के एसडीओ दीपक यादव का कहना है कि ज्यादा बारिश बाजरे की अगेती और कपास की फसल के लिए नुकसानदायक है। बाजरे की अगेती फसल पकाव पर है। 15 सितंबर तक बाजरे को काटे जाने की संभावना है, लेकिन बारिश के कारण उसमें नुकसान संभव है। इसी प्रकार कपास की फसल की क्यारियों में पानी का जमा होना नुकसानदायक है।
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