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Rewari News: 50 गांवों को मिलेगा टीबी मुक्त पंचायत का अवाॅर्ड
Sat, 23 Mar 2024 03:02 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 23 Mar 2024 03:02 PM IST
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रेवाड़ी। वर्ष 2025 में टीबी मुक्त भारत को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहल की गई है। नई योजना के तहत टीबी फ्री पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत का अवॉर्ड दिया जाएगा। जिले में इस योजना के अंतर्गत 54 गांवों का चयन किया गया था, जिसमें जिला स्तरीय कमेटी की ओर से किए गए निरीक्षण में 50 गांवों में टीबी के मरीज निर्धारित शर्तों के हिसाब से मिले हैं। इन पंचायतों को जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से विश्व क्षय रोग दिवस पर होने वाले कार्यक्रम में जिला उपायुक्त की ओर से टीबी फ्री पंचायत का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
यदि पंचायत लगातार तीन साल तक टीबी मुक्त रहती है तो उसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्वर्ण प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा। पहले वर्ष में इन पंचायतों को महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाएगी। इन पंचायतों के जनवरी में आवेदन भरे गए थे। टीबी मुक्त पंचायतों को विश्व क्षय रोग दिवस पर 24 मार्च को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
चयन के लिए प्रत्येक 1000 लोगों पर हर साल में कम से कम 30 संभावित व्यक्तियों में टीबी की जांच की गई। टीबी की पुष्टि वाले लोगों के सभी संपर्क (उनके साथ घर में रहने वाले लोग, वे लोग जिनके साथ वे काम करते हैं तथा अन्य लोग जिनसे वे नियमित रूप से मिलते हैं आदि) और जोखिम आबादी में रहने वाले लोगों की भी टीबी की जांच की गई।
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बैक्टीरियोलॉजिकल पुष्टि वाले टीबी रोगियों की दवा संवेदनशील परीक्षण (डीएसटी) कराई गई। ऐसे मरीज जिनको टीबी की बीमारी मिली, उनको सही उपचार शीघ्र, नियमित एवं पूरा होना चाहिए। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत प्रत्येक क्षय रोगी को इलाज शुरू होने से इलाज पूरा होने तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता धनराशि का भुगतान भी जरूरी है। निक्षय मित्र और टीबी के मरीज को गोद लेकर उनको अतिरिक्त पोषण सामग्री जांच एवं अन्य प्रकार की सहायता जैसे रोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वहीं डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डॉ. दीपक वर्मा का कहना है कि जिले में 50 पंचायतें हैं। इन पंचायतों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
इंसेट
इम पंचायतों किया टीबी फ्री
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बिठवाना, बुडानी, भूरथल जाट, नयागांव, ढोहकी, घुड़कावास, गिंदोखर, पदैयावास, माजरा गुरदास, कोनसीवास, बांबड़, कुंभावास, पनवाड़, सुबासेड़ी, गुर्जर माजरी, इब्राहिमपुर, खेड़ा मुरार, खातीवास, रणसी माजरा, प्राणपुरा, दुल्हेड़ा खुर्द, मालाहेड़ा, रसगण, डुंगरवास, अलालपुर, कसौली, पौथनवास, पचगांव, बखापुर, खुशींदनगर, मुमताजपुर, जाहिदपुर, छव्वा, बिसोहा, गढ़ी, बास रतनथल, हरजीपुर, बासदुदा, भालखी, मामड़िया ततारपुर, कहाड़ी, ढाणी बाढ़, रोलियावास, रसौली, बोतहवास भोंदू, टहना दीपालपुर, नांगलिया रणमोख, मालियाकी, मुरलीपुर व गाजी गोपालपुर शामिल हैं।
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यदि पंचायत लगातार तीन साल तक टीबी मुक्त रहती है तो उसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्वर्ण प्रतिमा देकर सम्मानित किया जाएगा। पहले वर्ष में इन पंचायतों को महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाएगी। इन पंचायतों के जनवरी में आवेदन भरे गए थे। टीबी मुक्त पंचायतों को विश्व क्षय रोग दिवस पर 24 मार्च को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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चयन के लिए प्रत्येक 1000 लोगों पर हर साल में कम से कम 30 संभावित व्यक्तियों में टीबी की जांच की गई। टीबी की पुष्टि वाले लोगों के सभी संपर्क (उनके साथ घर में रहने वाले लोग, वे लोग जिनके साथ वे काम करते हैं तथा अन्य लोग जिनसे वे नियमित रूप से मिलते हैं आदि) और जोखिम आबादी में रहने वाले लोगों की भी टीबी की जांच की गई।
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बैक्टीरियोलॉजिकल पुष्टि वाले टीबी रोगियों की दवा संवेदनशील परीक्षण (डीएसटी) कराई गई। ऐसे मरीज जिनको टीबी की बीमारी मिली, उनको सही उपचार शीघ्र, नियमित एवं पूरा होना चाहिए। निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत प्रत्येक क्षय रोगी को इलाज शुरू होने से इलाज पूरा होने तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण सहायता धनराशि का भुगतान भी जरूरी है। निक्षय मित्र और टीबी के मरीज को गोद लेकर उनको अतिरिक्त पोषण सामग्री जांच एवं अन्य प्रकार की सहायता जैसे रोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वहीं डिप्टी सिविल सर्जन एवं नोडल अधिकारी डॉ. दीपक वर्मा का कहना है कि जिले में 50 पंचायतें हैं। इन पंचायतों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
इंसेट
इम पंचायतों किया टीबी फ्री
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बिठवाना, बुडानी, भूरथल जाट, नयागांव, ढोहकी, घुड़कावास, गिंदोखर, पदैयावास, माजरा गुरदास, कोनसीवास, बांबड़, कुंभावास, पनवाड़, सुबासेड़ी, गुर्जर माजरी, इब्राहिमपुर, खेड़ा मुरार, खातीवास, रणसी माजरा, प्राणपुरा, दुल्हेड़ा खुर्द, मालाहेड़ा, रसगण, डुंगरवास, अलालपुर, कसौली, पौथनवास, पचगांव, बखापुर, खुशींदनगर, मुमताजपुर, जाहिदपुर, छव्वा, बिसोहा, गढ़ी, बास रतनथल, हरजीपुर, बासदुदा, भालखी, मामड़िया ततारपुर, कहाड़ी, ढाणी बाढ़, रोलियावास, रसौली, बोतहवास भोंदू, टहना दीपालपुर, नांगलिया रणमोख, मालियाकी, मुरलीपुर व गाजी गोपालपुर शामिल हैं।