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डेंगू के डंक के कहर से डरने लगे हैं लोग, मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 60 के पार, गत वर्ष 20 सितंबर तक थे
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:50 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। जिले में डेंगू का डंक अब कहर ढहाने लगा है। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। आंकड़ा 60 के पार पहुंच चुका है। जबकि पिछले सप्ताह डेंगू के 30 मरीज थे। हालांकि गत वर्ष 20 सितंबर तक डेंगू के मरीजों की संख्या 80 थी, लेकिन इसके बाद दिसंबर तक यह संख्या 350 पर पहुंच गई थी। नागरिक अस्पताल ने डेंगू के निपटने का दावा करते हुए सभी जगह फॉगिंग करा लेने का दावा किया है। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग व शहर में फॉगिंग कराने की जिम्मेवारी नगर परिषद की है।
मच्छर जनित बीमारियों में सबसे खतरनाक डेंगू को माना गया है। शहर का शायद ही कोई ऐसा अस्पताल हो, जहां डेंगू के संदिग्ध मरीज नहीं आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। छोटे से छोटे क्लीनिक में भी रोजाना संदिग्ध डेंगू से पीड़ित 50 मरीज आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में भी बुखार से पीड़ित मरीजों की रोजाना की संख्या 500 से अधिक पहुंच रही है। 200 से अधिक मरीज रोजाना खून की जांच करा रहे हैं। बता दें कि पिछले एक सप्ताह में डेंगू के मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। गत सप्ताह तक डेंगू के मरीजों की संख्या 30 के लगभग थी, जो अब बढ़कर 60 पर पहुंच गई है। हालांकि गत वर्ष की तुलना में इस बार डेंगू के डंक का असर कुछ कम है। डेंगू की आशंका के चलते लोग रोजाना प्लेटलेट्स की जांच करा रहे हैं।
डेंगू के 60 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें सरकार और निजी अस्पतालों से आए मरीज शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन ने निजी चिकित्सकों को डेंगू के आने वाले मरीजों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। डेंगू के मरीजों के लिए अस्पताल में डेंगू के निपटने के पूरे इंतजाम हैं।
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डॉ. कमल मेहरा डिप्टी सिविल सर्जन ( मलेरिया)
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रेवाड़ी। जिले में डेंगू का डंक अब कहर ढहाने लगा है। जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। आंकड़ा 60 के पार पहुंच चुका है। जबकि पिछले सप्ताह डेंगू के 30 मरीज थे। हालांकि गत वर्ष 20 सितंबर तक डेंगू के मरीजों की संख्या 80 थी, लेकिन इसके बाद दिसंबर तक यह संख्या 350 पर पहुंच गई थी। नागरिक अस्पताल ने डेंगू के निपटने का दावा करते हुए सभी जगह फॉगिंग करा लेने का दावा किया है। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग व शहर में फॉगिंग कराने की जिम्मेवारी नगर परिषद की है।
मच्छर जनित बीमारियों में सबसे खतरनाक डेंगू को माना गया है। शहर का शायद ही कोई ऐसा अस्पताल हो, जहां डेंगू के संदिग्ध मरीज नहीं आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। छोटे से छोटे क्लीनिक में भी रोजाना संदिग्ध डेंगू से पीड़ित 50 मरीज आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में भी बुखार से पीड़ित मरीजों की रोजाना की संख्या 500 से अधिक पहुंच रही है। 200 से अधिक मरीज रोजाना खून की जांच करा रहे हैं। बता दें कि पिछले एक सप्ताह में डेंगू के मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। गत सप्ताह तक डेंगू के मरीजों की संख्या 30 के लगभग थी, जो अब बढ़कर 60 पर पहुंच गई है। हालांकि गत वर्ष की तुलना में इस बार डेंगू के डंक का असर कुछ कम है। डेंगू की आशंका के चलते लोग रोजाना प्लेटलेट्स की जांच करा रहे हैं।
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डेंगू के 60 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें सरकार और निजी अस्पतालों से आए मरीज शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन ने निजी चिकित्सकों को डेंगू के आने वाले मरीजों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। डेंगू के मरीजों के लिए अस्पताल में डेंगू के निपटने के पूरे इंतजाम हैं।
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डॉ. कमल मेहरा डिप्टी सिविल सर्जन ( मलेरिया)