{"_id":"5a2ad9bb4f1c1b87698c0843","slug":"41512757691-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला शिक्षा अधिकारी ने किया खोरी स्कूल का औचक निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला शिक्षा अधिकारी ने किया खोरी स्कूल का औचक निरीक्षण
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
खोरी के राजकीय स्कूल का डीईओ ने किया औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर बल्डोदिया ने शुक्रवार को खंड खोल के गांव खोरी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सक्षम अभियान, मासिक मूल्यांकन, प्रारूप, मिड-डे मील प्रक्रिया, सदन प्रारूप, भवन जीर्णोद्धार कार्य, सौंदर्यीकरण अभियान की व्यवस्था का निरीक्षण कर प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिए। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मुकेश सैनी ने बताया कि विद्यालय के करीब दो सौ छात्र खंड स्तर पर, पचास विद्यार्थी जिला स्तर तथा 26 छात्र राज्य स्तर पर कला उत्सव, विज्ञान प्रश्रोत्तरी, बाल विज्ञान कांग्रेस, गीता जयंती, गणित प्रश्नोत्तरी, विज्ञान ड्रामा तथा खेलकूद में विजेता रहे हैं। शैक्षणिक क्षेत्र में छात्र-संख्या बढ़ी है और गुणात्मक सुधार हुआ है। जिला प्राथमिक संघ के प्रधान संदीप यादव, मौलिक मुख्याध्यापक उपेंद्र चौहान, नांगल जमालपुर के प्राचार्य धर्मपाल सिंह और यशदेव ने निरीक्षण में सहयोग किया।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर बल्डोदिया ने शुक्रवार को खंड खोल के गांव खोरी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सक्षम अभियान, मासिक मूल्यांकन, प्रारूप, मिड-डे मील प्रक्रिया, सदन प्रारूप, भवन जीर्णोद्धार कार्य, सौंदर्यीकरण अभियान की व्यवस्था का निरीक्षण कर प्रभारियों को दिशा-निर्देश दिए। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मुकेश सैनी ने बताया कि विद्यालय के करीब दो सौ छात्र खंड स्तर पर, पचास विद्यार्थी जिला स्तर तथा 26 छात्र राज्य स्तर पर कला उत्सव, विज्ञान प्रश्रोत्तरी, बाल विज्ञान कांग्रेस, गीता जयंती, गणित प्रश्नोत्तरी, विज्ञान ड्रामा तथा खेलकूद में विजेता रहे हैं। शैक्षणिक क्षेत्र में छात्र-संख्या बढ़ी है और गुणात्मक सुधार हुआ है। जिला प्राथमिक संघ के प्रधान संदीप यादव, मौलिक मुख्याध्यापक उपेंद्र चौहान, नांगल जमालपुर के प्राचार्य धर्मपाल सिंह और यशदेव ने निरीक्षण में सहयोग किया।