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शिक्षकों की कमी से रोष
Updated Tue, 26 Sep 2017 01:04 AM IST
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शिक्षकों की कमी पर भड़के विद्यार्थी, स्कूल पर जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो
कोसली। शिक्षकों की कमी से नाराज राजकीय उच्च विद्यालय टूमना के विद्यार्थियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया और शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल में दस शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं एक माह से महत्वपूर्ण विषय पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं है। छात्राओं ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। जब अध्यापक ही नहीं होंगे तो बेटियों की पढ़ाई कैसे होगी। छात्र-छात्राओं ने कहा कि जब तक अध्यापक नहीं आएंगे तब तक वे धरने पर बैठे रहेंगे। वहीं स्कूल के एसएमसी सदस्य प्रवीन कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग एवं सरकार को दस दिन पहले अध्यापकों की कमी के बारे में अवगत करा दिया था, लेकिन आज तक अध्यापक की नियुक्ति नहीं हुई। इसी कारण छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया तथा स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। वहीं एसडीएम जितेंद्र जांगिड़ ने मौके पर पहुंचकर समस्या के समाधान का जल्द आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी नाहड़ सूरजभान ने बताया कि दो दिन में शिक्षकों की कमी पूरी कर दी जाएगी। इस स्कूल में से सात अध्यापकों का तबादला हो गया था लेकिन उनकी जगह मात्र दो ही अध्यापक आए। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस समस्या का समाधान करने के लिए बैठक बुलाई है। जिस-जिस स्कूल में अध्यापकों की कमी है वहां अध्यापक भेजे जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शिक्षा की तबादला नीति के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कोसली। शिक्षकों की कमी से नाराज राजकीय उच्च विद्यालय टूमना के विद्यार्थियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया और शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विद्यार्थियों ने बताया कि स्कूल में दस शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं एक माह से महत्वपूर्ण विषय पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं है। छात्राओं ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। जब अध्यापक ही नहीं होंगे तो बेटियों की पढ़ाई कैसे होगी। छात्र-छात्राओं ने कहा कि जब तक अध्यापक नहीं आएंगे तब तक वे धरने पर बैठे रहेंगे। वहीं स्कूल के एसएमसी सदस्य प्रवीन कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग एवं सरकार को दस दिन पहले अध्यापकों की कमी के बारे में अवगत करा दिया था, लेकिन आज तक अध्यापक की नियुक्ति नहीं हुई। इसी कारण छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया तथा स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए। वहीं एसडीएम जितेंद्र जांगिड़ ने मौके पर पहुंचकर समस्या के समाधान का जल्द आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी नाहड़ सूरजभान ने बताया कि दो दिन में शिक्षकों की कमी पूरी कर दी जाएगी। इस स्कूल में से सात अध्यापकों का तबादला हो गया था लेकिन उनकी जगह मात्र दो ही अध्यापक आए। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस समस्या का समाधान करने के लिए बैठक बुलाई है। जिस-जिस स्कूल में अध्यापकों की कमी है वहां अध्यापक भेजे जाएंगे। उल्लेखनीय है कि शिक्षा की तबादला नीति के कारण कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है।
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