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दूषित पानी की रोकथाम के प्रयासों को डीसी ने लिया जायजा-----फोटों
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:28 AM IST
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भिवाड़ी के कारखानों का दूषित पानी धारूहेड़ा के लिए बना परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में आने वाले भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले दूषित पानी की रोकथाम के लिए भिवाड़ी प्रशासन की तरफ किए प्रयासों का बुधवार को उपायुक्त पंकज ने जायजा लिया। उन्होंने बताया कि भिवाड़ी के उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी से धारूहेड़ा क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के कारखानों से निकालने वाले दूषित पानी से धारूहेड़ा क्षेत्र के दर्जनों गांवों की कृषि योग्य भूमि बंजर हो रही थी। इससे पीड़ित लोगों ने एनजीटी का दरवाजा खटखटाया हुआ है। एनजीटी ने भिवाड़ी प्रशासन को कड़ी फटकार लगाकर तुरंत दूषित पानी पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इसी के मद्देनजर भिवाड़ी प्रसा्रान की ओर से दूषित पानी को रोकने के लिए सरकार की ओर सीईटीपी के लिए 146 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा सीटीपी प्लांटों का भी निर्माण किया जा रहा है। डीसी पंकज ने बुधवार को भिवाड़ी प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया तथा अधिकारियों से सवाल जवाब किए। अधिकारियों ने डीसी को आश्वासन दिलाया कि निर्धारित समय में ही कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा।
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इनका लिया जायजा
उपायुक्त पहले भिवाड़ी के मुंडाना गांव पहुंचे, जहां फैक्ट्रियों से निकलने के बाद एकत्रित दूषित पानी को देखा। यहां उन्होंने राजस्थान के प्रदूषण विभाग के अधिकारियों से इसे लेकर सवाल जवाब किए। इसके बाद उपायुक्त सांथलका में चल रहे एसटीपी प्लांट को देखने के लिए पहुंचे। वहां अधिकारियों ने बताया कि इस काम को पूरा करने की गाइड लाइन 31 अगस्त है, लेकिन इसे शीघ्र ही पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड के एसटीपी प्लांट पर भी गए। यहां उन्होंने एसटीपी को लेकर चल रहे काम को देखा। इसके बाद उपायुक्त पंकज ने वसुंधरा में बने एसटीपी और सीईटीपी प्लांट का भी निरीक्षण किया।
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दिखाया गंदे और साफ पानी का अंतर
सीईटीपी (संयुक्त जल शोधन संयत्र) में पहुंचने पर उपायुक्त ने फैक्ट्रियों से आने वाले गंदे पानी की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से सीईटीपी में दूषित पानी की शुद्धता के मापक के बारे में जानकारी ली। गंदे पानी को साफ करने की प्रक्रिया भी देखी। यहीं पानी नंदरामपुरबास में चला जाता है। यहां यह भी बता दे कि भिवाड़ी (राजस्थान) से दूषित पानी धारूहेड़ा क्षेत्र में प्रवेश करता था, जिससे नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
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फैक्ट्रियों को वापस जाएगा संशोधित पानी
प्रदेश सरकार ने सीईटीपी के लिए 146 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे फैक्ट्रियों से लेकर सीईटीपी तक दो पाइप लाइन डाली जाएंगी। एक पाइप से फैक्ट्रियों से सीईटीपी तक गंदा पानी आएगा। दूसरे पाइप से सीईटीपी से साफ पानी वापस फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाएगा। इससे यहां के गंदे पानी को साफ कर यहीं पर प्रयोग में लिया जाएगा। इससे राजस्थान का दूषित पानी यहां आना बंद हो जाएगा।
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ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रदूषण मंडल धारूहेड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप, राजस्थान रीको प्रथम के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी सादुरल, रीको द्वितीय के क्षेत्रीय अधिकारी केके कोठारी व प्रदूषण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी केसी गुप्ता मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में आने वाले भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले दूषित पानी की रोकथाम के लिए भिवाड़ी प्रशासन की तरफ किए प्रयासों का बुधवार को उपायुक्त पंकज ने जायजा लिया। उन्होंने बताया कि भिवाड़ी के उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी से धारूहेड़ा क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र के कारखानों से निकालने वाले दूषित पानी से धारूहेड़ा क्षेत्र के दर्जनों गांवों की कृषि योग्य भूमि बंजर हो रही थी। इससे पीड़ित लोगों ने एनजीटी का दरवाजा खटखटाया हुआ है। एनजीटी ने भिवाड़ी प्रशासन को कड़ी फटकार लगाकर तुरंत दूषित पानी पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इसी के मद्देनजर भिवाड़ी प्रसा्रान की ओर से दूषित पानी को रोकने के लिए सरकार की ओर सीईटीपी के लिए 146 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा सीटीपी प्लांटों का भी निर्माण किया जा रहा है। डीसी पंकज ने बुधवार को भिवाड़ी प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया तथा अधिकारियों से सवाल जवाब किए। अधिकारियों ने डीसी को आश्वासन दिलाया कि निर्धारित समय में ही कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा।
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इनका लिया जायजा
उपायुक्त पहले भिवाड़ी के मुंडाना गांव पहुंचे, जहां फैक्ट्रियों से निकलने के बाद एकत्रित दूषित पानी को देखा। यहां उन्होंने राजस्थान के प्रदूषण विभाग के अधिकारियों से इसे लेकर सवाल जवाब किए। इसके बाद उपायुक्त सांथलका में चल रहे एसटीपी प्लांट को देखने के लिए पहुंचे। वहां अधिकारियों ने बताया कि इस काम को पूरा करने की गाइड लाइन 31 अगस्त है, लेकिन इसे शीघ्र ही पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड के एसटीपी प्लांट पर भी गए। यहां उन्होंने एसटीपी को लेकर चल रहे काम को देखा। इसके बाद उपायुक्त पंकज ने वसुंधरा में बने एसटीपी और सीईटीपी प्लांट का भी निरीक्षण किया।
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दिखाया गंदे और साफ पानी का अंतर
सीईटीपी (संयुक्त जल शोधन संयत्र) में पहुंचने पर उपायुक्त ने फैक्ट्रियों से आने वाले गंदे पानी की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से सीईटीपी में दूषित पानी की शुद्धता के मापक के बारे में जानकारी ली। गंदे पानी को साफ करने की प्रक्रिया भी देखी। यहीं पानी नंदरामपुरबास में चला जाता है। यहां यह भी बता दे कि भिवाड़ी (राजस्थान) से दूषित पानी धारूहेड़ा क्षेत्र में प्रवेश करता था, जिससे नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
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फैक्ट्रियों को वापस जाएगा संशोधित पानी
प्रदेश सरकार ने सीईटीपी के लिए 146 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे फैक्ट्रियों से लेकर सीईटीपी तक दो पाइप लाइन डाली जाएंगी। एक पाइप से फैक्ट्रियों से सीईटीपी तक गंदा पानी आएगा। दूसरे पाइप से सीईटीपी से साफ पानी वापस फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जाएगा। इससे यहां के गंदे पानी को साफ कर यहीं पर प्रयोग में लिया जाएगा। इससे राजस्थान का दूषित पानी यहां आना बंद हो जाएगा।
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ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रदूषण मंडल धारूहेड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप, राजस्थान रीको प्रथम के क्षेत्रीय अधिकारी एसपी सादुरल, रीको द्वितीय के क्षेत्रीय अधिकारी केके कोठारी व प्रदूषण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी केसी गुप्ता मौजूद रहे।