फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   दूसरी बार बदली स्कूल अलॉटमेंट की तारीख, अभिभावकों ने की नारेबाजी

दूसरी बार बदली स्कूल अलॉटमेंट की तारीख, अभिभावकों ने की नारेबाजी

Wed, 24 Apr 2019 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2019 01:15 AM IST
विज्ञापन
दूसरी बार बदली स्कूल अलॉटमेंट की तारीख, अभिभावकों ने की नारेबाजी
रेवाड़ी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 134 ए के तहत मंगलवार को भी स्कूल अलॉट नहीं होने से गुस्साए अभिभावकों ने लघु सचिवालय परिसर के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। अभिभावक स्कूल अलॉटमेंट किए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। एसडीएम के समझाने पर भी अभिभावक नहीं माने। बाद में खंड शिक्षा अधिकारी ने मौके पर आकर कहा कि 29 अप्रैल को सूची जारी कर दी जाएगी। किसी तरह की परेशानी होने पर मोबाइल पर फोन करें। जिसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे अभिभावकों ने धरना समाप्त किया।
विज्ञापन

नियम 134ए के तहत दाखिला लेने के इच्छुक लोगों ने 4 अप्रैल तक आवेदन जमा कराए थे। जिसके बाद 14 अप्रैल को मूल्यांकन परीक्षा ली गई। जिसका रिजल्ट 18 अप्रैल को आया था। शिक्षा विभाग ने 19 अप्रैल को स्कूल अॅलाटमेंट देने का शेड्यूूल दिया हुआ था। इस बार मुख्यालय की ओर से ऑनलाइन अलॉटमेंट किया जाना था।
विज्ञापन

बाद में शिक्षा विभाग ने कुछ तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए स्कूल अलॉटमेंट की तारीख बदलकर 23 अप्रैल कर दी। जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सभी अभिभावकों के मोबाइल पर मैसेज आएगा। 23 अप्रैल मंगलवार की सुबह जब सुबह मैसेज नहीं आए तो अभिभावक दोपहर करीब 12 बजे शिक्षा विभाग कार्यालय पहुंचे। यहां लिस्ट नहीं लगाई थी। दोपहर को अभिभावकों के लिए शिक्षा विभाग कार्यालय के बाहर नोटिस लगाया गया। जिसमें कहा गया कि स्कूल अलॉटमेंट 29 अप्रैल को किया जाएगा। दूसरी बार तारीख बढ़ाए जाने से गुस्साए अभिभावकों ने लघु सचिवालय परिसर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया। शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया। अभिभावकों का कहना था कि दूसरे बच्चे 1 अप्रैल से स्कूल जा रहे हैं। उनके बच्चे अभी तक घर बैठे हैं। 15 मई से ग्रीष्मावकाश शुरू हो जाएंगे। उनके बच्चों का एडमिशन नहीं होगा। एसडीएम अलका चौधरी ने अभिभावकों की समस्या सुनीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग से बातचीत कर समाधान निकालेंगे। मौके पर पहुंचे जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि मुख्यालय से लिस्ट जारी नहीं हो सकी। मुख्यालय से 29 अप्रैल की तारीख आई है। सोमवार को लिस्ट जारी कर दी जाएगी। उन्होंने अभिभावकों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि किसी तरह की दिक्कत हो तो मोबाइल पर भी सूचना दे सकते हैं। अधिकारियों के आश्वासन के बाद अभिभावक धरना समाप्त कर चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभिभावक बोले ...
सुबह 9:00 बजे से लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन लिस्ट अभी तक नहीं लगी हैं। नियम 134 ए के चलते कई दिनों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे है। उन्हें केवल गुमराह किया जा रहे हैं।
- इंद्र सिंह
बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे है। घर बैठे हुए हैं, जबकि दूसरे बच्चे 1 अप्रैल से स्कूल जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। अब एक महीना देरी के लिए जिम्मेदार कौन है। ऐसे तो हमारे बच्चे पिछड़ जाएंगे।
- सज्जन यादव
अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे। केवल आश्वासन दे रहे हैं कि समस्या का समाधान करेंगे परंतु हो कुछ भी नहीं रहा है। पहले 19 तारीख दी फिर उसे 23 कर दिया। अब 29 तारीख बता रहे हैं। आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है।
- सरोज
नियम 134 ए के चलते रोज रोज परेशानी उठानी पड़ रही है। धूप गर्मी में दफतरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। एक महीने से बच्चे घर पर हैं। दूसरे बच्चे स्कूल जा रहे हैं। हमारे बच्चे अच्छे अंक किस तरह से ला पाएंगे।

- सीमा, अभिभावक

पहले नियम 134 एक ही परीक्षा का रिजल्ट बिना क्लास या प्रतिशत के लगा दिया था। एक नाम ढूंढने के लिए सारी लिस्ट देखने पड़ी थी। अब स्कूल अलॉट की लिस्ट के लिए भी उन्हें परेशानी के उठानी पड़ रही है। शिक्षा विभाग के वादे अधूरे हैं।
- मदनलाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed