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बिजली निगम के ठेकेदार पर लगा ईपीएफ फंड के गबन का आरोप
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:33 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कोसली। कोसली गांव निवासी व्यक्ति ने बिजली निगम के ठेकेदार पर ईपीएफ फंड के गबन का आरोप लगाते हुए अदालत में इस्तगासा दायर किया है। अदालत के आदेश बाद कोसली पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अदालत में दायर इस्तगासा में अजीत सिंह ने बताया कि वह बिजली निगम के ठेकेदार हिसार निवासी अनिल मान के अधीन शिट अटेंडेंट के रूप में 16 जून 2010 से 10 अप्रैल 2011 तक एचवीपीएन कोसली के कार्यालय में कार्यरत था। ठेकेदार की तरफ से हर माह उसके वेतन से 684 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से ईपीएफओ फंड के काटता था लेकिन 20520 रुपये की यह रकम उसने संबंधित ईपीएफओ कार्यालय को जमा नहीं कराई। फरवरी 2013 में जब उसने उक्त राशी मांगी तो उसने उसे एक फार्म पर फर्जी ईपीएफ नंबर भरकर उसे दे दिया। जब उसने यह फार्म संबंधित ईपीएफ कार्यालय को दिया तो कार्यालय ने बताया कि यह नंबर उससे संबंधित नहीं है। इस संबंध में उसने मई माह मेें एक शिकायत कोसली पुलिस थाना में दी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने अदालत का सहारा लिया और अदालत ने ठेकेदार पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
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कोसली। कोसली गांव निवासी व्यक्ति ने बिजली निगम के ठेकेदार पर ईपीएफ फंड के गबन का आरोप लगाते हुए अदालत में इस्तगासा दायर किया है। अदालत के आदेश बाद कोसली पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अदालत में दायर इस्तगासा में अजीत सिंह ने बताया कि वह बिजली निगम के ठेकेदार हिसार निवासी अनिल मान के अधीन शिट अटेंडेंट के रूप में 16 जून 2010 से 10 अप्रैल 2011 तक एचवीपीएन कोसली के कार्यालय में कार्यरत था। ठेकेदार की तरफ से हर माह उसके वेतन से 684 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से ईपीएफओ फंड के काटता था लेकिन 20520 रुपये की यह रकम उसने संबंधित ईपीएफओ कार्यालय को जमा नहीं कराई। फरवरी 2013 में जब उसने उक्त राशी मांगी तो उसने उसे एक फार्म पर फर्जी ईपीएफ नंबर भरकर उसे दे दिया। जब उसने यह फार्म संबंधित ईपीएफ कार्यालय को दिया तो कार्यालय ने बताया कि यह नंबर उससे संबंधित नहीं है। इस संबंध में उसने मई माह मेें एक शिकायत कोसली पुलिस थाना में दी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद पीड़ित ने अदालत का सहारा लिया और अदालत ने ठेकेदार पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया।