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नई वार्डबंदी के विरोध में नगरपार्षदों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन----------फोटों है
Updated Fri, 04 May 2018 01:04 AM IST
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नई वार्डबंदी के विरोध में पार्षदों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नगर परिषद द्वारा तैयार मतदाता प्रारूप सूची को लेकर विवाद समाप्त हुआ तो अब नई वार्ड बंदी को लेकर निवर्तमान पार्षदों ने नगर परिषद और ठेकेदार को घेरना शुरू कर दिया है। वीरवार को नगर परिषद प्रशासन और नक्शा तैयार करने वाले ठेकेदार पर वार्डबंदी में मनमानी का आरोप लगाकर निवर्तमान पार्षदों व अन्य लोगों ने एसडीएम जितेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा तथा पुरानी वार्ड बंदी के हिसाब से ही चुनाव कराने की मांग की। नगर परिषद का कार्यकाल पूरा होने से पहले नप प्रशासन द्वारा प्रारूप मतदाता सूची तैयार की गई थी, जिस पर पार्षदों व अन्य लोगों ने भारी विरोध जताया था। इसी बीच सरकार द्वारा नई वार्डबंदी कराने की अधिसूचना जारी कर दी गई है और उसी हिसाब से नप प्रशासन ने ठेकेदार को काम सौंप दिया। ठेकेदार ने नई वार्ड बंदी करके नक्शा तैयार कर दिया, जिसके विरोध में निवर्तमान पार्षद व अन्य लोग खड़े हो गए। पार्षदों ने ठेकेदार व नप प्रशासन पर नई वार्डबंदी को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए और आज जिला सचिवालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि नई वार्ड बंदी के लिए जारी किए गए नक्शे को लेकर सरकार पत्र के आधार शहरी विकास विभाग के पत्र की अनुपालना में नप द्वारा 5 गैर सरकारी सदस्यों का चयन करके उपायुक्त की सिफारिश से 5 गैर सरकारी सदस्यों के नाम मांगे गए थे, जो दे दिए गए थे, लेकिन वार्ड बंदी व ड्राफ्ट नक्शे में तदर्थ कमेटी में उपरोक्त सदस्यों को नजर अंदाज करके नक्शा व नई वार्डबंदी जारी कर दी। आरोप लगाया कि ठेकेदार ने 30 दिनों में काम पूरा करके देना था, जो नहीं किया गया। पार्षदों ने निदेशालय पर भी प्रस्तावित नक्शा व वार्ड बंदी में पक्षपात करने का आरोप लगाया और कहा कि यह ड्राफ्ट जारी होने से पहले ही वाट्स-अप पर वायरल हो गया था। ज्ञापन में पांच में से केवल एक ही ठेकेदार को टेंडर देने का भी आरोप लगाया गया तथा कहा गया कि उसे रेट भी 68 रुपये प्रति यूनिट दिया गया है, जबकि अन्य नगर पालिकाओं में इसका रेट 28 रुपये प्रति यूनिट दिया गया है। वार्डों को नए नंबर दिए गए हैं, जिससे आमजन को परेशानी होगी। सरकुलर रोड के अंदर आबादी के हिसाब से साढ़े 11 से घटाकर 9 दर्शाया गया है, जबकि इनकी संख्या 13 से 15 होनी चाहिए। इसी प्रकार सरकूलर रोड के अंदर प्रस्तावित नक्शा व अधिसूचना में वोटों की संख्या करीब 4 हजार बनती है, जो 1500 से 2500 के बीच है। एक जगह स्थिति ऐसी भी है कि एक मकान को अलग-अलग वार्ड में ही बांट दिया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि उनके एतराज मंजूर किए जाए तथा पुरानी वार्ड बंदी के हिसाब से ही नगर परिषद के चुनाव कराए जाएं। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में मुख्य रूप से निवर्तमान पार्षद रवि यादव, पवन बठला, सुचित्रा चांदना, सुशीला, दलीप माटा, संजय मलिक, एडवोकेट चंदन सिंह, डॉ. सत्यनारायण, अशोक राव, गीता देवी, विनिता पीपल, मनीष चराया, पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्र सतीजा व हरीश अरोड़ा के अलावा अन्य शामिल थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नगर परिषद द्वारा तैयार मतदाता प्रारूप सूची को लेकर विवाद समाप्त हुआ तो अब नई वार्ड बंदी को लेकर निवर्तमान पार्षदों ने नगर परिषद और ठेकेदार को घेरना शुरू कर दिया है। वीरवार को नगर परिषद प्रशासन और नक्शा तैयार करने वाले ठेकेदार पर वार्डबंदी में मनमानी का आरोप लगाकर निवर्तमान पार्षदों व अन्य लोगों ने एसडीएम जितेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा तथा पुरानी वार्ड बंदी के हिसाब से ही चुनाव कराने की मांग की। नगर परिषद का कार्यकाल पूरा होने से पहले नप प्रशासन द्वारा प्रारूप मतदाता सूची तैयार की गई थी, जिस पर पार्षदों व अन्य लोगों ने भारी विरोध जताया था। इसी बीच सरकार द्वारा नई वार्डबंदी कराने की अधिसूचना जारी कर दी गई है और उसी हिसाब से नप प्रशासन ने ठेकेदार को काम सौंप दिया। ठेकेदार ने नई वार्ड बंदी करके नक्शा तैयार कर दिया, जिसके विरोध में निवर्तमान पार्षद व अन्य लोग खड़े हो गए। पार्षदों ने ठेकेदार व नप प्रशासन पर नई वार्डबंदी को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए और आज जिला सचिवालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि नई वार्ड बंदी के लिए जारी किए गए नक्शे को लेकर सरकार पत्र के आधार शहरी विकास विभाग के पत्र की अनुपालना में नप द्वारा 5 गैर सरकारी सदस्यों का चयन करके उपायुक्त की सिफारिश से 5 गैर सरकारी सदस्यों के नाम मांगे गए थे, जो दे दिए गए थे, लेकिन वार्ड बंदी व ड्राफ्ट नक्शे में तदर्थ कमेटी में उपरोक्त सदस्यों को नजर अंदाज करके नक्शा व नई वार्डबंदी जारी कर दी। आरोप लगाया कि ठेकेदार ने 30 दिनों में काम पूरा करके देना था, जो नहीं किया गया। पार्षदों ने निदेशालय पर भी प्रस्तावित नक्शा व वार्ड बंदी में पक्षपात करने का आरोप लगाया और कहा कि यह ड्राफ्ट जारी होने से पहले ही वाट्स-अप पर वायरल हो गया था। ज्ञापन में पांच में से केवल एक ही ठेकेदार को टेंडर देने का भी आरोप लगाया गया तथा कहा गया कि उसे रेट भी 68 रुपये प्रति यूनिट दिया गया है, जबकि अन्य नगर पालिकाओं में इसका रेट 28 रुपये प्रति यूनिट दिया गया है। वार्डों को नए नंबर दिए गए हैं, जिससे आमजन को परेशानी होगी। सरकुलर रोड के अंदर आबादी के हिसाब से साढ़े 11 से घटाकर 9 दर्शाया गया है, जबकि इनकी संख्या 13 से 15 होनी चाहिए। इसी प्रकार सरकूलर रोड के अंदर प्रस्तावित नक्शा व अधिसूचना में वोटों की संख्या करीब 4 हजार बनती है, जो 1500 से 2500 के बीच है। एक जगह स्थिति ऐसी भी है कि एक मकान को अलग-अलग वार्ड में ही बांट दिया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि उनके एतराज मंजूर किए जाए तथा पुरानी वार्ड बंदी के हिसाब से ही नगर परिषद के चुनाव कराए जाएं। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वालों में मुख्य रूप से निवर्तमान पार्षद रवि यादव, पवन बठला, सुचित्रा चांदना, सुशीला, दलीप माटा, संजय मलिक, एडवोकेट चंदन सिंह, डॉ. सत्यनारायण, अशोक राव, गीता देवी, विनिता पीपल, मनीष चराया, पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्र सतीजा व हरीश अरोड़ा के अलावा अन्य शामिल थे।