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Updated Tue, 09 Jan 2018 01:03 AM IST
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सड़कों पर रिफ्लेटर लगे न साइन बोर्ड, संकेतक भी गायब
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले में ठंड और कोहरे का प्रकोप जारी है। इसके बावजूद भी जिले की अधिकांश सड़कों और दुर्घटना संभावित स्थानों से सफेद पट्टी और संकेतक गायब हैं। वहीं नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे से भी सफेद पट्टी और संकेतक मिट चुके हैं। इससे जहां सड़क हादसों की आशंका रहती है। वहीं वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सबके बाद भी ट्रैफिक पुलिस और लोक निर्माण विभाग ज्यादा सतर्क नहीं है। वहीं ट्रैफिक पुलिस और लोक निर्माण विभाग एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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ये हैं दुर्घटना संभावित क्षेत्र
जिले में हीरो कट कापड़ीवास, बनीपुर चौक, खरखड़ा कट, ओढ़ी कट, पाल्हावास चौक, गुरावड़ा कट, पाली फाटक के दोनों ओर, बास दूदा टी प्वाइंट एवं अभय सिंह चौक दुर्घटना संभावित क्षेत्र हैं। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ, बनीपुर चौक, एनएच आठ से रोहतक हाईवे की ओर जाने वाले लिंक रोड, रेवाड़ी-नारनौल मार्ग, रेवाड़ी-धारूहेड़ा मार्ग, रेवाड़ी-बावल मार्ग, रेवाड़ी-भाड़ावास मार्ग पर रोड सेफ्टी के पर्याप्त प्रबंध नहीं हैं।
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यह हैं नियम
सुरक्षा की दृष्टि से सड़क के बीचों-बीच सफेद पट्टी होनी चाहिए। सड़क के दोनों तरफ पीली पट्टी लगी हो। हर मोड़ पर रिफ्लेक्टर बोर्ड, ओवर ब्रिज से पहले संकेत बोर्ड, राज्य मार्ग व हाईवे पर स्पीड कंट्रोल बोर्ड, मुख्य मार्गों पर स्पीड ब्रेकर, मेन चौराहों पर हो ट्रैफिक लाइट एवं डेथ प्वाइंट पर विशेष रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड लगे होना चाहिए।
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जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही सात स्टेट हाईवे लगते हैं। इनकी वजह से यहां वाहनों का काफी आवागमन लगा रहता है। सेफ्टी नियमों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वहीं संकेतक एवं रिफ्लेक्टर लगवाने का काम लोक निर्माण विभाग का है।
-सूरजभान, प्रभारी जिला ट्रैफिक पुलिस
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विभाग की ओर से अधिकांश स्थानों पर सफेद पट्टी व संकेतांक लगाए हुए हैं। जिन मार्गों पर सफेद पट्टी या साइन बोर्ड नहीं लगे हैं। वहां पर कोहरे को देखते हुए पहले से ही यह प्रबंधन करने का काम जारी है।
आदित्य देशवाल, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिले में ठंड और कोहरे का प्रकोप जारी है। इसके बावजूद भी जिले की अधिकांश सड़कों और दुर्घटना संभावित स्थानों से सफेद पट्टी और संकेतक गायब हैं। वहीं नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे से भी सफेद पट्टी और संकेतक मिट चुके हैं। इससे जहां सड़क हादसों की आशंका रहती है। वहीं वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस सबके बाद भी ट्रैफिक पुलिस और लोक निर्माण विभाग ज्यादा सतर्क नहीं है। वहीं ट्रैफिक पुलिस और लोक निर्माण विभाग एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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ये हैं दुर्घटना संभावित क्षेत्र
जिले में हीरो कट कापड़ीवास, बनीपुर चौक, खरखड़ा कट, ओढ़ी कट, पाल्हावास चौक, गुरावड़ा कट, पाली फाटक के दोनों ओर, बास दूदा टी प्वाइंट एवं अभय सिंह चौक दुर्घटना संभावित क्षेत्र हैं। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ, बनीपुर चौक, एनएच आठ से रोहतक हाईवे की ओर जाने वाले लिंक रोड, रेवाड़ी-नारनौल मार्ग, रेवाड़ी-धारूहेड़ा मार्ग, रेवाड़ी-बावल मार्ग, रेवाड़ी-भाड़ावास मार्ग पर रोड सेफ्टी के पर्याप्त प्रबंध नहीं हैं।
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यह हैं नियम
सुरक्षा की दृष्टि से सड़क के बीचों-बीच सफेद पट्टी होनी चाहिए। सड़क के दोनों तरफ पीली पट्टी लगी हो। हर मोड़ पर रिफ्लेक्टर बोर्ड, ओवर ब्रिज से पहले संकेत बोर्ड, राज्य मार्ग व हाईवे पर स्पीड कंट्रोल बोर्ड, मुख्य मार्गों पर स्पीड ब्रेकर, मेन चौराहों पर हो ट्रैफिक लाइट एवं डेथ प्वाइंट पर विशेष रिफ्लेक्टर साइन बोर्ड लगे होना चाहिए।
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जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही सात स्टेट हाईवे लगते हैं। इनकी वजह से यहां वाहनों का काफी आवागमन लगा रहता है। सेफ्टी नियमों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वहीं संकेतक एवं रिफ्लेक्टर लगवाने का काम लोक निर्माण विभाग का है।
-सूरजभान, प्रभारी जिला ट्रैफिक पुलिस
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विभाग की ओर से अधिकांश स्थानों पर सफेद पट्टी व संकेतांक लगाए हुए हैं। जिन मार्गों पर सफेद पट्टी या साइन बोर्ड नहीं लगे हैं। वहां पर कोहरे को देखते हुए पहले से ही यह प्रबंधन करने का काम जारी है।
आदित्य देशवाल, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी