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पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने सरपंचों को दिया समर्थन----03
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:53 PM IST
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पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने दिया सरपंचों को समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
खोल। खंड विकास पंचायत अधिकारी खोल प्रांगण में ई-सरपंच प्रणाली के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे क्षेत्र के सरपंचों को बुधवार को पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने उनके बीच पहुंचकर समर्थन किया। पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश की सरकार कर्मचारी विरोधी है और तरह-तरह की शर्तें थोपकर कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे सरपंचों की हर लड़ाई में उनके साथ हैं। ब्लॉक खोल के प्रधान सरपंच भूपेंद्र सिंह पुसिंका ने बताया कि जब तक प्रदेश सरकार ई-पंचायत प्रणाली में संशोधन नहीं करेगी, तब तक यह धरना चलता रहेगा। धरने पर बैठे सरपंचों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि ई-पंचायती प्रणाली लागू करने से पहले ग्राम पंचायतों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं। हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 को पूर्णतया: लागू किया जाए। ग्राम सचिव की शैक्षणिक योग्यता स्नातक की जाए और ग्राम सचिव का वेतनमान पटवारी के समान ग्रेड-पे 2400 के हिसाब से निर्धारित किया जाए। सांसदों एवं विधायकों की तर्ज पर सरपंचों व पंचों का मानदेय तुरंत प्रभाव से बढ़ाया जाए और पेंशन निर्धारित की जाए। बैठकों में भाग लेने जाने पर सार्वजनिक व जनहित के कार्यों के आने-जाने पर सरपंचों, पंचों का यात्रा भत्ता व दैनिक भत्ता निर्धारित कर सरकार द्वारा वहन किया जाए। गांवों में जल्द से जल्द राशन कार्ड बनवाए जाएं और सर्वे करवा कर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बीपीएल कार्ड बनवाएं जाए। गांवों में मूलभूत सुविधाओं एवं समुचित विकास के लिए ग्राम पंचायतों को पर्याप्त वित्त उपलब्ध करवाया जाए। प्रत्येक गांव में ग्राम सचिवालय बनाए जाए और उनमें पर्याप्त संसाधन एवं खंड एवं जिला मुख्यालय स्तर की विभिन्न सुविधाएं दी जाएं ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
खोल। खंड विकास पंचायत अधिकारी खोल प्रांगण में ई-सरपंच प्रणाली के विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे क्षेत्र के सरपंचों को बुधवार को पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने उनके बीच पहुंचकर समर्थन किया। पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश की सरकार कर्मचारी विरोधी है और तरह-तरह की शर्तें थोपकर कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे सरपंचों की हर लड़ाई में उनके साथ हैं। ब्लॉक खोल के प्रधान सरपंच भूपेंद्र सिंह पुसिंका ने बताया कि जब तक प्रदेश सरकार ई-पंचायत प्रणाली में संशोधन नहीं करेगी, तब तक यह धरना चलता रहेगा। धरने पर बैठे सरपंचों ने प्रदेश सरकार से मांग की कि ई-पंचायती प्रणाली लागू करने से पहले ग्राम पंचायतों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं। हरियाणा पंचायती राज एक्ट 1994 को पूर्णतया: लागू किया जाए। ग्राम सचिव की शैक्षणिक योग्यता स्नातक की जाए और ग्राम सचिव का वेतनमान पटवारी के समान ग्रेड-पे 2400 के हिसाब से निर्धारित किया जाए। सांसदों एवं विधायकों की तर्ज पर सरपंचों व पंचों का मानदेय तुरंत प्रभाव से बढ़ाया जाए और पेंशन निर्धारित की जाए। बैठकों में भाग लेने जाने पर सार्वजनिक व जनहित के कार्यों के आने-जाने पर सरपंचों, पंचों का यात्रा भत्ता व दैनिक भत्ता निर्धारित कर सरकार द्वारा वहन किया जाए। गांवों में जल्द से जल्द राशन कार्ड बनवाए जाएं और सर्वे करवा कर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बीपीएल कार्ड बनवाएं जाए। गांवों में मूलभूत सुविधाओं एवं समुचित विकास के लिए ग्राम पंचायतों को पर्याप्त वित्त उपलब्ध करवाया जाए। प्रत्येक गांव में ग्राम सचिवालय बनाए जाए और उनमें पर्याप्त संसाधन एवं खंड एवं जिला मुख्यालय स्तर की विभिन्न सुविधाएं दी जाएं ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।