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किसानों को ग्वार की फसल का बीजोपचार करना सिखाया
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रेवाड़ी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से खंड जाटूसाना के गांव डहीना में ग्वार जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को बीज उपचार करने की विधि की विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को बताया कि बीजोपचार से 20 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ सकता है।
ेकिसानों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कीट विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरके सैनी ने कहा कि भूमि जनित व बीज जनित रोगों से फसलों को बचाने के लिए बीज को कार्बन्डाजिम से सूखा उपचारित करना बहुत जरूरी है। इसके लिए प्रति किलो सूखे बीज में 3 ग्राम सूखा कार्बन्डाजिम मिलाकर बीज पर मिलाएं। ग्वार फसल को उखेड़ा रोग से बचाने के लिए प्रति एकड़ 5 किलो बीज में 15 ग्राम बानिस्टिन से उपचारित करें। जिसका खर्च मात्र 15 रुपये है।बीजोपचार से 20 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ सकता है। उन्होंने किसानों को ग्वार की उन्नत किस्मों के प्रयोग, प्रति एकड़ बिजाई पूर्व 35 किलो डीएपी का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उचित समय पर खरपतवार कीटों व बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी दी। कृषि विकास अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने कपास व अन्य फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। शिविर में सावंत सिंह, विनय कुमार, राजेंद्र, दिनेश, सुरेश, रमेश, मुकेश, लाल सिंह, सुरेंद्र, रोशन लाल, नरेश ने भाग लिया।
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ेकिसानों को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कीट विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरके सैनी ने कहा कि भूमि जनित व बीज जनित रोगों से फसलों को बचाने के लिए बीज को कार्बन्डाजिम से सूखा उपचारित करना बहुत जरूरी है। इसके लिए प्रति किलो सूखे बीज में 3 ग्राम सूखा कार्बन्डाजिम मिलाकर बीज पर मिलाएं। ग्वार फसल को उखेड़ा रोग से बचाने के लिए प्रति एकड़ 5 किलो बीज में 15 ग्राम बानिस्टिन से उपचारित करें। जिसका खर्च मात्र 15 रुपये है।बीजोपचार से 20 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ सकता है। उन्होंने किसानों को ग्वार की उन्नत किस्मों के प्रयोग, प्रति एकड़ बिजाई पूर्व 35 किलो डीएपी का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। उचित समय पर खरपतवार कीटों व बीमारियों की रोकथाम के बारे में जानकारी दी। कृषि विकास अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने कपास व अन्य फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। शिविर में सावंत सिंह, विनय कुमार, राजेंद्र, दिनेश, सुरेश, रमेश, मुकेश, लाल सिंह, सुरेंद्र, रोशन लाल, नरेश ने भाग लिया।
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