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अदालत 10 फरवरी को
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:34 AM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत 10 फरवरी को
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सभी जिला व उपमंडलीय अदालतों में 10 फरवरी को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी कीर्ति जैन ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी भाईचारे से वाहन दुर्घटना मुआवजा केस से संबंधित मामले, मजदूरी विवाद, दीवानी मामले जैसे कि बैंक ऋण, राजस्व, नौकरी से संबंधित मामले आदि, बच्चों व पत्नी के लिए भरण-पोषण आदि से संबंधित विवाद, राजीनाम योग्य फौजदारी, विवाहिक, जमीन अधिग्रहण से संबंधित, बाढ़ पीड़ित, बिजली पानी बिल से संबंधित, चैक बाउंस आदि विवादों का निपटारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कोई अन्य विवाद जो अदालत में लंबित नहीं है वह भी लोक अदालत में लिया जा सकता है। जैन ने बताया कि लोक अदालत के कई फायदे हैं, जैसे दोनों पक्षों की रजामंदी से शांतिपूर्ण समझौता, लंबा इंतजार खत्म, मुकदमे की हमेशा के लिए समाप्ति, लोक अदालत में फैसला होने पर कोई अपील नहीं, लोक अदालत में फैसला होने पर सारी कोर्ट फीस वापस, समान न्याय, ना किसी की जीत ना किसी की हार और द्वेष भावना खत्म, प्रतिपक्षी से आपसी भाईचारा व दोस्ती का संबंध शामिल है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सभी जिला व उपमंडलीय अदालतों में 10 फरवरी को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी कीर्ति जैन ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी भाईचारे से वाहन दुर्घटना मुआवजा केस से संबंधित मामले, मजदूरी विवाद, दीवानी मामले जैसे कि बैंक ऋण, राजस्व, नौकरी से संबंधित मामले आदि, बच्चों व पत्नी के लिए भरण-पोषण आदि से संबंधित विवाद, राजीनाम योग्य फौजदारी, विवाहिक, जमीन अधिग्रहण से संबंधित, बाढ़ पीड़ित, बिजली पानी बिल से संबंधित, चैक बाउंस आदि विवादों का निपटारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कोई अन्य विवाद जो अदालत में लंबित नहीं है वह भी लोक अदालत में लिया जा सकता है। जैन ने बताया कि लोक अदालत के कई फायदे हैं, जैसे दोनों पक्षों की रजामंदी से शांतिपूर्ण समझौता, लंबा इंतजार खत्म, मुकदमे की हमेशा के लिए समाप्ति, लोक अदालत में फैसला होने पर कोई अपील नहीं, लोक अदालत में फैसला होने पर सारी कोर्ट फीस वापस, समान न्याय, ना किसी की जीत ना किसी की हार और द्वेष भावना खत्म, प्रतिपक्षी से आपसी भाईचारा व दोस्ती का संबंध शामिल है।