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आपदा प्रबंधन के गुर
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:40 AM IST
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त्वरित राहत और बचाव कार्य से बचा सकते हैं जानमाल
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान गुरुग्राम की ओर से वीरवार को जिला सचिवालय के सभागार में आपदा प्रबंधन को लेकर जिला अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। हिपा की आपदा प्रबंधन की कोर्डिनेटर डॉ. अंशु तिवारी ने आपदा प्रबंधन के समय राहत और बचाव के बारे में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने आपदा के समय आपसी समन्वय बनाने पर जोर दिया। आपदा प्रबंधन के समय त्वरित राहत और बचाव कार्य को लेकर अधिकारियों को प्रशिक्षण में विभिन्न जानकारी दी गई। डॉ. तिवारी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा को टाला नहीं जा सकता, लेकिन आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य में तेजी लाकर जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बाढ़, भूकंप, आगजनी जैसी घटनाओं के समय एक साथ सभी जगह सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध कराना संभव नहीं होता। हरियाणा का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा भूकंप आशंकित जोन में आता है। भूकंप जैसी त्रासदी के दौरान राहत कार्यों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि भूकंप में संचार तंत्र, बिजली व्यवस्था और परिवहन जैसी सुविधाएं ठप हो जाती हैं। भूकंप का सामना दुश्मन से लड़ाई करने जैसा है, बल्कि इसके लिए पूर्व तैयारी करते हुए मानव संसाधनों का समुचित इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है।
उन्होंने बताया कि भूकंप की स्थिति में जिला स्तर पर विभागों के सहयोग से बनी प्रतिक्रिया प्रणाली को एक्टिव रखने और आपदा के समय इसके समुचित इस्तेमाल के लिए जरूरी है कि सभी विभागों को उनके दायित्वों का पहले से पता हो। डॉ. अंशु तिवारी ने बताया कि आपदा प्रबंधन को लेकर रेवाड़ी की जो योजना है उसको अद्यतन व क्रियान्वयन से सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि जिले के पास आपदा प्रबंधन को लेकर जो संसाधन की सूची है उसको अपडेट रखें। रेवाड़ी की आपदा योजना को अद्यतन व कार्यान्वयन करें और जहां कमी रहे उसको दूर कर उसे बेहतर बनाएं। इस अवसर पर अधिकारियों को प्रोजेक्ट पर आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपमंडल अधिकारी ना. कुशल कटारिया, एसडीएम कोसली रविंद्र यादव, नगराधीश डॉ. विरेंद्र, जिला राजस्व अधिकारी मानव मलिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी डॉ. एसी कौशिक, आपदा प्रबंधन रेवाड़ी की रिसोर्स अधिकारी प्रियंका, तहसीलदार व उप तहसीलदार सहित सभी विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान गुरुग्राम की ओर से वीरवार को जिला सचिवालय के सभागार में आपदा प्रबंधन को लेकर जिला अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। हिपा की आपदा प्रबंधन की कोर्डिनेटर डॉ. अंशु तिवारी ने आपदा प्रबंधन के समय राहत और बचाव के बारे में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने आपदा के समय आपसी समन्वय बनाने पर जोर दिया। आपदा प्रबंधन के समय त्वरित राहत और बचाव कार्य को लेकर अधिकारियों को प्रशिक्षण में विभिन्न जानकारी दी गई। डॉ. तिवारी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा को टाला नहीं जा सकता, लेकिन आपदा के बाद राहत और बचाव कार्य में तेजी लाकर जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बाढ़, भूकंप, आगजनी जैसी घटनाओं के समय एक साथ सभी जगह सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध कराना संभव नहीं होता। हरियाणा का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा भूकंप आशंकित जोन में आता है। भूकंप जैसी त्रासदी के दौरान राहत कार्यों में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि भूकंप में संचार तंत्र, बिजली व्यवस्था और परिवहन जैसी सुविधाएं ठप हो जाती हैं। भूकंप का सामना दुश्मन से लड़ाई करने जैसा है, बल्कि इसके लिए पूर्व तैयारी करते हुए मानव संसाधनों का समुचित इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है।
उन्होंने बताया कि भूकंप की स्थिति में जिला स्तर पर विभागों के सहयोग से बनी प्रतिक्रिया प्रणाली को एक्टिव रखने और आपदा के समय इसके समुचित इस्तेमाल के लिए जरूरी है कि सभी विभागों को उनके दायित्वों का पहले से पता हो। डॉ. अंशु तिवारी ने बताया कि आपदा प्रबंधन को लेकर रेवाड़ी की जो योजना है उसको अद्यतन व क्रियान्वयन से सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि जिले के पास आपदा प्रबंधन को लेकर जो संसाधन की सूची है उसको अपडेट रखें। रेवाड़ी की आपदा योजना को अद्यतन व कार्यान्वयन करें और जहां कमी रहे उसको दूर कर उसे बेहतर बनाएं। इस अवसर पर अधिकारियों को प्रोजेक्ट पर आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपमंडल अधिकारी ना. कुशल कटारिया, एसडीएम कोसली रविंद्र यादव, नगराधीश डॉ. विरेंद्र, जिला राजस्व अधिकारी मानव मलिक, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी डॉ. एसी कौशिक, आपदा प्रबंधन रेवाड़ी की रिसोर्स अधिकारी प्रियंका, तहसीलदार व उप तहसीलदार सहित सभी विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
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