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बिना डिग्री व रजिस्ट्रेशन के उपचार करने वाले ाोलाछाप को पांच साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना
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बिना डिग्री व रजिस्ट्रेशन के उपचार करने वाले ाोलाछाप को पांच साल कैद
-वर्ष 2015 में स्वास्थ्य विभाग ने मारा था छापा, पांच हजार जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। बिना डिग्री व रजिस्ट्रेशन के मरीजों का उपचार करने वाले शहर के एक ाोलाछाप डॉक्टर को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) मोहित अग्रवाल की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोषी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जानकारी के अनुसार जून 2015 को स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिल रही थी कि पुराना कोर्ट रोड पर चल रहे चर्म रोग अस्पताल के संचालकों के पास न तापे डिग्री है और न ही कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। 11 जून 2015 को डिप्टी सिविल सर्जन डा. धर्मेंद्र कुमार व ड्रग कंट्रोल ऑफिसर हेमंत ग्रोवर ने पुराना कोर्ट रोड स्थित हरिराम चर्म रोग हॉस्पिटल एंड कॉस्मेटिक सेंटर में छापामार कार्रवाई की थी। स्वास्थ्य विभाग की जांच में डॉक्टर राजेश यादव के पास चर्मरोग संबंधी जांच व उपचार के लिए कोई डिग्री भी नहीं मिली। बिना रजिस्ट्रेशन व डिग्री के एलोपैथी दवाईयों से लोगों का उपचार किया जा रहा था। अस्पताल से एलोपैथी दवाईयां भी बरामद हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल से दवाइयां भी जब्त कर ली थी तथा माडल टाउन थाना में धोखाधड़ी व सेक्शन 15 (2) व 15 (3) एमसीआई एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस द्वारा मामले की जांच करने बाद आरोपित डॉ. राजेश यादव के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। अदालत में जांच अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों सहित छह गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस द्वारा अदालत के समक्ष रखे गए साक्ष्यों व गवाहों के बयानों को सुनने के बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोहित अग्रवाल की अदालत ने बुधवार को डॉ. राजेश यादव को धोखाधड़ी में पांच साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15 3 में एक साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेगी। पुलिस ने दोषी डाक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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-वर्ष 2015 में स्वास्थ्य विभाग ने मारा था छापा, पांच हजार जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। बिना डिग्री व रजिस्ट्रेशन के मरीजों का उपचार करने वाले शहर के एक ाोलाछाप डॉक्टर को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) मोहित अग्रवाल की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोषी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जानकारी के अनुसार जून 2015 को स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिल रही थी कि पुराना कोर्ट रोड पर चल रहे चर्म रोग अस्पताल के संचालकों के पास न तापे डिग्री है और न ही कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। 11 जून 2015 को डिप्टी सिविल सर्जन डा. धर्मेंद्र कुमार व ड्रग कंट्रोल ऑफिसर हेमंत ग्रोवर ने पुराना कोर्ट रोड स्थित हरिराम चर्म रोग हॉस्पिटल एंड कॉस्मेटिक सेंटर में छापामार कार्रवाई की थी। स्वास्थ्य विभाग की जांच में डॉक्टर राजेश यादव के पास चर्मरोग संबंधी जांच व उपचार के लिए कोई डिग्री भी नहीं मिली। बिना रजिस्ट्रेशन व डिग्री के एलोपैथी दवाईयों से लोगों का उपचार किया जा रहा था। अस्पताल से एलोपैथी दवाईयां भी बरामद हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल से दवाइयां भी जब्त कर ली थी तथा माडल टाउन थाना में धोखाधड़ी व सेक्शन 15 (2) व 15 (3) एमसीआई एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
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पुलिस द्वारा मामले की जांच करने बाद आरोपित डॉ. राजेश यादव के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। अदालत में जांच अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों सहित छह गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस द्वारा अदालत के समक्ष रखे गए साक्ष्यों व गवाहों के बयानों को सुनने के बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोहित अग्रवाल की अदालत ने बुधवार को डॉ. राजेश यादव को धोखाधड़ी में पांच साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना व इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 के सेक्शन 15 3 में एक साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेगी। पुलिस ने दोषी डाक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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