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उठने लगी आवाज, आखिर कहां गई नाबालिग बेटी, स्टेट क्राइम ब्रांच भी हो गई पंगु, 24 की महापंचायत में बनेगी ठोस रणनीति
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। अक्सर लोग कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैँ, लेकिन साढ़े तीन माह बाद भी खंड बावल के गांव मोहनपुर की नाबालिग की बरामदगी होना तो दूर पुलिस उसका सुराग तक नहीं लगा पाई है। बेटी की बरामदगी नहीं होने पर बावल के लोगों में रोष है। वे धरना-प्रदर्शन व पंचायतें कर रहे हैं और अब 24 अक्तूबर को फिर महापंचायत होगी। धरने पर बैठे लोगों व राजनीतिक दलों की ओर से एक ही आवाज आ रही है कि आखिर नाबालिग बेटी कहां गायब हो गई। आखिर पुलिस अभी तक उसका सुराग तक क्यों नहीं लगा पाई। इतनी बड़ी एजेंसी स्टेट क्राइम ब्रांच भी पंगु हो गई। लोग बहुत सवाल उठा रहे हैं, लेकिन पुलिस के पास कोरे आश्वासन के अलावा इसका कोई जवाब नहीं है।
करीब साढ़े तीन माह पहले गांव मोहनपुर की नाबालिग लड़की गायब हो गई थी। पुलिस ने अपने स्तर पर माता-पिता से भी पूछताछ की थी। पूछताछ में क्या सामने आया, इसका खुलासा तो नहीं हुआ, लेकिन नाबालिग को लेकर कोई भी सुराग पुलिस को नहीं लगा। इधर नाबालिग की बरामदगी कराने की मांग को लेकर पुलिस के चक्कर काट कर थक चुके परिजनों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस ने स्टेट क्राइम ब्रांच को मामला सौंप दिया। बड़ी बात देखने को यह मिली कि स्टेट क्राइम ब्रांच भी लड़की को सर्च करने में नाकाम हो गई। परेशान परिजनों ने एक बार फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू किया तो राजनीतिक दल भी उनके साथ हो लिए और देखते ही देखते सभी दलों के नेता के अलावा बावल 84 परिजनों के साथ आ गई। मामला गंभीर होता देख पिछले दिनों हुई महापंचायत में एसपी राहुल शर्मा ने एक सप्ताह में लड़की के बारे में परिजनों को जानकारी देने का आश्वासन दिया, लेकिन पुलिस के हाथ खाली के खाली हैं। अब 24 अक्तूबर को बावल में फिर से महापंचायत होगी। लोगों ने महापंचायत में ठोस रणनीति तैयार करने की घोषणा की है।
20वें दिन भी जारी रहा धरना
मोहनपुर गांव की नाबालिग लड़की की बरामदगी की मांग को लेकर दिया जा रहा धरना सोमवार को 20वें दिन भी जारी रहा। धरने का समर्थन करने वालों का सिलसिला आज भी जारी रहा। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि 24 अक्तूूबर को होने वाली महापंचायत में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। पुलिस कप्तान द्वारा दिया गया एक सप्ताह का आश्वासन भी समाप्त हो चुका है। धरने में पूर्व मंत्री शकुंतला भगवाड़िया,पूर्व विधायक रामेश्वर दयाल,चेतराम रेवाड़िया, जगदीश डहीनवाल, रामकिशन प्रधान, सरजीत सरपंच, कंवरसिंह, भीम सरपंच, सोहनलाल सरपंच, जवाहरलाल, महावीर चोपड़ा, बुल्लाराम, दिनेश कुमार, संजय सैनी मौजूद थे।
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रेवाड़ी। अक्सर लोग कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैँ, लेकिन साढ़े तीन माह बाद भी खंड बावल के गांव मोहनपुर की नाबालिग की बरामदगी होना तो दूर पुलिस उसका सुराग तक नहीं लगा पाई है। बेटी की बरामदगी नहीं होने पर बावल के लोगों में रोष है। वे धरना-प्रदर्शन व पंचायतें कर रहे हैं और अब 24 अक्तूबर को फिर महापंचायत होगी। धरने पर बैठे लोगों व राजनीतिक दलों की ओर से एक ही आवाज आ रही है कि आखिर नाबालिग बेटी कहां गायब हो गई। आखिर पुलिस अभी तक उसका सुराग तक क्यों नहीं लगा पाई। इतनी बड़ी एजेंसी स्टेट क्राइम ब्रांच भी पंगु हो गई। लोग बहुत सवाल उठा रहे हैं, लेकिन पुलिस के पास कोरे आश्वासन के अलावा इसका कोई जवाब नहीं है।
करीब साढ़े तीन माह पहले गांव मोहनपुर की नाबालिग लड़की गायब हो गई थी। पुलिस ने अपने स्तर पर माता-पिता से भी पूछताछ की थी। पूछताछ में क्या सामने आया, इसका खुलासा तो नहीं हुआ, लेकिन नाबालिग को लेकर कोई भी सुराग पुलिस को नहीं लगा। इधर नाबालिग की बरामदगी कराने की मांग को लेकर पुलिस के चक्कर काट कर थक चुके परिजनों ने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस ने स्टेट क्राइम ब्रांच को मामला सौंप दिया। बड़ी बात देखने को यह मिली कि स्टेट क्राइम ब्रांच भी लड़की को सर्च करने में नाकाम हो गई। परेशान परिजनों ने एक बार फिर से धरना-प्रदर्शन शुरू किया तो राजनीतिक दल भी उनके साथ हो लिए और देखते ही देखते सभी दलों के नेता के अलावा बावल 84 परिजनों के साथ आ गई। मामला गंभीर होता देख पिछले दिनों हुई महापंचायत में एसपी राहुल शर्मा ने एक सप्ताह में लड़की के बारे में परिजनों को जानकारी देने का आश्वासन दिया, लेकिन पुलिस के हाथ खाली के खाली हैं। अब 24 अक्तूबर को बावल में फिर से महापंचायत होगी। लोगों ने महापंचायत में ठोस रणनीति तैयार करने की घोषणा की है।
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20वें दिन भी जारी रहा धरना
मोहनपुर गांव की नाबालिग लड़की की बरामदगी की मांग को लेकर दिया जा रहा धरना सोमवार को 20वें दिन भी जारी रहा। धरने का समर्थन करने वालों का सिलसिला आज भी जारी रहा। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि 24 अक्तूूबर को होने वाली महापंचायत में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। पुलिस कप्तान द्वारा दिया गया एक सप्ताह का आश्वासन भी समाप्त हो चुका है। धरने में पूर्व मंत्री शकुंतला भगवाड़िया,पूर्व विधायक रामेश्वर दयाल,चेतराम रेवाड़िया, जगदीश डहीनवाल, रामकिशन प्रधान, सरजीत सरपंच, कंवरसिंह, भीम सरपंच, सोहनलाल सरपंच, जवाहरलाल, महावीर चोपड़ा, बुल्लाराम, दिनेश कुमार, संजय सैनी मौजूद थे।
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