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Rewari News: पहले दिन एमएसपी पर हुई 1148 क्विंटल सरसों की खरीद
Wed, 27 Mar 2024 02:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 27 Mar 2024 02:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। शहर के बावल रोड पर स्थित बिठवाना अनाज मंडी में मंगलवार से एमएसपी दर पर सरसों की सरकारी खरीद शुरू हुई। पहले दिन शाम छह बजे तक मार्केट कमेटी ने 56 किसानों के टोकन काटे और 5650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 1148 क्विंटल सरसों की खरीद की गई।
बिठवाना अनाज मंडी के बाहर सुबह से ही सरसों से भरे ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। कृषि विभाग की ओर से मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों का डाटा मार्केट कमेटी को देरी से दिया गया जिससे 3 बजे सरसों की एमएसपी पर खरीद शुरू हुई। मार्केट कमेटी के डीएमईओ सत्यप्रकाश यादव, सचिव नरेंद्र सिंह, हैफेड डीएम प्रवीण कुमार व हैफेड एसओ अमरजीत ने सरसों की सरकारी खरीद शुरू कराई। शाम छह बजे तक मार्केट कमेटी ने 56 किसानों के टोकन काटे थे। इसके बाद हैफेड की ओर से इन किसानों की सरसों की जांच की गई। सरसों में 20 से 30 प्रतिशत की नमी पाई गई। फिलहाल 5650 रुपये प्रति क्विंटल से करीब 1148 क्विंटल सरसों खरीद हो पाई। अधिकारियों का कहना है कि किसान अपनी सरसों को अच्छी तरह सुखाकर साफ करके मंडी में लाएं ताकि असुविधा न हो। 8 प्रतिशत से अधिक नमी की सरसों की खरीद नहीं की जाएगी।
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आढ़ती कर चुके हैं 35 हजार क्विंटल सरसों की खरीद
हैफेड की ओर से मंगलवार से सरसों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य 5650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू की गई लेकिन नई अनाजमंडी में एक महीने से सरसों की आवक हो रही है। किसान अनाज मंडी में अब तक करीब 35 हजार क्विंटल सरसों आढ़तियों के माध्यम से बेच चुके हैं। अनाज मंडी में निजी तौर पर सरसों का भाव 4800 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जिससे किसानों को करीब 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा था। अब सरसों की एमएसपी दर पर खरीद शुरू होने से किसानों में खुशी है। इसके अलावा गेहूं की 2275 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी दर पर खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी। जिले में इस सीजन में करीब 75000 हेक्टेयर में सरसों व करीब 33000 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई थी। एमएसपी पर सरसों बेचने के लिए किसानों का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
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जिले में 54,328 किसानों ने कराया पंजीकरण
जिले में 54 हजार 328 किसानों ने 2 लाख 10 हजार एकड़ जमीन पर फसलों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसमें से 3207 किसानों ने 17083 एकड़ भूमि पर गेहूं व 51121 किसानों ने 1 लाख 75 हजार 589 एकड़ भूमि पर सरसों की फसल के लिए पंजीकरण करवाया है। रबी की फसल में जिले में सरसों नकदी फसल है। इसलिए इस फसल का पंजीकरण भी रिकॉर्ड हुआ है। पंजीकरण की प्रक्रिया 15 फरवरी तक चली थी।
पासबुक व पहचान पत्र साथ लाएं किसान
अधिकारियों का कहना है कि किसान अपनी बैंक पासबुक की प्रति और एक पहचान पत्र अपने साथ लेकर आएं ताकि किसानों को अपनी सरसों बेचने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो। किसानों से अपील है कि अपनी सरसों अच्छी तरह सुखाकर साफ करके मंडी में लेकर आएं ताकि असुविधा न हो।
वर्जन-
किसानों को फसल बेचने में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। मंडियों एवं खरीद केंद्रों में खरीद को लेकर सभी तैयारी पूरी की जा चुकी है। संबंधित अधिकारियों को साफ सफाई और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के आदेश दिए गए हैं। किसानों को मंडियों में ठहरने की भी कोई दिक्कत नहीं होगी।-नरेंद्र, सचिव, मार्केट कमेटी।
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रेवाड़ी। शहर के बावल रोड पर स्थित बिठवाना अनाज मंडी में मंगलवार से एमएसपी दर पर सरसों की सरकारी खरीद शुरू हुई। पहले दिन शाम छह बजे तक मार्केट कमेटी ने 56 किसानों के टोकन काटे और 5650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 1148 क्विंटल सरसों की खरीद की गई।
बिठवाना अनाज मंडी के बाहर सुबह से ही सरसों से भरे ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। कृषि विभाग की ओर से मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों का डाटा मार्केट कमेटी को देरी से दिया गया जिससे 3 बजे सरसों की एमएसपी पर खरीद शुरू हुई। मार्केट कमेटी के डीएमईओ सत्यप्रकाश यादव, सचिव नरेंद्र सिंह, हैफेड डीएम प्रवीण कुमार व हैफेड एसओ अमरजीत ने सरसों की सरकारी खरीद शुरू कराई। शाम छह बजे तक मार्केट कमेटी ने 56 किसानों के टोकन काटे थे। इसके बाद हैफेड की ओर से इन किसानों की सरसों की जांच की गई। सरसों में 20 से 30 प्रतिशत की नमी पाई गई। फिलहाल 5650 रुपये प्रति क्विंटल से करीब 1148 क्विंटल सरसों खरीद हो पाई। अधिकारियों का कहना है कि किसान अपनी सरसों को अच्छी तरह सुखाकर साफ करके मंडी में लाएं ताकि असुविधा न हो। 8 प्रतिशत से अधिक नमी की सरसों की खरीद नहीं की जाएगी।
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आढ़ती कर चुके हैं 35 हजार क्विंटल सरसों की खरीद
हैफेड की ओर से मंगलवार से सरसों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य 5650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू की गई लेकिन नई अनाजमंडी में एक महीने से सरसों की आवक हो रही है। किसान अनाज मंडी में अब तक करीब 35 हजार क्विंटल सरसों आढ़तियों के माध्यम से बेच चुके हैं। अनाज मंडी में निजी तौर पर सरसों का भाव 4800 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जिससे किसानों को करीब 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा था। अब सरसों की एमएसपी दर पर खरीद शुरू होने से किसानों में खुशी है। इसके अलावा गेहूं की 2275 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी दर पर खरीद एक अप्रैल से शुरू होगी। जिले में इस सीजन में करीब 75000 हेक्टेयर में सरसों व करीब 33000 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई थी। एमएसपी पर सरसों बेचने के लिए किसानों का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है।
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जिले में 54,328 किसानों ने कराया पंजीकरण
जिले में 54 हजार 328 किसानों ने 2 लाख 10 हजार एकड़ जमीन पर फसलों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसमें से 3207 किसानों ने 17083 एकड़ भूमि पर गेहूं व 51121 किसानों ने 1 लाख 75 हजार 589 एकड़ भूमि पर सरसों की फसल के लिए पंजीकरण करवाया है। रबी की फसल में जिले में सरसों नकदी फसल है। इसलिए इस फसल का पंजीकरण भी रिकॉर्ड हुआ है। पंजीकरण की प्रक्रिया 15 फरवरी तक चली थी।
पासबुक व पहचान पत्र साथ लाएं किसान
अधिकारियों का कहना है कि किसान अपनी बैंक पासबुक की प्रति और एक पहचान पत्र अपने साथ लेकर आएं ताकि किसानों को अपनी सरसों बेचने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो। किसानों से अपील है कि अपनी सरसों अच्छी तरह सुखाकर साफ करके मंडी में लेकर आएं ताकि असुविधा न हो।
वर्जन-
किसानों को फसल बेचने में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। मंडियों एवं खरीद केंद्रों में खरीद को लेकर सभी तैयारी पूरी की जा चुकी है। संबंधित अधिकारियों को साफ सफाई और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाने के आदेश दिए गए हैं। किसानों को मंडियों में ठहरने की भी कोई दिक्कत नहीं होगी।-नरेंद्र, सचिव, मार्केट कमेटी।