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बावल में इगलो कंपनी के श्रमिकों का मामला

Tue, 13 Feb 2018 01:01 AM IST
Updated Tue, 13 Feb 2018 01:01 AM IST
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बावल में इगलो कंपनी के श्रमिकों का मामला
स्थायी करने के लिए इगलो कंपनी के बाहर धरने पर बैठे श्रमिक
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
बावल औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-3 स्थित इगलो कंपनी के श्रमिक स्थायी करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कंपनी के बाहर धरने पर बैठ गए। श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन पर मारपीट कराने के भी आरोप लगाए। धरना-प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। श्रम विभाग के अधिकारी एवं बावल तहसीलदार मनीष कुमार भी मौके पर पहुंचे। शाम करीब साढ़े चार बजे कंपनी प्रबंधन की ओर से एक माह का समय देने के बाद सभी श्रमिकों ने हड़ताल समाप्त कर दी। प्रदर्शन के दौरान करीब 500 श्रमिक शामिल थे। इगलो कंपनी गाड़ियों की एलईडी और अन्य लाइटिंग उपकरण बनाती है।
जानकारी के अनुसार बावल औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-3 स्थित इगलो कंपनी के श्रमिकों ने सोमवार सुबह नौ बजे कंपनी की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ कंपनी के गेट पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। कंपनी प्रबंधन की सूचना पर कसोला थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। थाना अधिकारी के समझाने पर सभी श्रमिक कंपनी से करीब सौ मीटर की दूरी पर धरने पर बैठ गए। श्रमिकों ने कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। श्रमिक अशोक, सरोज, योगेश, जितेंद्र, गिरवर और प्रमोद ने आरोप लगाया कि प्रबंधकों द्वारा न केवल मारपीट की जाती है बल्कि उनकी मांगों पर भी विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने ट्रैनिंग के दौरान बिना बताए बाहर निकाले कर्मचारियों को वापस लेने, एक साल पुराने श्रमिकों को स्थायी करने, ओवरटाइम डबल करने, एक साल का इंक्रीमेंट 15 से 20 प्रतिशत करने और 20 से 25 किलोमीटर दायरे तक बस सुविधा दिलाने की मांग की। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उनके साथ बिना बात मारपीट की जाती है।
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एंबुलेंस में लाया गया श्रमिकों को
कंपनी के श्रमिकों की ओर से अचानक हड़ताल पर चले जाने के बाद कंपनी का उत्पादन ठप हो गया। हालांकि प्रबंधन वर्ग ने श्रमिकों को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन श्रमिक अपनी मांगों पर अड़े रहे। उत्पादन बंद नहीं हो इसलिए कंपनी की ओर वैकल्पिक व्यवस्था की गई। कंपनी की ओर से बाहर से एंबुलेंस में श्रमिकों को बैठा कर लाया गया, जिससे की धरने पर बैठे श्रमिकों को इसके भनक नहीं लगे। श्रमिकों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली तो विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान कसोला थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। श्रमिकों ने एसएचओ को भी इसकी शिकायत की।
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कंपनी के श्रमिकों द्वारा विरोध प्रदर्शन की सूचना मिली थी। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। सभी श्रमिक कंपनी से दूर शांतिपूर्वक बैठे हैं।

सुरेंद्र श्योरान, एसएचओ कसोला
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श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन पर कुछ आरोप लगाए है। श्रमिकों ने मांगपत्र भी दिया है। कंपनी प्रबंधन से बातचीत की जा रही है। जल्द ही श्रमिकों की समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।
हवासिंह, श्रम निरीक्षक रेवाड़ी।
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मांगों को लेकर श्रमिक हड़ताल पर है। श्रमिकों का कंपनी प्रबंधन से बातचीत करवाकर समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
मनीष कुमार, तहसीलदार, बावल।
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