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ईसीएचएस में चिकित्सक के अभाव में लोग परेशान

Fri, 04 May 2018 01:12 AM IST
Updated Fri, 04 May 2018 01:12 AM IST
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ईसीएचएस में चिकित्सक के अभाव में लोग परेशान
ईसीएचएस क्लीनिक: डॉक्टर नहीं होने पर पूर्व सैनिक और परिजन भड़के
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
शहर के गोपाल देव चौक स्थित ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक में इलाज नहीं मिलने पर वीरवार को गुस्साए पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों ने हंगामा कर दिया। पूर्व सैनिकों और आश्रितों का आरोप था कि वे सुबह दस बजे से उपचार के लिए इंतजार कर रहे हैं लेकिन यहां पर स्लिप तक नहीं बनाई जा रही है। हालांकि हंगामे के बाद चिकित्सक आ गए। वहीं क्लीनिक प्रभारी ने पूर्व सैनिकों पर ही चिकित्सकों के साथ अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं।
ईसीएचएस क्लीनिक को कृष्णा नगर से गोपाल देव चौक के समीप सीएसडी कैंटीन के समीप स्थानांतरित किया गया है। इसमें इस समय दो ही चिकित्सक हैं, जबकि प्रतिदिन की ओपीडी 300 से भी अधिक है। इस कारण सुबह से ही उपचार के लिए आने वाले पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की कतार लग जाती है। वीरवार सुबह ही इसी तरह काफी संख्या में पूर्व सैनिक उपचार के लिए आए थे। सुबह दस बजे से इंतजार करते पूर्व सैनिकों को काफी समय बीत गया फिर भी चिकित्सक नहीं आए तो उन्होंने हंगामा करना प्रारंभ कर दिया। पूर्व सैनिकों ने बताया कि यहां की ओपीडी करीब 300 के आसपास है। महज दो ही चिकित्सक हैं। चिकित्सकों के नहीं होने की वजह से काफी परेशानी होती है। जबकि स्वीकृत पद पांच हैं। अधिकतर मरीजों को घंटों लाइन में लगा रहना पड़ता है। कई बार मरीजों को निराश लौटना पड़ता है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि उनको ईसीएचएस में समय पर उपचार नहीं मिलता है यहां चिकित्सक नहीं है। उन्होंने बताया कि कई बार दवाएं भी नहीं मिलती हैं। इस कारण बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है।
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मुझे छाती में दर्द की शिकायत है। इलाज के लिए सुबह नौ बजे ही आया था। कोई इलाज ही नहीं मिला है। स्लिप भी नहीं काटी जा रही है। चिकित्सक के बारे में कोई जानकारी भी नहीं है। यहां व्यवस्थाएं बिलकुल भी संतोषजनक नहीं हैं। - मलखान सिंह, कंवाली
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मैं शुगर और सरवाइकल का पेशेंट हूं। मुझे आज निजी अस्पताल में रेफर होने की परमिशन लेनी थी। सुबह कई घंटे बीत जाने के बाद भी मुझे रेफर नही किया गया है। इससे पहले में भी दो बार यहां आ चुका हूं। लेकिन मुझे चिकित्सक नही मिल रहे हैं। सरकार हमारी पैसा काटती है तो इसके लिए कम से कम सुविधाएं तो बेहतर मिले।
- सूबेदार हजारीलाल, नंगली गोधा
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मेरी मां हार्ट की पेशेंट है। मैं अपनी मां को गांव नैताना से उपचार के लिए हर माह लेकर आती हूं। हम सुबह से यहां बैठे है। लेकिन सुविधा के अभाव में समय पर उपचार नहीं मिल रहा है। हर बार यही होता है कि मरीजों को इलाज के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।
पुष्पा, मोहल्ला उत्तम नगर
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मैं सुबह से चिकित्सकों का इंतजार कर रहा हूूं। मुझे पेशाब में दिक्कत है जिसके लिए मुझे आज यहां से रेफर होकर अस्पताल में भर्ती होना था। यहां दवाईयां भी आधी मिलती है जिससे इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

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वर्जन:
पूर्व सैनिकों और आश्रितों का यह आरोप पूरी तरह से गलत है। इतना अवश्य है कि फिलहाल दो चिकित्सक हैं लेकिन सुबह चिकित्सक आए थे लेकिन मरीजों ने उनके साथ ही अभद्रता शुरू कर दी। इसकी वजह से गुस्से के कारण वे बीच में ही चले गए। इसके बाद उनको अनुरोध करके बुलाया गया था। यहां पर पांच पदों के लिए चिकित्सकों का साक्षात्कार होना है। यह क्लीनिक भी स्थानांतरित होकर आया है। इस कारण कुछ परेशानी अवश्य आ रही हैं लेकिन ऐसा नहीं है। पूर्व सैनिकों को बेहतर इलाज नहीं मिलता है। दवाएं भी पर्याप्त हैं। - कर्नल एसएस सांगवान, प्रभारी ईसीएचएस क्लीनिक
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