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बारिश से भीगा गेहूं
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:37 AM IST
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जिले की मंडियों में भीगा दो लाख बैग गेहूं
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
मौसम का बिगड़ता मिजाज किसानों के साथ व्यापारियों और खरीद एजेंसियों की चिंता बढ़ा रहा है। बुधवार सुबह हल्की बारिश के बाद मौसम साफ हो गया था लेकिन दोपहर बाद फिर से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश की वजह से रेवाड़ी और कोसली में चल रही गेहूं और सरसों की खरीद भी प्रभावित हुई है। रिकार्ड तोड़ खरीद के चलते रेवाड़ी मंडी में अभी गेहूं के डेढ़ लाख बैग जबकि सरसों के 50 हजार बैग खुले में पड़े हैं। बावल और कोसली मंडी में भी करीब एक लाख गेहूं के बैग खुले में हैं। बारिश से खरीद कार्य भी प्रभावित हुआ है इस कारण कोसली और रेवाड़ी में खरीद भी नहीं हो पाई।
90 हजार कट्टों का हुआ उठान
रेवाड़ी अनाज मंडी में अभी तक ढाई लाख बैग गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदारी की गई है। एक दिन मंडी बंद कर किए उठान के बाद अब तक लगभग 90 हजार कट्टों का उठान हो चुका है बावजूद इसके अभी भी मंडी में गेहूं के करीब डेढ़ लाख कट्टे पड़े हैं। सुबह और शाम को हुई बारिश की वजह से उन किसानों को भी गेहूं भीग गया जो कि बिक्री के लिए लेकर आए थे। इसी तरह व्यापारियों द्वारा खरीदी गई सरसों के भी करीब 40 हजार बैग खुले में है। मंडी में आलम यह है कि रिकार्ड आवक की वजह से फड़ों पर जगह नहीं है। इसी तरह कोसली मंडी में अभी तक करीब 58 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई लेकिन उसके मुकाबले उठान अभी तक 10 हजार बैग का ही हुआ है जो कि बेहद कम हुआ है। जिसकी वजह से कोसली व बावल में लगभग एक लाख बैग खुले में पड़े हैं। यह गेहूं भी बारिश में भीग गया है। कोसली में धीमे उठान को लेकर व्यापारी भी रोष जता चुके हैं बावजूद इसके अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में अब बुधवार से बदले मौसम के कारण जिन व्यापारियों की फड़ों पर समर्थन मूल्य खरीदा गया गेहूं पड़ा है वह भीगने लग रहा है जिसका खामियाजा व्यापारियों को ही उठाना पड़ रहा है।
किसान चिंतित अभी भी चल रही है कटाई
जिला में इस बार लगभग 49 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं का रकबा है तथा ज्यादातर क्षेत्रों में अभी गेहूं की कटाई चल रही है। वहीं जो किसान कटाई करवा चुके हैं वे अभी तक थ्रैसिंग नहीं करा पाएं हैं क्योंकि इससे पहले पिछले शुक्रवार को हुई बारिश में गेहूं की पुलियां भीग गई थी। अब बुधवार को फिर हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
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बारिश बिगाड़ी शहर की सूरत
शहर में दोपहर बाद हुई तेज बारिश की वजह से जगह-जगह जलभराव की भी स्थिति पैदा हो गई। हालात यह हो गए कि बाजारों में सड़कों पर जमा गंदगी की वजह से कीचड़ और फिसलन हो गई। इस कारण पैदल चलने वाले लोगों को भी भी काफी परेशानी हुई।
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मंडी में जिस तेजी से उठान होना चाहिए है वह नहीं हो रही है। इसकी वजह से न केवल हमारे द्वारा खरीदा गया गेहूं व सरसों भीग रहा है अपितु जो किसान बिक्री के लिए आ रहे हैं उनको भी परेशानी हो रही है। बुधवार को बारिश से हजारों की संख्या में खुले में पड़ा गेहूं व बोरियां भीग गई। - राधेश्याम मित्तल, प्रधान नई अनाज मंडी व्यापार मंडल।
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मौसम विभाग ने बुधवार तक ही बारिश की संभावना व्यक्त की हुई थी। अब आगे बारिश होने की संभावना बेहद कम हैं। बुधवार को जिले में सभी जगह हलकी बारिश हुई है। इससे नुकसान तो नहीं है लेकिन नमी बढ़ जाएगी।
- डॉ. दीपक यादव, एसडीओ कृषि।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
मौसम का बिगड़ता मिजाज किसानों के साथ व्यापारियों और खरीद एजेंसियों की चिंता बढ़ा रहा है। बुधवार सुबह हल्की बारिश के बाद मौसम साफ हो गया था लेकिन दोपहर बाद फिर से तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश की वजह से रेवाड़ी और कोसली में चल रही गेहूं और सरसों की खरीद भी प्रभावित हुई है। रिकार्ड तोड़ खरीद के चलते रेवाड़ी मंडी में अभी गेहूं के डेढ़ लाख बैग जबकि सरसों के 50 हजार बैग खुले में पड़े हैं। बावल और कोसली मंडी में भी करीब एक लाख गेहूं के बैग खुले में हैं। बारिश से खरीद कार्य भी प्रभावित हुआ है इस कारण कोसली और रेवाड़ी में खरीद भी नहीं हो पाई।
90 हजार कट्टों का हुआ उठान
रेवाड़ी अनाज मंडी में अभी तक ढाई लाख बैग गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदारी की गई है। एक दिन मंडी बंद कर किए उठान के बाद अब तक लगभग 90 हजार कट्टों का उठान हो चुका है बावजूद इसके अभी भी मंडी में गेहूं के करीब डेढ़ लाख कट्टे पड़े हैं। सुबह और शाम को हुई बारिश की वजह से उन किसानों को भी गेहूं भीग गया जो कि बिक्री के लिए लेकर आए थे। इसी तरह व्यापारियों द्वारा खरीदी गई सरसों के भी करीब 40 हजार बैग खुले में है। मंडी में आलम यह है कि रिकार्ड आवक की वजह से फड़ों पर जगह नहीं है। इसी तरह कोसली मंडी में अभी तक करीब 58 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की गई लेकिन उसके मुकाबले उठान अभी तक 10 हजार बैग का ही हुआ है जो कि बेहद कम हुआ है। जिसकी वजह से कोसली व बावल में लगभग एक लाख बैग खुले में पड़े हैं। यह गेहूं भी बारिश में भीग गया है। कोसली में धीमे उठान को लेकर व्यापारी भी रोष जता चुके हैं बावजूद इसके अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में अब बुधवार से बदले मौसम के कारण जिन व्यापारियों की फड़ों पर समर्थन मूल्य खरीदा गया गेहूं पड़ा है वह भीगने लग रहा है जिसका खामियाजा व्यापारियों को ही उठाना पड़ रहा है।
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किसान चिंतित अभी भी चल रही है कटाई
जिला में इस बार लगभग 49 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं का रकबा है तथा ज्यादातर क्षेत्रों में अभी गेहूं की कटाई चल रही है। वहीं जो किसान कटाई करवा चुके हैं वे अभी तक थ्रैसिंग नहीं करा पाएं हैं क्योंकि इससे पहले पिछले शुक्रवार को हुई बारिश में गेहूं की पुलियां भीग गई थी। अब बुधवार को फिर हुई बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है।
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बारिश बिगाड़ी शहर की सूरत
शहर में दोपहर बाद हुई तेज बारिश की वजह से जगह-जगह जलभराव की भी स्थिति पैदा हो गई। हालात यह हो गए कि बाजारों में सड़कों पर जमा गंदगी की वजह से कीचड़ और फिसलन हो गई। इस कारण पैदल चलने वाले लोगों को भी भी काफी परेशानी हुई।
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मंडी में जिस तेजी से उठान होना चाहिए है वह नहीं हो रही है। इसकी वजह से न केवल हमारे द्वारा खरीदा गया गेहूं व सरसों भीग रहा है अपितु जो किसान बिक्री के लिए आ रहे हैं उनको भी परेशानी हो रही है। बुधवार को बारिश से हजारों की संख्या में खुले में पड़ा गेहूं व बोरियां भीग गई। - राधेश्याम मित्तल, प्रधान नई अनाज मंडी व्यापार मंडल।
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मौसम विभाग ने बुधवार तक ही बारिश की संभावना व्यक्त की हुई थी। अब आगे बारिश होने की संभावना बेहद कम हैं। बुधवार को जिले में सभी जगह हलकी बारिश हुई है। इससे नुकसान तो नहीं है लेकिन नमी बढ़ जाएगी।
- डॉ. दीपक यादव, एसडीओ कृषि।