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बाजार खुलने से पहले ही चले जेसीबी और हथौड़े
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:06 AM IST
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बाजार खुलने से पहले ही चले जेसीबी और हथौड़े
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नगर परिषद की टीम ने शुक्रवार सुबह बाजार खुलने से पहले ही अभियान चलाकर स्थायी अतिक्रमण तोड़ डाले। पहले दिन चालान काटने और अस्थायी अतिक्रमण हटाने के बाद दूसरे दिन दोपहर एक बजे तक जेसीबी से अतिक्रमण हटाया गया। शहर के सबसे व्यस्ततम पंजाबी मार्केट में पहली बार नगर परिषद की जेसीबी घुसी और पक्के अतिक्रमणों पर कार्रवाई की। दुकानदारों के हल्के विरोध के बाद आखिरकार नगर परिषद ने बाजार से अतिक्रमण हटा दिया। लोगों के अनुसार ऐसी कार्रवाई पहली बार देखी। पंजाबी मार्केट में जहां बाइक तक नहीं चल पाती थी, वहां अभियान के बाद ट्रैक्टर भी आसानी से चल रहा था। सुबह जेसीबी अतिक्रमण तोड़ती गई, पीछे चल रहे कर्मचारी मलबे को घोड़ा गाड़ी और ट्रैक्टर ट्राली में भरते रहे।
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जहां जेसीबी नहीं पहुंची वहां पहुंचे हथौड़े
पंजाबी मार्केट की कई छोटी गलियों में जेसीबी नहीं घुस पाई। इस पर नगर परिषद कर्मचारियों ने हथोड़े चलाकर दुकानों के बाहर बने कब्जों को तोड़ा। शुरुआत में कुछ दुकानदारों ने विरोध किया, लेकिन बाद में मान गए। कुछ दुकानदार खुद ही अपना कब्जा तोड़ने लगे। कार्रवाई से पहले आसपास के क्षेत्र की लाइटें बंद करवा दी गईं, जिससे कोई हादसा न हो।
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यह है शहर के बाजार की स्थिति
रेवाड़ी में करीब 10 बाजार हैं। इनमें पुरानी सब्जी मंडी, मोती चौक, जीवली बाजार, बूरा बाजार, गुड़ बाजार, बजाजा बाजार, गोकल बाजार, केवल बाजार और पंजाबी मार्केट प्रमुख हैं। यहां करीब तीन हजार दुकानें हैं। बाजार में करीब 50 हजार लोगों का प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है, जिससे यह बाजार अति व्यस्त रहते हैं। दुकानदारों के अतिक्रमण और वाहन खड़े रहने से बाजारों में आने जाने तक का रास्ता नहीं बचता, जिससे लोगों का निकलना तक दूभर हो गया है।
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यूं हो सकता है समाधान
अतिक्रमण पर कार्रवाई ठीक है। लेकिन यह कार्रवाई प्रतिदिन चले तो बात बने। देखा जाता है कि कार्रवाई के दौरान तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन उसके बाद वही ढाक के तीन पात हो जाता है। हालांकि इस बार नगर परिषद का मानना है कि यह कार्रवाई लगातार चलेगी। अमर उजाला ने इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं। जो इस तरह हैं।
1. गोकलगेट से पुरानी सब्जी मंडी तक का रोड सबसे व्यस्त हैं। यहां दिनभर चौपहिया वाहन निकलते हैं। जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। अगर सुबह 11 से छह बजे तक चौपहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लग जाए तो जाम की समस्या से निजात मिल सकता है।
2. बैरिकेट्स भी इसका एक हल है। पहले नगर परिषद ने यहां बैरिकेट्स लगाए थे। जो बाद में हटा लिए गए। अगर बैरिकेट्स लगते हैं तो लोग वाहन खड़ा करने से पहले दो बार सोचेंगे। ऐसे में बैरिकेट्स लगाए जाने चाहिए।
3. इस मार्ग पर नालियां रुकी हुई हैं। जिनके ऊपर लोगों ने कब्जा किया हुआ है। अगर इन नालियों पर फुटपाथ बना दिया जाए तो अतिक्रमण ही नहीं हो सकेगा।
4. शहर की सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। बाजार में आने वाले लोगों के सामने अपने वाहन खड़े करना बड़ी मुसीबत भरा है। ऐसे में ग्राहक दुकानों के सामने ही वाहन खड़ा करते हैं। अगर पार्किंग की व्यवस्था हो जाए तो सारा झंझट ही समाप्त हो जाए। हालांकि नगर परिषद ने कानोड गेट, राव तुलाराम चौक के समीप और झज्जर रोड पर कम्युनिटी हॉल के समीप पार्किंग स्थल बनाने का प्रपोजल बनाया है। इसके लागू होने के बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।
5. सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा की भी है। सांसद निधि से शहर के चौराहों पर 10 लाख रुपये की लागत से गत वर्ष सीसीटीवी कैमरे लगे थे। आज यह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे व्यापारियों के जान-माल को हानि होने की आशंका रहती है। पिछले दिनों गोकल बाजार में एक सेल्समैन को बदमाश ने गोली मार दी थी। हालांकि वह बदमाश दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की बदौलत पकड़ा गया। अगर बाजार में भी लगे ये कैमरे ठीक हो जाएं तो व्यापारी भी निश्चिंत रह सकते हैं।
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कार्रवाई का हम सम्मान करते हैं। यह तभी सफल है जब यह नियमित रूप से हो। और भी समस्याएं हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए। - रविकांत चांदना, प्रधान गोकुल बाजार
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई ठीक है। इसके लिए लोगों को भी जागरूक होना होगा। सीसीटीवी कैमरे भी खराब हैं। इनकी ओर किसी का ध्यान नहीं है। - विवेक धींगड़ा, संयोजक, सांसद निधि कोष
नगर परिषद की कार्रवाई एकदम सही है। लेकिन इसका स्थायी समाधान होना जरूरी है। अच्छा प्रयास है। नियमित चलना चाहिए। सभी व्यापारी इसमें प्रशासन के साथ हैं। -राजेश, प्रधान, बजाजा बाजार
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फड़ लगाया तो होगी कानूनी कार्रवाई : ईओ
नगर परिषद अब रविवार को बाजार में फड़ लगाने वालों पर भी कार्रवाई के मूड में है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनोज यादव ने बताया कि इस तरह से फड़ लगाना पूरी तरह से गैरकानूनी है। रविवार को नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी इसका निरीक्षण करेंगे। यदि कोई फड़ (पटरी) लगाई हुई मिली तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं अतिक्रमण के खिलाफ भी नियमित रूप से जारी रहेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
नगर परिषद की टीम ने शुक्रवार सुबह बाजार खुलने से पहले ही अभियान चलाकर स्थायी अतिक्रमण तोड़ डाले। पहले दिन चालान काटने और अस्थायी अतिक्रमण हटाने के बाद दूसरे दिन दोपहर एक बजे तक जेसीबी से अतिक्रमण हटाया गया। शहर के सबसे व्यस्ततम पंजाबी मार्केट में पहली बार नगर परिषद की जेसीबी घुसी और पक्के अतिक्रमणों पर कार्रवाई की। दुकानदारों के हल्के विरोध के बाद आखिरकार नगर परिषद ने बाजार से अतिक्रमण हटा दिया। लोगों के अनुसार ऐसी कार्रवाई पहली बार देखी। पंजाबी मार्केट में जहां बाइक तक नहीं चल पाती थी, वहां अभियान के बाद ट्रैक्टर भी आसानी से चल रहा था। सुबह जेसीबी अतिक्रमण तोड़ती गई, पीछे चल रहे कर्मचारी मलबे को घोड़ा गाड़ी और ट्रैक्टर ट्राली में भरते रहे।
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जहां जेसीबी नहीं पहुंची वहां पहुंचे हथौड़े
पंजाबी मार्केट की कई छोटी गलियों में जेसीबी नहीं घुस पाई। इस पर नगर परिषद कर्मचारियों ने हथोड़े चलाकर दुकानों के बाहर बने कब्जों को तोड़ा। शुरुआत में कुछ दुकानदारों ने विरोध किया, लेकिन बाद में मान गए। कुछ दुकानदार खुद ही अपना कब्जा तोड़ने लगे। कार्रवाई से पहले आसपास के क्षेत्र की लाइटें बंद करवा दी गईं, जिससे कोई हादसा न हो।
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यह है शहर के बाजार की स्थिति
रेवाड़ी में करीब 10 बाजार हैं। इनमें पुरानी सब्जी मंडी, मोती चौक, जीवली बाजार, बूरा बाजार, गुड़ बाजार, बजाजा बाजार, गोकल बाजार, केवल बाजार और पंजाबी मार्केट प्रमुख हैं। यहां करीब तीन हजार दुकानें हैं। बाजार में करीब 50 हजार लोगों का प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है, जिससे यह बाजार अति व्यस्त रहते हैं। दुकानदारों के अतिक्रमण और वाहन खड़े रहने से बाजारों में आने जाने तक का रास्ता नहीं बचता, जिससे लोगों का निकलना तक दूभर हो गया है।
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यूं हो सकता है समाधान
अतिक्रमण पर कार्रवाई ठीक है। लेकिन यह कार्रवाई प्रतिदिन चले तो बात बने। देखा जाता है कि कार्रवाई के दौरान तो सब कुछ ठीक रहता है, लेकिन उसके बाद वही ढाक के तीन पात हो जाता है। हालांकि इस बार नगर परिषद का मानना है कि यह कार्रवाई लगातार चलेगी। अमर उजाला ने इसके लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं। जो इस तरह हैं।
1. गोकलगेट से पुरानी सब्जी मंडी तक का रोड सबसे व्यस्त हैं। यहां दिनभर चौपहिया वाहन निकलते हैं। जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। अगर सुबह 11 से छह बजे तक चौपहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लग जाए तो जाम की समस्या से निजात मिल सकता है।
2. बैरिकेट्स भी इसका एक हल है। पहले नगर परिषद ने यहां बैरिकेट्स लगाए थे। जो बाद में हटा लिए गए। अगर बैरिकेट्स लगते हैं तो लोग वाहन खड़ा करने से पहले दो बार सोचेंगे। ऐसे में बैरिकेट्स लगाए जाने चाहिए।
3. इस मार्ग पर नालियां रुकी हुई हैं। जिनके ऊपर लोगों ने कब्जा किया हुआ है। अगर इन नालियों पर फुटपाथ बना दिया जाए तो अतिक्रमण ही नहीं हो सकेगा।
4. शहर की सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। बाजार में आने वाले लोगों के सामने अपने वाहन खड़े करना बड़ी मुसीबत भरा है। ऐसे में ग्राहक दुकानों के सामने ही वाहन खड़ा करते हैं। अगर पार्किंग की व्यवस्था हो जाए तो सारा झंझट ही समाप्त हो जाए। हालांकि नगर परिषद ने कानोड गेट, राव तुलाराम चौक के समीप और झज्जर रोड पर कम्युनिटी हॉल के समीप पार्किंग स्थल बनाने का प्रपोजल बनाया है। इसके लागू होने के बाद समस्या का समाधान हो जाएगा।
5. सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा की भी है। सांसद निधि से शहर के चौराहों पर 10 लाख रुपये की लागत से गत वर्ष सीसीटीवी कैमरे लगे थे। आज यह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे व्यापारियों के जान-माल को हानि होने की आशंका रहती है। पिछले दिनों गोकल बाजार में एक सेल्समैन को बदमाश ने गोली मार दी थी। हालांकि वह बदमाश दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की बदौलत पकड़ा गया। अगर बाजार में भी लगे ये कैमरे ठीक हो जाएं तो व्यापारी भी निश्चिंत रह सकते हैं।
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कार्रवाई का हम सम्मान करते हैं। यह तभी सफल है जब यह नियमित रूप से हो। और भी समस्याएं हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए। - रविकांत चांदना, प्रधान गोकुल बाजार
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई ठीक है। इसके लिए लोगों को भी जागरूक होना होगा। सीसीटीवी कैमरे भी खराब हैं। इनकी ओर किसी का ध्यान नहीं है। - विवेक धींगड़ा, संयोजक, सांसद निधि कोष
नगर परिषद की कार्रवाई एकदम सही है। लेकिन इसका स्थायी समाधान होना जरूरी है। अच्छा प्रयास है। नियमित चलना चाहिए। सभी व्यापारी इसमें प्रशासन के साथ हैं। -राजेश, प्रधान, बजाजा बाजार
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फड़ लगाया तो होगी कानूनी कार्रवाई : ईओ
नगर परिषद अब रविवार को बाजार में फड़ लगाने वालों पर भी कार्रवाई के मूड में है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मनोज यादव ने बताया कि इस तरह से फड़ लगाना पूरी तरह से गैरकानूनी है। रविवार को नगर परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारी इसका निरीक्षण करेंगे। यदि कोई फड़ (पटरी) लगाई हुई मिली तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं अतिक्रमण के खिलाफ भी नियमित रूप से जारी रहेगी।