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10 नए केस, अब तक हुए 147 केस
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डेंगू को लेकर जिले में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। मंगलवार को जिले में डेंगू के 10 नए मरीज कंफर्म हुए हैं। दो दिन में सरकारी आंकड़ों में 14 मरीज कंफर्म हो चुके हैं जबकि वास्तविक स्थिति बेहद डरावनी है। निजी अस्पतालों में डेंगू के सैकड़ों मरीज भर्ती हैं लेकिन उनकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक नहीं पहुंचाई जा रही है। आलम यह हो रहा है कि अस्पतालों में बेड व मरीजों के लिए प्लेटलेट्स का संकट बढ़ता जा रहा है।
डेंगू के कारण अभी तक चार लोगों की मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची है। जिले के ही अस्पतालों में नहीं बल्कि गुरुग्राम, जयपुर व दिल्ली के अस्पतालों में भी यहां के मरीज भर्ती हैं। डेंगू की भयावहता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि व्हटसएप एवं फेसबुक पर दिनभर प्लेटलेट्स की जरूरत के लिए मैसेज चलते रहते हैं। रक्तदाताओं के जितने भी अलग-अलग ग्रुप बने हुए हैं सभी प्लेटलेट्स के प्रबंधन में जुटे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके। आलम यह है कि अब डेंगू के मरीजों के स्वजन को भी कोरोना की तरह बेड तलाशने पड़ रहे हैं। प्लेटलेट्स निकालने वाली लैब में भी इतनी लाइन लग रही है कि घंटों तक नंबर नहीं आ रहा है।
डेंगू जिस तेजी से फैल रहा है उसको देखते हुए स्पष्ट है कि लार्वा काफी हद तक अपने पैर पसार चुका है तथा डेंगू फैलाने वाले मच्छर बहुत अधिक हो गए हैं। चिकित्सकों की मानें तो इस बिगड़ती स्थिति में हर गांव-हर गली में फॉगिंग कराने की आवश्यकता है ताकि लार्वा को खत्म किया जा सके। जितनी ज्यादा फॉगिंग होगी उतना ही लाभदायक रहेगा। जिले में 1,265 जगहों पर डेंगू का लार्वा मिल चुका है। फॉगिंग में की जा रही लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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डेंगू के कारण अभी तक चार लोगों की मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची है। जिले के ही अस्पतालों में नहीं बल्कि गुरुग्राम, जयपुर व दिल्ली के अस्पतालों में भी यहां के मरीज भर्ती हैं। डेंगू की भयावहता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि व्हटसएप एवं फेसबुक पर दिनभर प्लेटलेट्स की जरूरत के लिए मैसेज चलते रहते हैं। रक्तदाताओं के जितने भी अलग-अलग ग्रुप बने हुए हैं सभी प्लेटलेट्स के प्रबंधन में जुटे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके। आलम यह है कि अब डेंगू के मरीजों के स्वजन को भी कोरोना की तरह बेड तलाशने पड़ रहे हैं। प्लेटलेट्स निकालने वाली लैब में भी इतनी लाइन लग रही है कि घंटों तक नंबर नहीं आ रहा है।
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डेंगू जिस तेजी से फैल रहा है उसको देखते हुए स्पष्ट है कि लार्वा काफी हद तक अपने पैर पसार चुका है तथा डेंगू फैलाने वाले मच्छर बहुत अधिक हो गए हैं। चिकित्सकों की मानें तो इस बिगड़ती स्थिति में हर गांव-हर गली में फॉगिंग कराने की आवश्यकता है ताकि लार्वा को खत्म किया जा सके। जितनी ज्यादा फॉगिंग होगी उतना ही लाभदायक रहेगा। जिले में 1,265 जगहों पर डेंगू का लार्वा मिल चुका है। फॉगिंग में की जा रही लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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