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Sirsa: फिर जेल से बाहर आएगा डेरामुखी, तैयारियों में जुटा प्रबंधन, मिल रहा चुनाव कनेक्शन
Sun, 09 Oct 2022 07:13 AM IST
भूपेंद्र सिंह
भूपेंद्र पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
भूपेंद्र पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 09 Oct 2022 07:13 AM IST
सार
15 अक्तूबर के बाद रिहाई हो सकती है। प्रशासन से फीडबैक मांगा जा रहा है। सिरसा या राजस्थान के किसी डेरा में ठहराव हो सकता है। इससे पहले भी मिल 30 दिन की पैरोल चुकी है , अब 40 दिन का अवकाश शेष है।
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राम रहीम
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
साध्वी यौन शोषण, पत्रकार छत्रपति और रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ सकता है। इस संबंध में पैरोल को लेकर प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि मंजूरी मिलते ही कभी भी जेल से छुट्टी मिल सकती है। इस बार डेरामुखी सिरसा मुख्यालय या राजस्थान के किसी डेरा में रुक सकता है। इसकी तैयारियां डेरा प्रबंधन ने शुरू कर दी है।
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डेरामुखी दिवाली का त्योहार जेल से बाहर मना सकता है। हालांकि डेरा प्रबंधन इस संबंध में अधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने से बच रहा है। इसे आदमपुर उपचुनाव और प्रदेश भर में होने वाले पंचायती चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। नियम अनुसार डेरामुखी को एक वर्ष में करीब 90 दिन की छुट्टी मिल सकती है।
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इसमें 21 दिन की फरलो और 70 दिन की पैरोल शामिल है। इस वर्ष फरवरी में डेरामुखी 21 दिन की फरलो ले चुका है। इसके बाद डेरामुखी ने जून माह में एक महीने की पैरोल ले चुका है। इस प्रकार से अभी भी दिसंबर से पहले डेरामुखी करीब 40 दिन की पैरोल ले सकता है।
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जून में पैरोल के दौरान ही बरनावा आश्रम में डेरामुखी ने न केवल आधार कार्ड में बदलाव करवाया बल्कि अपनी फैमिली आईडी में भी बदलाव किया। अब एक बार फिर डेरामुखी पैरोल लेने की तैयारी कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि डेरामुखी इस संबंध में जेल प्रशासन को आवेदन दे चुका है। डेरा के सूत्र बताते हैं कि इस बार डेरामुखी या तो सिरसा डेरा या फिर राजस्थान के किसी डेरा में छुट्टियां बिताएगा। संवाद
पैरोल मिली तो मनेगी खास दिवाली, अन्यथा रुटीन का रहेगा कार्यक्रम
यदि डेरामुखी को पैरोल मिली तो इस बार डेरा की दिवाली खास होगी। अनुयायी चाह रहे हैं कि डेरामुखी दिवाली पर बाहर आए। क्योंकि उम्मीद थी कि डेरामुखी गद्दी दिवस पर बाहर आएगा, लेकिन अनुयायियों को गुरु की चिट्टी संदेश से ही संतोष करना पड़ा। जेल से लिखे अपने पत्रों में डेरामुखी अनुयायियों को संदेश दे चुका है उनकी मुराद यानी दिली इच्छा जल्द पूरी होने वाली है। यदि ऐसा होता है और दिवाली पर डेरामुखी बाहर आया तो डेरामुखी के साथ-साथ अनुयायियों का त्योहार खास हो जाएगा। अन्यथा रुटीन के कार्यक्रम रहेंगे। डेरामुखी के आने को लेकर डेरा प्रबंधन ने अपने स्तर पर काम शुरू कर दिया है। शिक्षण संस्थानों से लेकर अन्य प्रतिष्ठानों और नाम चर्चाओं में भी संदेश दिया जा रहा है कि गुरुजी जल्द बाहर आएंगे।
आदमपुर उपचुनाव और पंचायती चुनाव को लेकर भी जुड़ रहे तार
आदमपुर विधानसभा का उपचुनाव आ गया है। इसके साथ ही प्रदेश भर में पंचायती चुनाव का भी बिगुल बज चुका है। इसलिए इन चर्चाओं को बल मिल रहा है कि डेरामुखी को पैरोल मिल सकती है। बताया जा रहा है कि पैरोल अवधि के दौरान चुनाव को लेकर डेरा की राजनीतिक विंग रणनीति बनाएगी और अपना रुख स्पष्ट करेगी कि आखिर किसे समर्थन करना है। सूत्र बताते हैं कि आदमपुर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में डेरा से जुड़े अनुयायी हैं और पंचायत चुनाव में तो डेरा से जुड़े लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेंगे ही।
नवंबर में शाह मस्ताना जी का मनाया जाता है जन्मदिवस
इस वर्ष अक्तूबर में दिवाली है तो दूसरी ओर 15 नवंबर को डेरा के प्रथम गद्दीनशीन संत शाह मस्ताना जी का जन्मदिवस भी है। इस दौरान डेरा में कार्यक्रम होता है। उम्मीद जताई जा रही है कि डेरामुखी या तो दिवाली या फिर शाह मस्ताना जी के जन्मदिवस पर होने वाले कार्यक्रमों के दौरान भाग ले सकते हैं। इसके अलावा जनवरी में होने वाले बड़े कार्यक्रम को लेकर भी अनुयायियों की मांग है कि यहां आएं।
डैमेज कंट्रोल करने का रहेगा प्रयास
डेरामुखी के आधार कार्ड और फैमिली आईडी में हुए बदलाव के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब के अनुयायियों में ज्यादा विरोध देखने को मिल रहा है। अनुयायियों का आरोप है कि किसी ने फर्जी तरीके से बदलाव करवाया है और ये गलत हुआ है। कहा जा रहा है कि डेरामुखी अपनी पैरोल अवधि के दौरान इस विवाद को लेकर भी स्थिति का डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास करेंगे।