Haryana: कैथल के पांच सरपंचों समेत दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, मुख्यमंत्री की रैली में शांतिभंग का आरोप
शुक्रवार को सिरसा और नाथूसरी चोपटा क्षेत्र से सरपंच नरवाना रैली का विरोध करने के लिए निकले तो पुलिस की ओर से सिरसा व नाथूसरी चोपटा पुलिस ने सरपंचों का नेतृत्व कर रहे मुख्य नेताओं सहित अन्य सरपंचों को हिरासत में ले लिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद अन्य सरपंच और किसान नेता रोष प्रदर्शन करते हुए थाने के समक्ष पहुंच गए।
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हरियाणा के जींद के नरवाना में हुई मुख्यमंत्री की रैली में शांतिभंग करने के आरोप में नरवाना शहर थाना पुलिस ने कैथल जिले के पांच सरपंचों समेत दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। बाद में सरपंचों व अन्य सभी को तहसीलदार की अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को जमानत मिल गई।
रैली स्थल पर भीड़ में काफी लोग थे। भीड़ के अंदर से काफी लोग नारेबाजी करने लगे। ये लोग पंचायत मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने तुरंत इन लोगों को पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया। इनमें कैथल जिले के गांव भानपुरा के सरपंच दयानंद, रोहेडा के जसमेर, मानस के रमेश, बड़सीकरी के सरपंच अमृतलाल, ददरेड़ी के सरपंच सुखबिंद्र गोयत, मटोर गांव निवासी रमेश, मानव गांव निवासी होशियार सिंह, मानव गांव निवासी सुरेश, खरक पांडवा निवासी सुरेश और बातां गांव के सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। शहर थाना प्रभारी रामनिवास ने कहा कि शांति भंग करने के आरोप में इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बाद में इनको जमानत मिल गई।
सीएम के कार्यक्रम का विरोध करने नरवाना पहुंचे 130 सरपंच हिरासत में
नरवाना की स्थानीय मेला मंडी में आयोजित संत शिरोमणि दास जयंती कार्यक्रम में सीएम मनोहर लाल का विरोध करने पहुंचे 130 सरपंचों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें तीन बसों में भर कर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। कार्यक्रम के बाद सभी को छोड़ा गया। कार्यक्रम में किसी प्रकार का गतिरोध न हो, इसके लिए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। सुरक्षा की कमान खुद एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने संभाली।
ई-टेंडरिंग तथा राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंच एक पखवाड़े से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। सरपंच एसोसिएशन ने मांगे न माने जाने के विरोध में नरवाना में शुक्रवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सीएम मनोहर लाल के शामिल होने पर विरोध का ऐलान किया था।
शुक्रवार को काफी संख्या में सरपंच बद्दोवाला टोल प्लाजा पर एकजुट हुए। कुछ समय के लिए सरपंचों ने हिसार-चंडीगढ़ मार्ग को बाधित भी किया। सरपंचों के तेवर को देखते हुए भारी पुलिस बल को बदोवाला टोल प्लाजा पर तैनात कर दिया गया था।
पुलिस ने शुरुआती दौर में सरपंचों को समझाने का प्रयास किया गया। सरपंचों के एकजुट होने की सूचना पाकर एसपी नरेंद्र बिजारणिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। सरपंच नहीं माने और नारेबाजी करने लगे। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 130 सरपंचों को हिरासत में ले लिया और उन्हें तीन बसों में भरकर हिसार की तरफ अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। सीएम के कार्यक्रम के समाप्त होने पर सभी सरपंचों को रिहा कर दिया।
उचाना : नरवाना में आयोजित जनसभा का विरोध करने जा रहे सरपंचों को पुलिस ने बीच रास्ते ही रोक लिया। सरपंच एसोसिएशन प्रधान संदीप शर्मा ने बताया कि सरपंच अपनी गाड़ी से सीएम की जनसभा का विरोध करने जा रहे थे तो रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस उन्हें उचाना पुलिस थाना ले गई। कार्यक्रम खत्म होने के बाद उन्हें जाने दिया गया। कहा कि सरपंचों की मांगे जब तक सरकार नहीं मानती तब तक सरपंच विरोध जारी रखेंगे। शर्मा ने कहा कि 2 लाख से ई-टेंडरिंग की सीमा बढ़ा कर 25 लाख रुपये करने सहित अन्य मांगे सरपंच कर रहे है। सरकार हठ किए हुए है। इस मौके पर रामचंद्र करसिंधु, श्रीकांत कहसून, बड़ौदा, नवीन बुडायन, राजेश दुर्जनपुर, अनिल उदयपुर, धर्मबीर नचार, बलजीत घसो, मनीष काब्रच्छा साथ में मौजूद रहे।
चोपटा में पुलिस ने सरपंचों को हिरासत में लिया, आधा घंटा जाम लगाने पर छोड़े
नरवाना में होने वाले रविदास जयंती कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध करने जा रहे चोपटा के सरपंचों को पुलिस ने सुबह सात बजे ही हिरासत में ले लिया। रोष स्वरूप अन्य सरपंचों व किसान नेताओं ने चोपटा थाना के समक्ष पहले धरना दे दिया और इसके बाद सिरसा भादरा रोड पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक जाम लगाने के बाद पुलिस ने सरपंचों को छोड़ दिया।
शुक्रवार को सिरसा और नाथूसरी चोपटा क्षेत्र से सरपंच नरवाना रैली का विरोध करने के लिए निकले तो पुलिस की ओर से सिरसा व नाथूसरी चोपटा पुलिस ने सरपंचों का नेतृत्व कर रहे मुख्य नेताओं सहित अन्य सरपंचों को हिरासत में ले लिया। मामले की जानकारी मिलने के बाद अन्य सरपंच और किसान नेता रोष प्रदर्शन करते हुए थाने के समक्ष पहुंच गए। सिरसा क्षेत्र के करीब 10 सरपंचों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन में पहुंचाया है। जबकि चोपटा के सरपंचों को थाने में ही बैठाया गया। सरपंचों को छोड़ने की मांग को लेकर अन्य सरपंच और किसान नेताओं ने एकत्र होकर सुबह थाने के समक्ष सिरसा भादरा रोड भी जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक जाम लगाए जाने के बाद पुलिस ने सरपंचों को छोड़ दिया है। जिसके बाद सभी सरपंचों ने थाने के सामने ही धरना दे दिया। वहीं हरियाणा सरपंच एसोसिएशन की उपप्रधान संतोष बैनीवाल ने कहा कि शनिवार को फतेहाबाद के भट्टू में पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के कार्यक्रम का अब वह विरोध करेंगे ।
भारी पुलिस बल रहा थाने के समक्ष तैनात
सुबह सात बजे ही पुलिस की ओर से सरपंचों को हिरासत में लिया गया था। ऐसे में काफी संख्या में लोग थाने के समक्ष पहुंच गए और धरना दे दिया। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। इस दौरान पूर्व विधायक व कांग्रेसी नेता भरत सिंह बैनीवाल भी धरना स्थल पर आकर सरपंचों को समर्थन दिया।
सीएम का विरोध करने जा रहे सरपंचों को किया नजरबंद
सरपंच ब्लॉक एसोसिएशन के सदस्यों को सीएम की रैली में नरवाना जाते समय पुलिस ने नजरबंद कर लिया और थाने में बैठा दिया। पुलिस कार्रवाई से नाराज सरपंचों ने पुलिस थाने में ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप पेलपा ने बताया कि हरियाणा के सरपंचों ने नरवाना में होने वाली मुख्यमंत्री की रैली का विरोध करने का फैसला लिया था, जिसमें मुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन करना था। इसी को लेकर सरपंचों ने नरवाना की ओर कूच किया तो केएमपी पर सरपंचों को नजरबंद कर दिया गया और दोपहर तक पुलिस थाना में बैठाकर रखा गया।
संदीप ने बताया कि ई-टेंडरिंग के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर पंचायतों को 25 लाख रुपये तक काम करवाने की मांग की है, क्योंकि नई नीति के तहत गांवों का विकास बाधित हो रहा है और सरकार ने दो लाख रुपये से ज्यादा के काम के लिए ई-टेंडरिंग प्रणाली लागू कर दी है, जो कि ग्राम विकास में बाधा पहुंचा रही हैं।
बार-बार सरकार से मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला गया है। इससे सरपंचों में सरकार के प्रति रोष बना है। इस अवसर पर विजयपाल लुकसर, हनुमान लाडपुर सहित काफी संख्या में सरपंच मौजूद रहे। वहीं पुलिस थाना प्रभारी बाबूलाल का कहना है कि सरपंचों को नजरबंद नहीं किया गया। बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक बुलाई गई थी, जिसमें सरपंचों की भागीदारी रही है। उन्होंने किसी सरपंच के साथ जबरदस्ती नहीं की और शांतिप्रिय तरीके से बैठक हुई है।
फतेहाबाद में सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता सहित कई सरपंच पुलिस हिरासत में
नरवाना में हो रही मुख्यमंत्री मनोहर लाल की रैली का विरोध करने जा रहे फतेहाबाद के कई सरपंचों को पुलिस प्रशासन ने सुबह ही हिरासत में ले लिया। इनमें हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया व जिलाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह भी शामिल रहे। नरवाना जाने के लिए निकले प्रदेश प्रवक्ता चंद्रमोहन पोटलिया को भट्टू के फतेहाबाद मोड़ पर ही पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। पोटलिया अपने दो सहयोगी सरपंचों के साथ जा रहे थे। इसके अलावा भूना खंड के गांव बैजलपुर के सरपंच हेमंत बैजलपुरिया अपने कुछ समर्थकों सहित स्कारपियो गाड़ी में सवार होकर निकले ही थे कि गांव के बाहर ही भूना पुलिस ने उन्हें रोक लिया और एसएचओ उन्हें अपने साथ थाने में ले गए। इसके अलावा सरपंच एसोसिएशन के फतेहाबाद जिलाध्यक्ष गुरप्रीत गौरी को भी डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने रोक लिया और उन्हें रतिया ले आई।
कलानौर पुलिस ने दो सरपंचों को 14 घंटे बाद छोड़ा
कलानौर पुलिस ने ई टेंडरिंग के विरोध में प्रदर्शन करने व मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होकर हूटिंग, काले झंडे दिखाने का प्लान करने के कारण सरपंच चुन्नी लाल सांगाहेड़ा व सरपंच भगवत दयाल मसुदपूर को गुरुवार रात 10 बजे ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद रात भर थाने में नजरबंद रखा गया। सभी सरपंच सुबह अपने दोनों साथियों से मिलने के लिए पहुंचे तो उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें रात को ही फोन करके बताया कि आप लोगों पर आरोप है कि आप लोग मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यक्रम में शामिल होकर अशांति फैलाने की फिराक में थे। शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद दोनों को छोड़ दिया जाएगा।
सरपंच सुन्दर लाल ने बताया कि इस तरह से सरकार हमारे साथियों को गिरफ्तार करके हमारी मांगों को नहीं दबा सकती है। बिना किसी गुनाह के गिरफ्तार करना सरकार को आने वाले समय में भारी पड़ेगा। सरकार सरपंचों का इम्तिहान ना ले। आगामी कार्यक्रम में चंडीगढ़ तक सभी सरपंच पैदल मार्च कर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
किसी को कोई नुकसान नही पहुंचाया गया है। शांति और भाईचारा बना रहे इसके लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। दो सरपंचों को हिरासत में लिया गया है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बाधा ना आए इसके लिए कलानौर थाना में बुलाया गया था। फिलहाल पुलिस की कस्टडी में ही हैं। - रामभक्त एएसआई, अतिरिक्त कार्यवाहक थाना कलानौर