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Panipat News: पत्थरबाजी की अधिकांश घटनाओं में युवा और नाबालिग शामिल, आरपीएफ चौकस
Tue, 20 Jan 2026 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 20 Jan 2026 02:44 AM IST
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पत्थरबाजी के खिलाफ लोगों को जागरूक करते हुए आरपीएफ टीम।
पानीपत। रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ ने पत्थरबाजी की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के लिए चौकसी और सख्ती दोनों बढ़ा दी हैं। बीते कुछ समय से ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं सामने आने के बाद आरपीएफ ने स्टेशन परिसर, ट्रैक के किनारे और संवेदनशील स्पॉट एरिया में नियमित गश्त शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य न केवल पत्थरबाजों की पहचान कर उन्हें पकड़ना है, बल्कि ऐसी घटनाओं को पहले ही रोक देना भी है, ताकि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अब तक पत्थरबाजी की अधिकांश घटनाओं में युवा और नाबालिग शामिल पाए गए हैं। कई बार शरारत के तौर पर तो कई बार बिना परिणाम समझे बच्चे और किशोर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे देते हैं लेकिन इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। पत्थर लगने से ट्रेन के शीशे टूट जाते हैं, यात्री घायल हो सकते हैं और रेल संचालन भी प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ आसपास की बस्तियों और गांवों में जागरूकता अभियान चला रही है।
आरपीएफ द्वारा प्लेटफॉर्म, यार्ड, आउटर एरिया और ट्रैक के किनारे स्थित संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां ज्यादा सख्ती बढ़ाई गई है। रात के समय विशेष गश्त बढ़ाई गई है ताकि पत्थरबाजों पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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पत्थरबाजी के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। अधिकांश घटनाओं में युवा और नाबालिग शामिल होते हैं। युवाओं और उनके अभिभावकों को जागरूक किया जाता है।
-दिनेश कुमार मीना, थाना प्रभारी आरपीएफ।
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अब तक पत्थरबाजी की अधिकांश घटनाओं में युवा और नाबालिग शामिल पाए गए हैं। कई बार शरारत के तौर पर तो कई बार बिना परिणाम समझे बच्चे और किशोर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे देते हैं लेकिन इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। पत्थर लगने से ट्रेन के शीशे टूट जाते हैं, यात्री घायल हो सकते हैं और रेल संचालन भी प्रभावित होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ आसपास की बस्तियों और गांवों में जागरूकता अभियान चला रही है।
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आरपीएफ द्वारा प्लेटफॉर्म, यार्ड, आउटर एरिया और ट्रैक के किनारे स्थित संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां ज्यादा सख्ती बढ़ाई गई है। रात के समय विशेष गश्त बढ़ाई गई है ताकि पत्थरबाजों पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
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पत्थरबाजी के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। अधिकांश घटनाओं में युवा और नाबालिग शामिल होते हैं। युवाओं और उनके अभिभावकों को जागरूक किया जाता है।
-दिनेश कुमार मीना, थाना प्रभारी आरपीएफ।