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Panipat News: चेतावनी निशान से नीचे तीव्र गति से बह रही यमुना
Wed, 19 Jul 2023 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Wed, 19 Jul 2023 02:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना का पानी चेतावनी निशान से तो नीचे आ गया है, लेकिन इसके बहाव की गति काफी तेज है। नवादा आर और पत्थरगढ़ गांवों के बीच टूटे तटबंध को ठीक कर उसे मजबूत करने को लेकर मिट्टी के कट्टे लगाए गए हैं। हालांकि अधिकारियों ने अभी जिले की सीमा में यमुना का तटबंध टूटने का खतरा नहीं बताया है। दूसरी ओर हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के चलते जिला प्रशासन अभी भी अलर्ट है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी यमुना पर डटे हुए हैं। अगर पानी और छोड़ा गया तो यमुना में पानी का स्तर और बढ़ सकता है।
वहीं यमुना में सोमवार को 230.59 मीटर लेवल पर पर पानी बह रहा था और मंगलवार को कुछ कम होकर 230.25 मीटर पर पहुंच चुका है। यमुना पुल पर चेतावनी का लेवल 231 मीटर और खतरे का 231.50 मीटर है। यमुना पुल स्थित केंद्रीय जल बोर्ड के जेई रोहित ने बताया कि यमुना में मंगलवार को 230.25 मीटर पर पानी चल रहा है, लेकिन हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी से मंगलवार रात तक करीब आधा मीटर जल स्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि कोई खतरे वाली बात नहीं है।
सनौली खुर्द व आसपास के गांवों में हजारों गायों के झुंड बेसहारा होकर घूम रहे हैं। पिछले पांच दिनों में छह गायों की मौत हो चुकी है। इससे पहले भी गोशाला में बाढ़ के पानी भरे से छह गायों की मौत भी हो गई थी। अब तक 12 गायों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को भी एक गाय सनौली खुर्द तालाब में धंसने से मौत हो गई है। गो सेवकों ने तालाब में धंसी गाय को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। सनौली खुर्द थाना के पास चतुर्भुज गोशाला में यमुना का पानी भरने से 1200 गोवंश को बाहर निकालकर सड़क पर छोड़ दिया गया था। उनमें से कुछ गोवंश को प्रशासन ने दूसरी गोशालाओं में भिजवा दिया, लेकिन अभी भी सैकड़ों गोवंश सनौली खुर्द के आसपास घूम रहे हैं। इन गायों के लिए चारे के संकट को देखते हुए आसपास के गो सेवक चारा लेकर गायों को डाल रहे हैं।
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यमुना का तटबंध टूटने से भरे पानी की वजह से सनौली खुर्द ब्लाक के दर्जनों गांवों के किसानों की फसलें डूबने से खराब हो गई हैं। वहीं खेतिहर मजदूरों का काम धंधा भी बंद हो गया है। अधिकतर खेती में एक सप्ताह से अभी भी पानी भरा है। मैदानी क्षेत्र के साथ-साथ पहाड़ों में भी बरसात चल रही है। अभी बरसात के चलते खेतों में भरे बाढ़ का पानी सूखता नजर नहीं आ रहा है।
यमुना के बाढ़ के पानी से प्रभावित गांव में ज्यादातर लोग खेती व मजदूरी करते हैं। किसानों को तो फसल खराब होने की चिंता सता रही है, जबकि गांव की बहुत से महिलाएं सब्जी के खेतों में मजदूरी करने जाती थी। इनकी फसल अब पानी भरने से खराब हो चुकी है। पंचायतों के मनरेगा के तहत भी काम चल रहे थे पर अभी वे भी बंद हैं।
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सनौली। यमुना का पानी चेतावनी निशान से तो नीचे आ गया है, लेकिन इसके बहाव की गति काफी तेज है। नवादा आर और पत्थरगढ़ गांवों के बीच टूटे तटबंध को ठीक कर उसे मजबूत करने को लेकर मिट्टी के कट्टे लगाए गए हैं। हालांकि अधिकारियों ने अभी जिले की सीमा में यमुना का तटबंध टूटने का खतरा नहीं बताया है। दूसरी ओर हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी के चलते जिला प्रशासन अभी भी अलर्ट है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी यमुना पर डटे हुए हैं। अगर पानी और छोड़ा गया तो यमुना में पानी का स्तर और बढ़ सकता है।
वहीं यमुना में सोमवार को 230.59 मीटर लेवल पर पर पानी बह रहा था और मंगलवार को कुछ कम होकर 230.25 मीटर पर पहुंच चुका है। यमुना पुल पर चेतावनी का लेवल 231 मीटर और खतरे का 231.50 मीटर है। यमुना पुल स्थित केंद्रीय जल बोर्ड के जेई रोहित ने बताया कि यमुना में मंगलवार को 230.25 मीटर पर पानी चल रहा है, लेकिन हथिनी कुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी से मंगलवार रात तक करीब आधा मीटर जल स्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि कोई खतरे वाली बात नहीं है।
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सनौली खुर्द व आसपास के गांवों में हजारों गायों के झुंड बेसहारा होकर घूम रहे हैं। पिछले पांच दिनों में छह गायों की मौत हो चुकी है। इससे पहले भी गोशाला में बाढ़ के पानी भरे से छह गायों की मौत भी हो गई थी। अब तक 12 गायों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को भी एक गाय सनौली खुर्द तालाब में धंसने से मौत हो गई है। गो सेवकों ने तालाब में धंसी गाय को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। सनौली खुर्द थाना के पास चतुर्भुज गोशाला में यमुना का पानी भरने से 1200 गोवंश को बाहर निकालकर सड़क पर छोड़ दिया गया था। उनमें से कुछ गोवंश को प्रशासन ने दूसरी गोशालाओं में भिजवा दिया, लेकिन अभी भी सैकड़ों गोवंश सनौली खुर्द के आसपास घूम रहे हैं। इन गायों के लिए चारे के संकट को देखते हुए आसपास के गो सेवक चारा लेकर गायों को डाल रहे हैं।
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यमुना का तटबंध टूटने से भरे पानी की वजह से सनौली खुर्द ब्लाक के दर्जनों गांवों के किसानों की फसलें डूबने से खराब हो गई हैं। वहीं खेतिहर मजदूरों का काम धंधा भी बंद हो गया है। अधिकतर खेती में एक सप्ताह से अभी भी पानी भरा है। मैदानी क्षेत्र के साथ-साथ पहाड़ों में भी बरसात चल रही है। अभी बरसात के चलते खेतों में भरे बाढ़ का पानी सूखता नजर नहीं आ रहा है।
यमुना के बाढ़ के पानी से प्रभावित गांव में ज्यादातर लोग खेती व मजदूरी करते हैं। किसानों को तो फसल खराब होने की चिंता सता रही है, जबकि गांव की बहुत से महिलाएं सब्जी के खेतों में मजदूरी करने जाती थी। इनकी फसल अब पानी भरने से खराब हो चुकी है। पंचायतों के मनरेगा के तहत भी काम चल रहे थे पर अभी वे भी बंद हैं।