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Haryana: पहलवान सागर का एशियन गेम्स में चयन, 74 किलोग्राम भार वर्ग में खेलेंगे, परिजनों में खुशी
Mon, 01 Jun 2026 06:11 PM IST
शाहिल शर्मा
माई सिटी रिपोर्टर, पानीपत
माई सिटी रिपोर्टर, पानीपत
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 01 Jun 2026 06:11 PM IST
सार
पानीपत के नौल्था से पहलवान सागर जगलान ने 74 किलोग्राम भार वर्ग में एशियन गेम्स में क्वालीफाई किया है।
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सागर जगलान, पहलवान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नौल्था गांव के 22 वर्षीय सागर जागलान ने 74 किलोग्राम भार वर्ग में एशियाई गेम्स के लिए क्वालीफाई कर लिया है। सागर ने रोहतक के जयदीप नरवाल को कड़े मुकाबले में 8-6 से हरा दिया। सागर फिलहाल रेलवे कोच फैक्टरी कपूरथला में सीनियर क्लर्क के पद पर हैं। परिवार व गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है।
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नौल्था गांव के मुकेश ने बताया कि सागर के खेल प्रदर्शन से इस बार काफी उम्मीद थी। वे मेट पर उतरे तो उनके चेहरे पर भी जोश नजर आ रहा था। सागर ने जयदीप से पहले ही झटके में अंक झटक लिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों में काफी नजदीकी मुकाबला रहा। सागर ने आखिर में 8-6 से मुकाबला जीत लिया। अब उनको एशियाई गेम्स में पदक की उम्मीद है।
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यह है खेल उपलब्धि
सागर जागलान की खेल उपलब्धियां बड़ी हैं। पिता मुकेश ने बताया कि सागर ने 2017-18 में 63वीं स्कूल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अपने कुश्ती के सफर को तेज किया था। अंडर-15 एशियन चैंपियनशिप में 2019 में स्वर्ण और 2021 में नोएडा यूपी में सब जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। बूडापोस्ट सब जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। 2022 में जूनियर नेशनल में रजत, जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य, सीनियर नेशनल और प्रथम नेशनल रैंकिंग सीरिज में स्वर्ण, नेशनल गेम्स में रजत, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी और खेलों इंडिया में स्वर्ण पदक जाते। अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप और अंडर-20 एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण, अंडर-20 वर्ल्ड चैंपयिनशिप में रजत पदक जीता है।
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पिता की रुचि बेटा कर रहा पूरी
मुकेश ने बताया कि उनकी कुश्ती में रुचि थी। उस समय उनके माता-पिता को खेलों के बारे में इतनी जानकारी नहीं थी। इसलिए वे आगे नहीं बढ़ पाए। वे एक फैक्टरी में नौकरी करते हैं और उनकी सरिता देवी गृहिणी हैं। उनके बड़े बेटे दीपक जागलान एमबीबीएस डॉक्टर हैं। वे अब राजस्थान स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। सागर ने कुश्ती में आगे आने का फैसला लिया। उन्होंने उनका पूरा साथ दिया। वे आज कुश्ती में अपनी प्रतिभा को चमका रहे हैं।