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Panipat News: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों का काम बाधित
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पानीपत। नगर निगम के नागरिक सुविधा केंद्र में पिछले करीब दो सप्ताह से जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा में रजिस्ट्रार के पद पर सहायक कर्मचारी को नियुक्त गया है। जिससे निगम में इन प्रमाण पत्रों का काम बाधित हो रहा है। 29 मार्च से लेकर अब तक करीब दो सप्ताह में 300 के करीब जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र अटक गए हैं। जिससे निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र लेने आने वालों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।
आवेदनकर्ता रोज निगम कार्यालय में आते जरूर हैं लेकिन बिना काम के वापस चले जाते हैं। इसके अलावा निगम कर्मचारी सभी फाइलों के काम पूरे तो कर देते हैं लेकिन बिना रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर फाइलें लंबित रहती हैं। रजिस्ट्रार पद पर नियुक्त किए गए निगम के सहायक कर्मचारी ने खुद को इस काम में असमर्थ बताया है। कर्मचारी का कहना है कि इस पद और काम के लिए वह सक्षम ही नहीं है। ये पद वरिष्ठ एवं तकनीकी अधिकारियों के स्तर का है। इसे लेकर उन्होंने निगम आयुक्त को पत्राचार भी किया है। जिसमें कर्मचारी ने अपने पद के अनुसार कार्यभार दिए जाने की आयुक्त से अपील की है।
नगर निगम के सहायक कर्मचारी धर्मबीर ने बताया कि इस समय उनके पास नागरिक सुविधा केंद्र सीएफसी का इंचार्ज का पद है। यहां जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा में पहले रजिस्ट्रार के पद पर सुषमा देवी थीं। सुषमा देवी को 29 मार्च को पदमुक्त कर उन्हें ये चार्ज सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि वे इस पद पर काम करने के लिए सक्षम ही नहीं है। जिला रजिस्ट्रार एवं सिविल सर्जन पानीपत के आदेशानुसार भी सहायक पद पर कार्यरत कर्मचारी निगम में बतौर रजिस्ट्रार कार्य करने के सक्षम नहीं होता। आरबीडी अधिनियम 1.15 के अनुरूप भी इस जन्म मृत्यु शाखा में बतौर रजिस्ट्रार काम करने की शक्तियां जिला कलेक्टर, डिप्टी कमिश्नर, मुख्य चिकित्सक अधिकारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी व मुख्य कार्यकारी अधिकारी ही संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार का कार्यभार तकनीकी है। जिसके लिए वे सक्षम नहीं हैं। इसलिए उन्हें अपने पद के अनुसार कार्यभार दिया जाए।
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सहायक धर्मबीर ने कहा कि इस शाखा में ज्यादातर काम तकनीकी है। कुछ काम उर्दू भाषा में भी आता है। अब उन्हें इस काम की कोई जानकारी भी नहीं है। ऐसे में अगर कोई काम गलत हो जाता है तो उसकी जिम्मेदार मुझ पर आ जाएगी। तकनीकी जानकारी न होने की वजह से उनसे ये कोई संभल नहीं रहा है और न ही वे इस काम के योग्य हैं। अगर उन्हें अपने पद के अनुरूप कोई कार्यभार दिया जाता है तो वे इसे अच्छे से निभा सकते हैं। इस पद से मुक्त करवाने के लिए उन्होंने निगम आयुक्त को भी पत्र लिखा है।
वर्जन:
मामला संज्ञान में आ चुका है। जल्द ही इस पद पर कोई दूसरा योग्य अधिकारी लगाया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मनी त्यागी, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
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आवेदनकर्ता रोज निगम कार्यालय में आते जरूर हैं लेकिन बिना काम के वापस चले जाते हैं। इसके अलावा निगम कर्मचारी सभी फाइलों के काम पूरे तो कर देते हैं लेकिन बिना रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर फाइलें लंबित रहती हैं। रजिस्ट्रार पद पर नियुक्त किए गए निगम के सहायक कर्मचारी ने खुद को इस काम में असमर्थ बताया है। कर्मचारी का कहना है कि इस पद और काम के लिए वह सक्षम ही नहीं है। ये पद वरिष्ठ एवं तकनीकी अधिकारियों के स्तर का है। इसे लेकर उन्होंने निगम आयुक्त को पत्राचार भी किया है। जिसमें कर्मचारी ने अपने पद के अनुसार कार्यभार दिए जाने की आयुक्त से अपील की है।
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नगर निगम के सहायक कर्मचारी धर्मबीर ने बताया कि इस समय उनके पास नागरिक सुविधा केंद्र सीएफसी का इंचार्ज का पद है। यहां जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र शाखा में पहले रजिस्ट्रार के पद पर सुषमा देवी थीं। सुषमा देवी को 29 मार्च को पदमुक्त कर उन्हें ये चार्ज सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि वे इस पद पर काम करने के लिए सक्षम ही नहीं है। जिला रजिस्ट्रार एवं सिविल सर्जन पानीपत के आदेशानुसार भी सहायक पद पर कार्यरत कर्मचारी निगम में बतौर रजिस्ट्रार कार्य करने के सक्षम नहीं होता। आरबीडी अधिनियम 1.15 के अनुरूप भी इस जन्म मृत्यु शाखा में बतौर रजिस्ट्रार काम करने की शक्तियां जिला कलेक्टर, डिप्टी कमिश्नर, मुख्य चिकित्सक अधिकारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी व मुख्य कार्यकारी अधिकारी ही संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार का कार्यभार तकनीकी है। जिसके लिए वे सक्षम नहीं हैं। इसलिए उन्हें अपने पद के अनुसार कार्यभार दिया जाए।
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सहायक धर्मबीर ने कहा कि इस शाखा में ज्यादातर काम तकनीकी है। कुछ काम उर्दू भाषा में भी आता है। अब उन्हें इस काम की कोई जानकारी भी नहीं है। ऐसे में अगर कोई काम गलत हो जाता है तो उसकी जिम्मेदार मुझ पर आ जाएगी। तकनीकी जानकारी न होने की वजह से उनसे ये कोई संभल नहीं रहा है और न ही वे इस काम के योग्य हैं। अगर उन्हें अपने पद के अनुरूप कोई कार्यभार दिया जाता है तो वे इसे अच्छे से निभा सकते हैं। इस पद से मुक्त करवाने के लिए उन्होंने निगम आयुक्त को भी पत्र लिखा है।
वर्जन:
मामला संज्ञान में आ चुका है। जल्द ही इस पद पर कोई दूसरा योग्य अधिकारी लगाया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मनी त्यागी, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।