(पानीपत) समालखा। पाइट कॉलेज में रविवार को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। रेवाड़ी से पहुंचे आलोक भंडोरिया ने सुनाया कि ताऊ-ताई, भाई-भाभी हर कोई इसका दास होग्या, जब तै चाल्या सै मोबाइल घर का सत्यानाश होग्या। झज्जर से पहुंचे कवि मास्टर महेंद्र ने सुनाया कि मेरी मोहब्बत का सफर यूं खत्म हुआ जमाने में, वो ससुराल चली गई और मैं पागलखाने में।
वहीं युसुफ भारद्वाज ने कहा कि चार चीज सैं राम बराबर, कहती दुनिया सारी, गऊ, गायत्री, गंगा जी और चौथी चीज कुंआरी। इसके साथ ही कवि और गायक रवि सांपला, अशोक बरोदा, गजेंद्र फोगाट ने भी श्रोताओं की तालियां बटोरी। कवि सम्मेलन का शुभारंभ संस्थान के चेयरमैन हरिओम तायल, वाइस चेयरमैन राकेश तायल, शुभम तायल, ओपी रानोलिया ने कवियों के साथ मिलकर किया। इस अवसर पर एंकर तरुण मिगलानी, डॉ. एके मिश्रा, डॉ. अंकुर, पालिका, देवकी सहित छात्र मौजूद रहे।