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Panipat News: यूरिया नहीं मिली तो पुलिस लेकर पहुंचा किसान
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समालखा। यूरिया की किल्लत के साथ किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पसीना गांव के एक किसान यूरिया न मिलने पर पर रविवार को पुलिस लेकर समालखा सोसाइटी कार्यालय में पहुंच गए। किसान ने आरोप लगाया कि उसने 21 जून को धान की फसल की रोपाई की थी। अब तक फसल में यूरिया नहीं डाल पाया है। वह दो दिन से समालखा सोसाइटी के चक्कर काट रहा है।
उन्होंने यूरिया वितरण में धांधली और भाई भतीजावाद करने के आरोप लगाए। किसान ने अधिकारियों को इस मामले की शिकायत सीएम विंडो पर करने की चेतावनी दी। पुलिस ने मध्यस्थता कर किसान को समझाया। किसान को यूरिया दिलवाया गया। दरअसल नई अनाज मंडी नई स्थित न्यू कोऑपरेटिव सोसाइटी के कार्यालय में शनिवार को 4750 कट्टे यूरिया के दिए। 2200 कट्टे रविवार को दिए गए हैं। सोसाइटी में यूरिया लेने के लिए किसान रविवार सुबह सात बजे ही सोसाइटी में पहुंच गए। यहां खिड़की के साथ लाइन में बैठ गए। जबकि सोसाइटी नौ बजे खुलनी थी। सोसाइटी में रविवार को खाद नहीं पहुंचा तो किसान मायूस होकर लौट आए। यहां शनिवार को काटी पर्ची वाले किसानों को बायोमीट्रिक कराने के बाद यूरिया दिया। किसी भी किसान को दस बैग से अधिक यूरिया नहीं दिया। पसीना गांव के एक किसान ने पर्ची न मिलने पर डायल 122 पर फोन कर दिया। पुलिस तुरंत पहुंची।
उन्होंने आरोप लगाया कि खाद वितरण में धांधली और मनमर्जी की जा रही है। पुलिस किसान को साथ लेकर अधिकारियों के पास पहुंची। सोसाइटी के प्रबंधक आजाद सिंह ने बताया कि सबको नियमानुसार यूरिया दिया जा रहा है। इसमें पारदर्शिता बरती जा रही है। किसान उन तक नहीं आए थे। ऐसे में उनकी पर्ची नहीं बन सकी होगी। किसान ने बताया कि उन्होंने 21 जून को धान की फसल लगाई थी। एक महीने बाद भी यूरिया नहीं डाला जा सका है। ऐसे में फसल का फुटाव व बढ़वार नहीं होगी।
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उन्होंने यूरिया वितरण में धांधली और भाई भतीजावाद करने के आरोप लगाए। किसान ने अधिकारियों को इस मामले की शिकायत सीएम विंडो पर करने की चेतावनी दी। पुलिस ने मध्यस्थता कर किसान को समझाया। किसान को यूरिया दिलवाया गया। दरअसल नई अनाज मंडी नई स्थित न्यू कोऑपरेटिव सोसाइटी के कार्यालय में शनिवार को 4750 कट्टे यूरिया के दिए। 2200 कट्टे रविवार को दिए गए हैं। सोसाइटी में यूरिया लेने के लिए किसान रविवार सुबह सात बजे ही सोसाइटी में पहुंच गए। यहां खिड़की के साथ लाइन में बैठ गए। जबकि सोसाइटी नौ बजे खुलनी थी। सोसाइटी में रविवार को खाद नहीं पहुंचा तो किसान मायूस होकर लौट आए। यहां शनिवार को काटी पर्ची वाले किसानों को बायोमीट्रिक कराने के बाद यूरिया दिया। किसी भी किसान को दस बैग से अधिक यूरिया नहीं दिया। पसीना गांव के एक किसान ने पर्ची न मिलने पर डायल 122 पर फोन कर दिया। पुलिस तुरंत पहुंची।
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उन्होंने आरोप लगाया कि खाद वितरण में धांधली और मनमर्जी की जा रही है। पुलिस किसान को साथ लेकर अधिकारियों के पास पहुंची। सोसाइटी के प्रबंधक आजाद सिंह ने बताया कि सबको नियमानुसार यूरिया दिया जा रहा है। इसमें पारदर्शिता बरती जा रही है। किसान उन तक नहीं आए थे। ऐसे में उनकी पर्ची नहीं बन सकी होगी। किसान ने बताया कि उन्होंने 21 जून को धान की फसल लगाई थी। एक महीने बाद भी यूरिया नहीं डाला जा सका है। ऐसे में फसल का फुटाव व बढ़वार नहीं होगी।
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