फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   When I left the army ground, I took up athletics

Panipat News: सेना का मैदान छूटा तो एथलेटिक्स काे पकड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Mar 2025 01:36 AM IST
विज्ञापन
When I left the army ground, I took up athletics
अमन शर्मा
विज्ञापन

पानीपत। राजा खेड़ी गांव के सचिन मलिक दो इंच कद के चलते सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा के लिए मैदान नहीं संभाल पाए तो उन्होंने खुद को खेल के मैदान से जोड़ लिया। किसान के बेटे ने जिला व राज्य स्तर पर 400 मीटर दौड़ में कई पदक जीते हैं। उनका अब राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का सपना है। वे इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं।
राजा खेड़ी गांव के सचिन मलिक ने बताया कि उसका बचपन से ही सेना में भर्ती होने का सपना था। उसने इसके लिए पूरी मेहनत की और सेना की भर्ती में शामिल रहा। वह सिर्फ दो इंच कद कम होने से सेना में भर्ती नहीं हो पाया। उसने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करता रहा। उसके पिता वीरेंद्र मलिक ने उनको मार्गदर्शन दिया और वह एथलेटिक्स की तैयारी करने लगा। उसने बिना किसी कोव के जिला और राज्य स्तर पर कई पदक प्राप्त किए।
विज्ञापन

पिता किसान और मां गृहिणी
एथलेटिक्स में पदक हासिल कर परिवार और गांव का नाम रोशन कर रहे हैं। जिला और राज्य स्तर पर पदक हासिल कर पिछले कई सालोंं से लगातार मेहनत कर रहे हैं। सचिन ने बताया कि उनके पिता वीरेंद्र मलिक किसान हैं और मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। वे उनको खेलों में आगे लाने के लिए हर संभव सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उसने लगातार मेहनत कर पदकों की लगा दी झड़ी
खिलाड़ी सचिन मलिक ने बताया कि वह पिछले कई सालों से एथलेटिक्स को लेकर पसीना बहा रहे हैं। उनका लक्ष्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व देश के लिए पदक लाना है। वह इसके लिए सुबह व शाम को दो-दो घंटे पसीना बहा रहा है। माता-पिता इकलौते बेटे को खेल के मैदान पर मेहनत करते देखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed