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बारिश से जलभराव, खुुली सफाई की पोल
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पानीपत। अनाज मंडी में भरा पानी।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। मानसून के अंतिम चरण की रिमझिम बारिश ने भी शहर में कई जगह जलभराव कर दिया। इससे नगर निगम की सफाई व निकासी की पोल एक बार फिर खुलकर सबके सामने आ गई। हर माह लाखों रुपये का बजट खर्च करने के बाद भी आज तक निगम की सफाई व निकासी व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है। मानसून की सीजन से कई माह पहले से कागजों में चल रही निकासी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। निगम के अंतर्गत करीब 157 किलोमीटर लंबे नाले व नालियां आती हैं। इनकी सफाई के लिए निगम अधिकारी व कर्मचारी हवाई दावे भरते हैं, जिनकी सफाई मानूसन बीतने के बाद भी नहीं हो सकी है।
शनिवार अलसुबह से हो रही बारिश ने एक बार फिर से शहर में बाढ़ जैसे हालात कर दिए हैं। हालांकि बूंदाबांदी तो सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक होती रही, लेकिन अच्छी बारिश सुबह 7 बजे से 11 बजे तक फिर दोपहर 1 बजे से अपराह्न 3 बजे तक हुई। इससे शहर के जीटी रोड से लगते तकरीबन सभी मेन बाजार, असंध रोड, गोहान रोड, संजय चौक, लाल बत्ती एरिया, अनाज मंडी में पानी भर गया कि लोग और उनके वाहन पानी में फंसकर रह गए। लोगों को बरसाती पानी से गुजरकर जाना पड़ा।
बरसाती पानी की निकासी न होने पर शहर के सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी निगम की तैयारियों का सोशल मीडिया पर खूब मजाक उड़ाया। उन्होंने पोस्ट कर लिखा कि कोई भी शहरवासी बाइक या कार लेकर सड़कों पर न निकले, क्योंकि सड़कों पर इतना जलभराव है। इसके बाद लोगों ने निगम की निकासी व्यवस्था की खूब फजीहत उड़ाई। हालांकि निगम का दावा है कि 150 कर्मचारियों की नाला गैंग के साथ रेगूलर झाडू़ से सफाई करने वाले 500 कर्मचारियों को भी इसी काम पर लगा दिया। शहर के कई एरिया की नालों व नालियों में फंसी पॉलिथीन या अन्य कबाड़ को निकाल कर निकासी करवाई गई, लेकिन धरातल पर केवल शहर में जलभराव ही देखने को मिला।
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दूसरों पर फोड़ा अपनी खामियों को ठीकरा
निगम ने अपनी ठप व्यवस्था निकासी व्यवस्था पर जवाबदेही का ठीकरा शहर में चल रही अवैध डेयरियों पर फोड़ा है। निगम का कहना है कि इन डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट की वजह से सीवर व नाले चोक होते हैं। जिसकी वहज से सफाई नहीं हो पाती। दूसरी खास बात ये है कि नगर निगम ने बरसाती सीजन को देखते हुए भी नाला गैंग के टेंडर को बढ़ाया था, इसके बाद भी शहर के नालों व सीवरों की सफाई नहीं हो पाई। जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
नियमित करवा रहे हैं सफाई और निकासी
नगर निगम कर्मचारी नियमित तौर पर शहर की सफाई व्यवस्था पर लगे हुए हैं। नाला गैंग कर्मचारियों के साथ निगम के अन्य कर्मचारी भी इसी काम पर लगाए हैं। सभी नाले व नालियों की सफाई का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद भी जो शिकायत आती है उसका तुरंत प्रभाव से निदान करवाया जाता है। -जितेंद्र, सीएसआई, सफाई शाखा, नगर निगम, पानीपत।
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शनिवार अलसुबह से हो रही बारिश ने एक बार फिर से शहर में बाढ़ जैसे हालात कर दिए हैं। हालांकि बूंदाबांदी तो सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक होती रही, लेकिन अच्छी बारिश सुबह 7 बजे से 11 बजे तक फिर दोपहर 1 बजे से अपराह्न 3 बजे तक हुई। इससे शहर के जीटी रोड से लगते तकरीबन सभी मेन बाजार, असंध रोड, गोहान रोड, संजय चौक, लाल बत्ती एरिया, अनाज मंडी में पानी भर गया कि लोग और उनके वाहन पानी में फंसकर रह गए। लोगों को बरसाती पानी से गुजरकर जाना पड़ा।
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बरसाती पानी की निकासी न होने पर शहर के सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी निगम की तैयारियों का सोशल मीडिया पर खूब मजाक उड़ाया। उन्होंने पोस्ट कर लिखा कि कोई भी शहरवासी बाइक या कार लेकर सड़कों पर न निकले, क्योंकि सड़कों पर इतना जलभराव है। इसके बाद लोगों ने निगम की निकासी व्यवस्था की खूब फजीहत उड़ाई। हालांकि निगम का दावा है कि 150 कर्मचारियों की नाला गैंग के साथ रेगूलर झाडू़ से सफाई करने वाले 500 कर्मचारियों को भी इसी काम पर लगा दिया। शहर के कई एरिया की नालों व नालियों में फंसी पॉलिथीन या अन्य कबाड़ को निकाल कर निकासी करवाई गई, लेकिन धरातल पर केवल शहर में जलभराव ही देखने को मिला।
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दूसरों पर फोड़ा अपनी खामियों को ठीकरा
निगम ने अपनी ठप व्यवस्था निकासी व्यवस्था पर जवाबदेही का ठीकरा शहर में चल रही अवैध डेयरियों पर फोड़ा है। निगम का कहना है कि इन डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट की वजह से सीवर व नाले चोक होते हैं। जिसकी वहज से सफाई नहीं हो पाती। दूसरी खास बात ये है कि नगर निगम ने बरसाती सीजन को देखते हुए भी नाला गैंग के टेंडर को बढ़ाया था, इसके बाद भी शहर के नालों व सीवरों की सफाई नहीं हो पाई। जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
नियमित करवा रहे हैं सफाई और निकासी
नगर निगम कर्मचारी नियमित तौर पर शहर की सफाई व्यवस्था पर लगे हुए हैं। नाला गैंग कर्मचारियों के साथ निगम के अन्य कर्मचारी भी इसी काम पर लगाए हैं। सभी नाले व नालियों की सफाई का काम पूरा हो चुका है। इसके बाद भी जो शिकायत आती है उसका तुरंत प्रभाव से निदान करवाया जाता है। -जितेंद्र, सीएसआई, सफाई शाखा, नगर निगम, पानीपत।