{"_id":"69694987a767d7b29f0c6a3e","slug":"water-harvesting-with-better-equipment-is-essential-for-agricultural-development-panipat-news-c-244-1-pnp1006-150621-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: कृषि उत्थान के लिए बेहतर उपकरण के साथ जल संचयन आवश्यक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: कृषि उत्थान के लिए बेहतर उपकरण के साथ जल संचयन आवश्यक
Fri, 16 Jan 2026 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
बैठक में जानकारी देते हरिशरण देवगन। संवाद
पानीपत। अंसल सुशांत सिटी स्थित निजी होटल में वीरवार को किसान नेता हरिशरण देवगन ने बैठक कर बेहतर कृषि करने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि विकास के लिए जल संचयन का होना अति आवश्यक है। आज के समय में जल संचयन एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने किसानों से कृषि उत्थान के लिए बेहतर कृषि उपकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया, साथ ही उन्होंने किसानों को धान और गेहूं की फसल की बेहतर फसल के लिए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने आज के किसान को शिक्षित होने के लिए जागरूक किया, साथ ही उन्होंने कहा कि किसान को बेहतर तकनीकी कृषि के लिए शिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि विरासत में मिली जमीन का किसान को सही उपयोग करना चाहिए, जिससे देश विकसित कृषि की ओर अग्रसर हो सके। उन्होंने इसको लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर बेहतर तकनीकी अपनाने और अन्य जानकारी के लिए अपील करने की बात कही।
उन्होंने किसानों को बिना कीटनाशक और अन्य केमिकल के खेती करने के लिए प्रेरित किया, जिससे केमिकल, स्प्रे, डीएपी और फर्टिलाइजर्स का कम से कम उपयोग हो सके, साथ ही उन्होंने केमिकल को डालने के लिए उसकी मात्रा को तय करने की बात कही। उन्होंने बताया कि हरियाणा और आंध्रप्रदेश में खेती करने में बहुत बड़ा अंतर देखा गया है, जिसमें हरियाणा का किसान किसी मजदूर को बुलाकर खेत में खाद और अन्य सामग्री डलवा लेता है लेकिन आंध्रप्रदेश में किसान जमीन से जुड़े हुए होते है, वह स्वयं ही अपने खेतों में सभी उपकरणों का इस्तेमाल करते है, साथ ही स्वयं ही खेतों में खाद और अन्य सामग्री डालते है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण सरकार पर रोजगार न देने का आरोप लगाना है। युवाओं को सरकारी नौकरी को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कर अपनी आजीविका चलानी चाहिए, जिससे देश विकसित देशों में आ जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने आज के किसान को शिक्षित होने के लिए जागरूक किया, साथ ही उन्होंने कहा कि किसान को बेहतर तकनीकी कृषि के लिए शिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि विरासत में मिली जमीन का किसान को सही उपयोग करना चाहिए, जिससे देश विकसित कृषि की ओर अग्रसर हो सके। उन्होंने इसको लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर बेहतर तकनीकी अपनाने और अन्य जानकारी के लिए अपील करने की बात कही।
विज्ञापन
उन्होंने किसानों को बिना कीटनाशक और अन्य केमिकल के खेती करने के लिए प्रेरित किया, जिससे केमिकल, स्प्रे, डीएपी और फर्टिलाइजर्स का कम से कम उपयोग हो सके, साथ ही उन्होंने केमिकल को डालने के लिए उसकी मात्रा को तय करने की बात कही। उन्होंने बताया कि हरियाणा और आंध्रप्रदेश में खेती करने में बहुत बड़ा अंतर देखा गया है, जिसमें हरियाणा का किसान किसी मजदूर को बुलाकर खेत में खाद और अन्य सामग्री डलवा लेता है लेकिन आंध्रप्रदेश में किसान जमीन से जुड़े हुए होते है, वह स्वयं ही अपने खेतों में सभी उपकरणों का इस्तेमाल करते है, साथ ही स्वयं ही खेतों में खाद और अन्य सामग्री डालते है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में बेरोजगारी का सबसे बड़ा कारण सरकार पर रोजगार न देने का आरोप लगाना है। युवाओं को सरकारी नौकरी को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कर अपनी आजीविका चलानी चाहिए, जिससे देश विकसित देशों में आ जाएगा।
विज्ञापन

बैठक में जानकारी देते हरिशरण देवगन। संवाद