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Panipat News: यमुना में टापू पर बसे ग्रामीणों का पैदल आवागमन शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना नदी का जलस्तर कम होते ही टापू पर बसे ग्रामीणों का पैदल आवागमन शुरू हो गया है। बरसात व मानसून में जलस्तर बढ़ने से टापू पर बसे गांव के लोगों की आवाजाही बंद हो गई थी। लोगों को इंजन बोट मशीन से ही आना-जाना पड़ता था। आखिरकार कई महीने बाद यमुना का जलस्तर कम हुआ जिससे लोगों की आवाजाही शुरू हो पाई।
यमुना नदी में टापू पर बसे गांव रहीमपुर खेड़ी में आने-जाने का रास्ता नदी के पानी में से गुजर कर जाया जाता है। अब नदी का जल स्तर कम होने से महिलाएं नदी के अंदर से आने-जाने लगी है। पहले पानी अधिक होने से महिलाएं व बच्चे गांव में रहते थे अब महिलाएं आसानी से ही नदी में से आने जाने लगी हैं। बरसात व मानसून हो जाने पर कई महीने तक उनके गांव के चारों तरफ पानी रहने से अन्य गांव, ब्लाक, शहर से रास्ता कट जाता है। नदी को इंजन बोट मशीन आदि लगाए जाने पर ही आना-जाना पडता है। अब जल स्तर कम होने पर यमुना के अंदर से पैदल भी निकलने लगे हैं।
मौसम बदलाव से यमुना नदी के पास विदेशी पक्षियों की बढ़ी संख्या- यमुना नदी के पास बने मंदिर के पुजारी सुभाष गिरी महाराज ने बताया कि मौसम में बदलाव हो रहा है। सुबह व शाम के समय ठंड बढ़ने लगी है। इस दौरान यमुना नदी के आसपास विदेशी पक्षी दिखाई देने लगे हैं। पहले की अपेक्षा पक्षियों की संख्या बढ़ गई है।
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सनौली। यमुना नदी का जलस्तर कम होते ही टापू पर बसे ग्रामीणों का पैदल आवागमन शुरू हो गया है। बरसात व मानसून में जलस्तर बढ़ने से टापू पर बसे गांव के लोगों की आवाजाही बंद हो गई थी। लोगों को इंजन बोट मशीन से ही आना-जाना पड़ता था। आखिरकार कई महीने बाद यमुना का जलस्तर कम हुआ जिससे लोगों की आवाजाही शुरू हो पाई।
यमुना नदी में टापू पर बसे गांव रहीमपुर खेड़ी में आने-जाने का रास्ता नदी के पानी में से गुजर कर जाया जाता है। अब नदी का जल स्तर कम होने से महिलाएं नदी के अंदर से आने-जाने लगी है। पहले पानी अधिक होने से महिलाएं व बच्चे गांव में रहते थे अब महिलाएं आसानी से ही नदी में से आने जाने लगी हैं। बरसात व मानसून हो जाने पर कई महीने तक उनके गांव के चारों तरफ पानी रहने से अन्य गांव, ब्लाक, शहर से रास्ता कट जाता है। नदी को इंजन बोट मशीन आदि लगाए जाने पर ही आना-जाना पडता है। अब जल स्तर कम होने पर यमुना के अंदर से पैदल भी निकलने लगे हैं।
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मौसम बदलाव से यमुना नदी के पास विदेशी पक्षियों की बढ़ी संख्या- यमुना नदी के पास बने मंदिर के पुजारी सुभाष गिरी महाराज ने बताया कि मौसम में बदलाव हो रहा है। सुबह व शाम के समय ठंड बढ़ने लगी है। इस दौरान यमुना नदी के आसपास विदेशी पक्षी दिखाई देने लगे हैं। पहले की अपेक्षा पक्षियों की संख्या बढ़ गई है।
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