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Panipat News: टैबलेट का इस्तेमाल तय करेगा स्कूलों का प्रदर्शन
Mon, 24 Apr 2023 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Mon, 24 Apr 2023 01:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों के कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट को लेकर अब ई-अधिगम पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने टैबलेट को लेकर गाइडलाइन जारी की है। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला गणित विशेषज्ञ, डीएनओ, खंड शिक्षा अधिकारी, प्रिंसिपल, शिक्षकों और विद्यार्थियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। शिक्षा विभाग स्कूल प्रदर्शन श्रेणी के तहत उच्च प्रदर्शन और खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों का भी चयन करेगा।
शिक्षा विभाग ने जिले के 23046 विद्यार्थियों और 1230 अध्यापकों को टैबलेट जारी किए हैं। इनमें से 272 टैबलेट या तो खराब हो गए या चोरी हो गए। पिछले साल 5 मई को शिक्षा विभाग ने इसकी शुरुआत की थी। अहम बात यह है कि ई-अधिगम को लेकर पीएएल सॉफ्टवेयर में भी बदलाव किया गया है। इसको लेकर शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल प्रिंसिपल को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। अधिकारी सॉफ्टवेयर से ये जांच सकेंगे कि किस विद्यार्थी ने टैबलेट का प्रयोग कितना किया है।
शिक्षा विभाग 90 फीसदी से अधिक विद्यार्थियों की ओर से टैबलेट का प्रयोग करने पर उच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यालय में शामिल करेगा। 75 से 90 फीसदी वालों को मध्यम प्रदर्शन और 75 फीसदी से कम विद्यार्थियों की ओर से टैबलेट का प्रयोग करने पर खराब प्रदर्शन वाले विद्यालय की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। वहीं टैबलेट को लेकर शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की जिम्मेदारी भी तय की है।
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विद्यार्थी को प्रति सप्ताह कक्षा में हर विषय में कम से कम दो रेमेडियल टेस्ट और शिक्षक द्वारा दिए गए दो गृहकार्य को करना होगा। प्रति सप्ताह हर विषय में एक घंटे टैबलेट का प्रयोग करना होगा। वन स्कूल स्टूडेंट एप्लीकेशन पर उन विषयों के प्रश्न उठाना जो अच्छी तरह से समझ नहीं आते है। शिक्षकों को विद्यार्थियों का कक्षा में ही डायग्नोस्टिक टेस्ट लेना होगा। पीएएल डैशबोर्ड से विद्यार्थियों पर निगरानी रखी जाएगी।
ई-अधिगम को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने भूमिका और दायित्व तय किया है। इसके अलावा सॉफ्टवेयर में भी फेरबदल किया गया है। इसको लेकर अगले सप्ताह शिक्षकों की ट्रेनिंग करवाई जाएगी। - देवेंद्र कुमार, जिला गणित विशेषज्ञ।
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पानीपत। शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों के कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को दिए गए टैबलेट को लेकर अब ई-अधिगम पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने टैबलेट को लेकर गाइडलाइन जारी की है। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला गणित विशेषज्ञ, डीएनओ, खंड शिक्षा अधिकारी, प्रिंसिपल, शिक्षकों और विद्यार्थियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। शिक्षा विभाग स्कूल प्रदर्शन श्रेणी के तहत उच्च प्रदर्शन और खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों का भी चयन करेगा।
शिक्षा विभाग ने जिले के 23046 विद्यार्थियों और 1230 अध्यापकों को टैबलेट जारी किए हैं। इनमें से 272 टैबलेट या तो खराब हो गए या चोरी हो गए। पिछले साल 5 मई को शिक्षा विभाग ने इसकी शुरुआत की थी। अहम बात यह है कि ई-अधिगम को लेकर पीएएल सॉफ्टवेयर में भी बदलाव किया गया है। इसको लेकर शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल प्रिंसिपल को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। अधिकारी सॉफ्टवेयर से ये जांच सकेंगे कि किस विद्यार्थी ने टैबलेट का प्रयोग कितना किया है।
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शिक्षा विभाग 90 फीसदी से अधिक विद्यार्थियों की ओर से टैबलेट का प्रयोग करने पर उच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यालय में शामिल करेगा। 75 से 90 फीसदी वालों को मध्यम प्रदर्शन और 75 फीसदी से कम विद्यार्थियों की ओर से टैबलेट का प्रयोग करने पर खराब प्रदर्शन वाले विद्यालय की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। वहीं टैबलेट को लेकर शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की जिम्मेदारी भी तय की है।
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विद्यार्थी को प्रति सप्ताह कक्षा में हर विषय में कम से कम दो रेमेडियल टेस्ट और शिक्षक द्वारा दिए गए दो गृहकार्य को करना होगा। प्रति सप्ताह हर विषय में एक घंटे टैबलेट का प्रयोग करना होगा। वन स्कूल स्टूडेंट एप्लीकेशन पर उन विषयों के प्रश्न उठाना जो अच्छी तरह से समझ नहीं आते है। शिक्षकों को विद्यार्थियों का कक्षा में ही डायग्नोस्टिक टेस्ट लेना होगा। पीएएल डैशबोर्ड से विद्यार्थियों पर निगरानी रखी जाएगी।
ई-अधिगम को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग ने भूमिका और दायित्व तय किया है। इसके अलावा सॉफ्टवेयर में भी फेरबदल किया गया है। इसको लेकर अगले सप्ताह शिक्षकों की ट्रेनिंग करवाई जाएगी। - देवेंद्र कुमार, जिला गणित विशेषज्ञ।