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श्रीलंका के दो और तमिलनाडु के छह जमाती भेजे जेल
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सनौली थाना में क्षेत्र में पांच दिन तक ठहरे दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से आए आठ जमातियों को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सीआईए-2 ने गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है। इनमें दो जमाती श्रीलंका और छह तमिलनाडू से आये थे। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया था। उन्हें 14 दिन तक समालखा और 14 दिन आइटीआई में क्वरंटीन रखा गया था।
सीआईए टू प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि निजामुद्दीन दिल्ली से तीन मार्च को तब्लीगी मरकज जमात के कई लोग धर्म प्रचार के लिए संजय चौक के इमामबाड़ा में आये थे। विद्यानंद कॉलोनी में धर्म प्रचार के बाद जमात के आठ लोग नवादा पार गांव पहुंचे थे। इनमें मोहम्मद फाजिल और मुस्ताक श्रीलंका निवासी थे, जबकि छह एस. सराजदीन, यू जफर अली, एम मोहम्मद युसुफ, एस नूर मोहम्मद अली, के मोहम्मद और जेड अहमद तमिलनाडु के रहने वाले हैं। सभी नवादा पार गांव की जामा मस्जिद में ठहरे थे, जिसके बारे में किसी को कोई सूचना नहीं थी। लॉकडाउन घोषणा के पहले दिन 23 मार्च को प्रचार किया और अकसर गांव में प्रचार के लिये भी जाते रहते थे। गुप्त सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम गांव पहुंची जहां युवक युवक नवादा पार गांव की मस्जिद में छिपे मिले थे। वहीं मस्जिद के इमाम यासीन ने भी ग्राम सरपंच को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी, पुलिस ने मस्जिद के इमाम सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर किया था। श्रीलंका के रहने वाले जमातियों के पासपोर्ट भी जब्त कर लिये गये हैं।
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सीआईए टू प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि निजामुद्दीन दिल्ली से तीन मार्च को तब्लीगी मरकज जमात के कई लोग धर्म प्रचार के लिए संजय चौक के इमामबाड़ा में आये थे। विद्यानंद कॉलोनी में धर्म प्रचार के बाद जमात के आठ लोग नवादा पार गांव पहुंचे थे। इनमें मोहम्मद फाजिल और मुस्ताक श्रीलंका निवासी थे, जबकि छह एस. सराजदीन, यू जफर अली, एम मोहम्मद युसुफ, एस नूर मोहम्मद अली, के मोहम्मद और जेड अहमद तमिलनाडु के रहने वाले हैं। सभी नवादा पार गांव की जामा मस्जिद में ठहरे थे, जिसके बारे में किसी को कोई सूचना नहीं थी। लॉकडाउन घोषणा के पहले दिन 23 मार्च को प्रचार किया और अकसर गांव में प्रचार के लिये भी जाते रहते थे। गुप्त सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम गांव पहुंची जहां युवक युवक नवादा पार गांव की मस्जिद में छिपे मिले थे। वहीं मस्जिद के इमाम यासीन ने भी ग्राम सरपंच को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दी, पुलिस ने मस्जिद के इमाम सहित नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर किया था। श्रीलंका के रहने वाले जमातियों के पासपोर्ट भी जब्त कर लिये गये हैं।
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