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Panipat News: सीआरपीएफ की वर्दी पहनकर बिहार, झारखंड ले जा रहे थे शराब, दो गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 02:52 AM IST
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Two arrested for smuggling liquor into Bihar and Jharkhand wearing CRPF uniforms
पानीपत। शराब की तस्करी के आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दोनों आरोपी पहले भी तीन बार पंजाब से शराब की खेप बिहार पहुंचा चुके हैं। शराब की खेप लेकर वह पंजाब, हरियाणा समेत पांच राज्यों के बॉर्डर पार करते रहे।
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नाकों पर तैनात पुलिस फौजी समझकर सैल्यूट कर वाहन को बिना जांच कर आगे बढ़ाती रही। प्रकरण में पटियाला शराब माफियाओं के नाम भी सामने आए हैं। सीआईए-1 की टीम ने आरोपी मोनू और संदीप को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पहले भी तीन बार शराब की खेप पटियाला से बिहार और एक बार झारखंड पहुंचा चुके हैं। उन्होंने बताया कि हर बार वह कैंटर में शराब लोड कर वर्दी पहनकर कैंटर में बैठते थे। इसके बाद पंजाब से हरियाणा से दिल्ली, यूपी, बिहार और झारखंड में पहुंचते थे।
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वह बिहार जाने के लिए ज्यादातर हाईवे का ही सफर करते थे। जहां पर राज्यों का बॉर्डर होता था पर कई बार पुलिस भी मिलती थी। लेकिन सीआरपीएफ का कैंटर होने के कारण पुलिस बिना जांच के ही आगे रास्ता दे देती थी। यही नहीं टोल पर भी वह बिना टोल दिए ही निकल जाते थे।
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बिहार में प्रवेश करने के बाद एक टीम उनके आगे पीछे चलती थी। टीम द्वारा जहां पर शराब का कैंटर छोड़ने को कहा जाता था वह वहां पर छोड़ देते थे।
खाली करने का काम बिहार की टीम करती थी। कैंटर से शराब की पेटी अलग-अलग वाहनों में लादकर रवाना कर दिया जाता था। उन्हें एक चक्कर के 25 से 30 हजार रुपये और रास्ते के लिए खर्च मिलता था।
पटियाला के गोदाम से भरी जाती थी पेटी : बिहार के शराब बंदी के कारण शराब की मांग अधिक है। जिस कारण पंजाब के शराब माफिया बिहार में शराब की तस्करी का नेटवर्क चला रहे हैं। तस्करी में बड़े-बड़े शराब माफिया का नाम सामने आया है। जिन्होंने शराब के गोदाम बना रखे हैं। जहां से शराब की खेप कैंटर में भरी जाती थी। यही नहीं बोतल और पेटी पर डिस्टलरी के नाम को स्क्रैच कर मिटा दिया जाता था। जिससे पकड़े जाने पर डिस्टिलरी का नाम सामने न आए।

गर्मी आने के कारण बढ़ी बीयर की मांग : बिहार में सबसे अधिक मांग इंपीरियल ब्लू और मैनडावेल नंबर-1 शराब की है। गर्मी का मौसम आने के कारण बीयर की मांग भी बड़ी है। इस कारण इस बार खेप में सबसे ज्यादा बीयर की पेटी ही भेजी जा रही थी।
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