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परेशान अभिभावकों ने लघु सचिवालय पहुंच लगाई गुहार
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पानीपत। नियम 134ड्ड के तहत विभिन्न मुद्दों को लेकर विधायक प्रमोद विज से मिलने उनके कार्यालय पहुंच?
- फोटो : Panipat
पानीपत। शहर के कुछ प्रमुख निजी विद्यालयों ने नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों को दाखिला देने से सोमवार को फिर इनकार कर दिया। इससे नाराज अभिभावक एकत्रित होकर लघु सचिवालय पहुंचे और आक्रोश जताया। उन्होंने बीईओ, डीईओ सहित शहरी विधायक प्रमोद विज कार्यालय में शिकायतीपत्र देकर सरकार, प्रशासन व शिक्षा विभाग के खिलाफ आक्रोश जताते हुए बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार मांगा।
इसके बाद वे उपायुक्त कार्यालय भी पहुंचे लेकिन डीसी नहीं मिले। दूसरी ओर निजी स्कूलों ने नियम के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के अभिभावकों की आर्थिक स्थिति के संबंध में सवाल उठाए हैं। ऐसे में अब तीन सदस्यीय कमेटी इस संबंध में जांच करेगी।
लघु सचिवालय पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि ऐसे सात-आठ स्कूल हैं जो बच्चों को दाखिला देने से आनाकानी कर रहे हैं। कभी दस्तावेज अधूरे बताए जाते हैं तो कभी सीबीआई की तरह घरों की जांच की जाती है। कुछ स्कूल संचालक प्रवेश देने के एवज में चार से पांच हजार रुपये मांग रहे हैं। कई अभिभावक ऐसे भी हैं जो धनराशि जमा करवाकर बच्चों का दाखिला करवा चुके हैं। अभिभावकों का आरोप है कि जमा की राशि की रसीद भी नहीं दी गई। अभिभावकों ने बीईओ, डीईओ, उपायुक्त कार्यालय तथा विधायक प्रमोद विज के नाम ज्ञापन सौंपा और परेशानी हल करने की मांग की। संबंधित अफसरों ने अभिभावकों को सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया तब इसके बाद अभिभावक लौट गए।
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दूसरी ओर दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों का कहना है कि जो बच्चे नियम 134ए के तहत निशुल्क पढ़ना चाहते हैं, उनमें अधिकतर की आर्थिक स्थिति अच्छी है। वे गलत प्रमाणपत्रों के आधार पर दाखिला ले रहे हैं। इस पर शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निदेश जारी किए हैं। इसमें एडीसी या उनके द्वारा चुना कोई प्रतिनिधि, डीईओ या डीईईओ और डीआरओ शामिल होंगे।
पानीपत में एडीसी, डीईईओ तथा डीआरओ को कमेटी में शामिल किया गया है। निजी स्कूल संचालकों को यदि किसी विद्यार्थी के आय प्रमाणपत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो कमेटी को अवगत करा सकते हैं। गठित कमेटी ही आय प्रमाणपत्र की जांच करेगी।
नियम 134ए के तहत सभी पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाया जाएगा। कुछ स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दे रहे। उन स्कूलों में कार्यालय से एक अधिकारी को भेजा जाएगा, जो वहां विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र की जांच करने के साथ ही दाखिला सुनिश्चित करवाएगा। विद्यार्थियों को स्कूलों के बार-बार चक्कर ना काटने पड़े, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। अगर कोई स्कूल नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - बृजमोहन गोयल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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इसके बाद वे उपायुक्त कार्यालय भी पहुंचे लेकिन डीसी नहीं मिले। दूसरी ओर निजी स्कूलों ने नियम के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के अभिभावकों की आर्थिक स्थिति के संबंध में सवाल उठाए हैं। ऐसे में अब तीन सदस्यीय कमेटी इस संबंध में जांच करेगी।
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लघु सचिवालय पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि ऐसे सात-आठ स्कूल हैं जो बच्चों को दाखिला देने से आनाकानी कर रहे हैं। कभी दस्तावेज अधूरे बताए जाते हैं तो कभी सीबीआई की तरह घरों की जांच की जाती है। कुछ स्कूल संचालक प्रवेश देने के एवज में चार से पांच हजार रुपये मांग रहे हैं। कई अभिभावक ऐसे भी हैं जो धनराशि जमा करवाकर बच्चों का दाखिला करवा चुके हैं। अभिभावकों का आरोप है कि जमा की राशि की रसीद भी नहीं दी गई। अभिभावकों ने बीईओ, डीईओ, उपायुक्त कार्यालय तथा विधायक प्रमोद विज के नाम ज्ञापन सौंपा और परेशानी हल करने की मांग की। संबंधित अफसरों ने अभिभावकों को सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया तब इसके बाद अभिभावक लौट गए।
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दूसरी ओर दाखिला न देने वाले निजी स्कूलों का कहना है कि जो बच्चे नियम 134ए के तहत निशुल्क पढ़ना चाहते हैं, उनमें अधिकतर की आर्थिक स्थिति अच्छी है। वे गलत प्रमाणपत्रों के आधार पर दाखिला ले रहे हैं। इस पर शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों में तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निदेश जारी किए हैं। इसमें एडीसी या उनके द्वारा चुना कोई प्रतिनिधि, डीईओ या डीईईओ और डीआरओ शामिल होंगे।
पानीपत में एडीसी, डीईईओ तथा डीआरओ को कमेटी में शामिल किया गया है। निजी स्कूल संचालकों को यदि किसी विद्यार्थी के आय प्रमाणपत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलती है तो कमेटी को अवगत करा सकते हैं। गठित कमेटी ही आय प्रमाणपत्र की जांच करेगी।
नियम 134ए के तहत सभी पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाया जाएगा। कुछ स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दे रहे। उन स्कूलों में कार्यालय से एक अधिकारी को भेजा जाएगा, जो वहां विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र की जांच करने के साथ ही दाखिला सुनिश्चित करवाएगा। विद्यार्थियों को स्कूलों के बार-बार चक्कर ना काटने पड़े, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। अगर कोई स्कूल नियमों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - बृजमोहन गोयल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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