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Panipat News: इंसार बाजार में बोले व्यापारी- अंधेरे से कारोबार और सुरक्षा दोनों प्रभावित
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अमर उजाला के जन-सरोकार अभियान करो दूर अंधेरा के तहत मंगलवार को शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र इंसार बाजार में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने बाजार की बदहाल स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए नगर निगम से खराब लाइटों को जल्द दुरुस्त करने और जहां जरूरत हो वहां नई स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांग की।
व्यापारियों का कहना था कि शहर की दो-चार मुख्य सड़कों और वीआईपी क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश अंदरूनी बाजार और गलियां अंधेरे में डूबी रहती हैं। इंसार बाजार जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में भी शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है, जिससे व्यापार प्रभावित होने के साथ-साथ आपराधिक घटनाओं और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।
संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान गौरव लिखा ने कहा कि इंसार बाजार शहर का प्रमुख बाजार है, लेकिन यहां स्ट्रीट लाइटों का लंबे समय से बंद रहना चिंता का विषय है। नगर निगम मुख्य सड़कों पर तो ध्यान दे रहा है, लेकिन अंदरूनी बाजारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। शाम के समय खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने निगम से जल्द नई स्ट्रीट लाइटें लगाने और खराब लाइटों की मरम्मत कराने की मांग की।
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रवि ने कहा कि अंधेरे के कारण बाजार में चोरी, जेबकतरी और अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई बार नगर निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को शिकायत देने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कराने की मांग की।
बिट्टू खन्ना ने बताया कि बाजार में आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए आते हैं। शाम के समय अंधेरा होने से विशेषकर महिला ग्राहकों में असुरक्षा की भावना बढ़ जाती है, जिससे वे बाजार आने से बचने लगी हैं। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है।
गुलशन धमीजा ने कहा कि रोशनी के अभाव में आए दिन छोटे-छोटे हादसे होते रहते हैं। अंधेरे में सड़क के गड्ढे और नालियों के किनारे दिखाई नहीं देते, जिससे राहगीर चोटिल हो जाते हैं। उन्होंने नगर निगम से पूरे बाजार की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था जल्द बहाल करने की मांग की।
राजिंदर कुमार ने कहा कि व्यापारी नियमित रूप से सभी करों का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। बाजार के अधिकांश बिजली पोलों पर लगी लाइटें फ्यूज हैं या उनकी वायरिंग खराब है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापारियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इंद्रजीत सिंह ने कहा कि त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे समय में बाजार का अंधेरे में डूबा रहना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि नगर निगम विशेष टीम बनाकर सर्वे करे और जहां भी स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, उन्हें तुरंत बदला जाए।
विकास ने कहा कि शहर से बाहर जाने वाले मार्गों पर भी स्ट्रीट लाइटों का अभाव है। घने अंधेरे के कारण दोपहिया वाहन चालकों के हादसे होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने स्ट्रीट लाइटों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की, ताकि व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित माहौल में आवाजाही कर सकें।
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पानीपत। अमर उजाला के जन-सरोकार अभियान करो दूर अंधेरा के तहत मंगलवार को शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र इंसार बाजार में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने बाजार की बदहाल स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए नगर निगम से खराब लाइटों को जल्द दुरुस्त करने और जहां जरूरत हो वहां नई स्ट्रीट लाइटें लगाने की मांग की।
व्यापारियों का कहना था कि शहर की दो-चार मुख्य सड़कों और वीआईपी क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश अंदरूनी बाजार और गलियां अंधेरे में डूबी रहती हैं। इंसार बाजार जैसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में भी शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है, जिससे व्यापार प्रभावित होने के साथ-साथ आपराधिक घटनाओं और हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।
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संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान गौरव लिखा ने कहा कि इंसार बाजार शहर का प्रमुख बाजार है, लेकिन यहां स्ट्रीट लाइटों का लंबे समय से बंद रहना चिंता का विषय है। नगर निगम मुख्य सड़कों पर तो ध्यान दे रहा है, लेकिन अंदरूनी बाजारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। शाम के समय खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने निगम से जल्द नई स्ट्रीट लाइटें लगाने और खराब लाइटों की मरम्मत कराने की मांग की।
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रवि ने कहा कि अंधेरे के कारण बाजार में चोरी, जेबकतरी और अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। कई बार नगर निगम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को शिकायत देने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कराने की मांग की।
बिट्टू खन्ना ने बताया कि बाजार में आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए आते हैं। शाम के समय अंधेरा होने से विशेषकर महिला ग्राहकों में असुरक्षा की भावना बढ़ जाती है, जिससे वे बाजार आने से बचने लगी हैं। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है।
गुलशन धमीजा ने कहा कि रोशनी के अभाव में आए दिन छोटे-छोटे हादसे होते रहते हैं। अंधेरे में सड़क के गड्ढे और नालियों के किनारे दिखाई नहीं देते, जिससे राहगीर चोटिल हो जाते हैं। उन्होंने नगर निगम से पूरे बाजार की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था जल्द बहाल करने की मांग की।
राजिंदर कुमार ने कहा कि व्यापारी नियमित रूप से सभी करों का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। बाजार के अधिकांश बिजली पोलों पर लगी लाइटें फ्यूज हैं या उनकी वायरिंग खराब है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापारियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इंद्रजीत सिंह ने कहा कि त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे समय में बाजार का अंधेरे में डूबा रहना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मांग की कि नगर निगम विशेष टीम बनाकर सर्वे करे और जहां भी स्ट्रीट लाइटें खराब हैं, उन्हें तुरंत बदला जाए।
विकास ने कहा कि शहर से बाहर जाने वाले मार्गों पर भी स्ट्रीट लाइटों का अभाव है। घने अंधेरे के कारण दोपहिया वाहन चालकों के हादसे होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने स्ट्रीट लाइटों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की, ताकि व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित माहौल में आवाजाही कर सकें।