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वसंत पंचमी पर तीन दुर्लभ संयोग, हो रहा त्रिवेणी योग का निर्माण
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पानीपत। माघ शुक्ल पंचमी को वसंत पंचमी का उत्सव मनाया जाता है। इसे श्रीपंचमी और बागेश्वरी जयंती के रूप में भी मानाया जाता है। वसंत पंचमी के दिन ज्ञान, संगीत, शिक्षा और बुद्धि की प्राप्ति के मां सरस्वती की पूजा की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक अबकी शनिवार को वसंत पंचमी पर तीन विशेष संयोग बन रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित जयपाल के मुताबिक, इस बार वसंत पंचमी के दिन सिद्ध, साध्य और रवि योग के त्रिवेणी योग का निर्माण हो रहा है। ये योग छात्रों के लिए अच्छा माना जा रहा है। ऐसे इन योग में पूजा-पाठ करने से विशेष लाभ भी मिलेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक, त्रिवेणी योग विद्यारंभ के लिए बेहद शुभ होता है। इस योग में विद्यारंभ संस्कार कराने से मां सरस्वती का आशीर्वाद मिलता है।
वसंत पंचमी के दिन बनेगा बुधादित्य योग
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक वसंत पंचमी के दिन सूर्य, बुध मकर राशि में एक साथ मौजूद रहेंगे। सूर्य और बुध के इस योग से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। दरअसल बुध को बुद्धि का कारक ग्रह होता है। ऐसे में इस योग में ज्ञान और बुद्धि की देवी सरस्वती की पूजा करना शुभ और फलदायी साबित होगा। इसके अलावा सभी नौ ग्रह चार राशियों में रहेंगे। इस कारण केदार योग का संयोग बनेगा। ऐसे में इन योगों के कारण इस बार की वसंत पंचमी खास है।
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वसंत पंचमी शुभ मुहूर्त
पंडित जयपाल शर्मा ने बताया कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त की शुरुआत सुबह तीन बजकर 47 मिनट से शुरू होगी। वहीं शुभ मुहूर्त का समापन छह फरवरी, रविवार की सुबह तीन बजकर 46 मिनट पर होगा। सरस्वती पूजन के लिए सूर्योदय से पूर्वाह्न के बीच का समय शुभ होता है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित जयपाल के मुताबिक, इस बार वसंत पंचमी के दिन सिद्ध, साध्य और रवि योग के त्रिवेणी योग का निर्माण हो रहा है। ये योग छात्रों के लिए अच्छा माना जा रहा है। ऐसे इन योग में पूजा-पाठ करने से विशेष लाभ भी मिलेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक, त्रिवेणी योग विद्यारंभ के लिए बेहद शुभ होता है। इस योग में विद्यारंभ संस्कार कराने से मां सरस्वती का आशीर्वाद मिलता है।
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वसंत पंचमी के दिन बनेगा बुधादित्य योग
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक वसंत पंचमी के दिन सूर्य, बुध मकर राशि में एक साथ मौजूद रहेंगे। सूर्य और बुध के इस योग से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। दरअसल बुध को बुद्धि का कारक ग्रह होता है। ऐसे में इस योग में ज्ञान और बुद्धि की देवी सरस्वती की पूजा करना शुभ और फलदायी साबित होगा। इसके अलावा सभी नौ ग्रह चार राशियों में रहेंगे। इस कारण केदार योग का संयोग बनेगा। ऐसे में इन योगों के कारण इस बार की वसंत पंचमी खास है।
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वसंत पंचमी शुभ मुहूर्त
पंडित जयपाल शर्मा ने बताया कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त की शुरुआत सुबह तीन बजकर 47 मिनट से शुरू होगी। वहीं शुभ मुहूर्त का समापन छह फरवरी, रविवार की सुबह तीन बजकर 46 मिनट पर होगा। सरस्वती पूजन के लिए सूर्योदय से पूर्वाह्न के बीच का समय शुभ होता है।