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तीन बेटियों ने बनाया एप, महज पंजीकरण में ही कमाएं डेढ लाख रुपये
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जिले की तीन बेटियों ने बुजुर्गों और युवाओं के बीच एप रूपी सेतु तैयार किया है। इस एप का मकसद है कि बुजुर्गों के अनुभवों का युवाओं को लाभ मिल सके। इतना ही इस एप के जरिए बुजुर्ग कुछ कमाई भी कर सकेंगे। यह प्रयास है अंसल निवासी सात वर्षीय आन्या सचदेवा, नौ वर्षीय अन्वी सचदेवा और 17 वर्षीय प्रेरणा का। तीनों बेटियों ने इसके एक स्टार्टअप के रूप में शुरू किया है। इस एप का नाम है सोल्यूशन मॉल, जो दो फरवरी को लॉन्च होगा।
सॉल्यूशन मॉल एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां पर वृद्ध अपने अनुभव को वीडियो के तौर पर रिकार्ड कर सकेंगे। इन वीडियो से युवाओं का मार्गदर्शन होगा और वृद्धों को आमदनी का एक जरिया मिलेगा। आन्या ने बताया कि स्टार्टअप को तैयार करने का मकसद बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाना था, ताकि बुजुर्ग होने के बाद भी वह आसानी से अपना जीवन यापन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस एप लॉन्च करने से पहले प्री-रजिस्ट्रेशन के जरिए ही डेढ़ लाख रुपये कमाई हो चुकी है।
गर्वित चावला से ली ट्रेनिंग, फिर तैयार किया एप
अंसल निवासी ट्रेनर गर्वित चावला ने केईई एप के जरिए तीनों बेटियों को एंटरप्रेन्योरशिप की ट्रेनिंग दी। बेटियों ने पूरे बिजनेस के बारे में सीखा और फिर एप बनाया। एंटरप्रेन्योर ट्रेनर गर्वित चावला ने बताया कि बीते दो महीनों से तीनों को ट्रेनिंग दी। जिसके जरिए तीनों नें प्लेटफॉर्म तैयार किया, जिसकी मदद से युवाओं को सही राह मिलेगी। इस एप की अच्छी बात ये है कि इससे बुजुर्ग कमाई भी कर सकते हैं।
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ऐसे होगी बुुजुर्गों की कमाई
बुजुर्गों को उनके वीडियो की व्यूअरशिप पर कमीशन मिलेगा। वीडियो पर जितनी भी कमाई होगी, उसे बुजुर्ग के खाते में डाल दिया जाएगा। वृद्ध आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के लिए रजिस्ट्रेशन फ्री है और बाकी के लिए एक हजार रुपये फीस रखी गई है। इस एप में बुजुर्ग के साथ युवा भी अपना अनुभव साझा कर सकते हैं। अभी तक दो हजार बुजुर्ग पंजीकरण करा चुके हैं।
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सॉल्यूशन मॉल एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां पर वृद्ध अपने अनुभव को वीडियो के तौर पर रिकार्ड कर सकेंगे। इन वीडियो से युवाओं का मार्गदर्शन होगा और वृद्धों को आमदनी का एक जरिया मिलेगा। आन्या ने बताया कि स्टार्टअप को तैयार करने का मकसद बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाना था, ताकि बुजुर्ग होने के बाद भी वह आसानी से अपना जीवन यापन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस एप लॉन्च करने से पहले प्री-रजिस्ट्रेशन के जरिए ही डेढ़ लाख रुपये कमाई हो चुकी है।
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गर्वित चावला से ली ट्रेनिंग, फिर तैयार किया एप
अंसल निवासी ट्रेनर गर्वित चावला ने केईई एप के जरिए तीनों बेटियों को एंटरप्रेन्योरशिप की ट्रेनिंग दी। बेटियों ने पूरे बिजनेस के बारे में सीखा और फिर एप बनाया। एंटरप्रेन्योर ट्रेनर गर्वित चावला ने बताया कि बीते दो महीनों से तीनों को ट्रेनिंग दी। जिसके जरिए तीनों नें प्लेटफॉर्म तैयार किया, जिसकी मदद से युवाओं को सही राह मिलेगी। इस एप की अच्छी बात ये है कि इससे बुजुर्ग कमाई भी कर सकते हैं।
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ऐसे होगी बुुजुर्गों की कमाई
बुजुर्गों को उनके वीडियो की व्यूअरशिप पर कमीशन मिलेगा। वीडियो पर जितनी भी कमाई होगी, उसे बुजुर्ग के खाते में डाल दिया जाएगा। वृद्ध आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के लिए रजिस्ट्रेशन फ्री है और बाकी के लिए एक हजार रुपये फीस रखी गई है। इस एप में बुजुर्ग के साथ युवा भी अपना अनुभव साझा कर सकते हैं। अभी तक दो हजार बुजुर्ग पंजीकरण करा चुके हैं।