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Panipat News: शारीरिक गतिविधियां कम करने वालों को दिमागी बीमारी का खतरा ज्यादा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2024 07:09 AM IST
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Those who reduce physical activity are at greater risk of mental illness
पानीपत। उच्च रक्तचाप, मधुमेह व धूम्रपान करने से लोग दिमागी बीमारियों से घिर रहे हैं। दिमागी बीमारियों से घिरने का भय उन लोगों का अधिक होता है जो शारीरिक गतिविधियां कम करते हैं। मिर्गी के दौरे भी दिमागी बीमारी के अंतर्गत आते हैं। जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में हर रोज औसतन ऐसे दो से तीन केस आते हैं। मनोरोग विशेषज्ञ के पास दिमागी बीमारी के आमतौर पर हर रोज 10-15 मरीज आते हैं। स्वास्थ्य विभाग इस साल विश्व मस्तिष्क दिवस को मस्तिष्क स्वास्थ्य और रोकथाम की थीम पर मना रहा है। डॉक्टरों के अनुसार 10 में से एक व्यक्ति दिमागी बीमारी से जूझ रहा है।
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ऐसे रखें दिमाग को स्वस्थ
- कम से कम सात घंटे की नींद लें।

- सोने से पहले प्रतिदिन कम से कम दो घंटे नियमित व्यायाम करें।

- अवसाद और चिंता की स्थिति में चिकित्सीय सहायता लेना।
- सोने से दो घंटे पहले स्क्रीन देखने से बचें।
- सोने से कम से कम छह घंटे पहले निकोटीन और कैफीन जैसे उत्तेजक पदार्थों के सेवन से बचें।

- स्वस्थ आहार जैसे हरी सब्जियां, बीन्स, समुद्री भोजन, नट्स, बीज आदि लेना।

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उच्च रक्तचाप, मधुमेह और धूम्रपान दिमागी बीमारियों का कारण : डॉ. अनिल
मैक्स अस्पताल के न्यूरो सर्जरी के प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. अनिल कुमार कंसल बताया कि बुजुर्गों में दिमागी बीमारी होने का अधिक भय होता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ डिमेंशिया, अल्जाइमर, और स्ट्रोक के खतरे भी बढ़ जाते हैं। इसके अलावा, 40-60 वर्ष के व्यक्तियों में भी ब्रेन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ता है, खासकर अगर वे अन्य जोखिम कारकों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, और धूम्रपान के संपर्क में हैं। दिमाग से जुड़ी समस्याएं जैसे स्ट्रोक, एन्यूरिज्म और एवीएम किसी भी व्यक्ति या परिवार की जिंदगी खराब कर सकती है। पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए दिमागी स्वास्थ्य बेहद जरूरी है। खासकर बढ़ती उम्र में इसका रोल महत्वपूर्ण रहता है। चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नता आ जाना, बोलने या बातचीत को समझने में कठिनाई, गंभीर सिरदर्द, दृष्टि की समस्याएं, चक्कर आना या बैलेंस बिगड़ना और भ्रम या अचानक व्यवहार में बदलाव आना ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण हैं। हमें शारीरिक गतिविधियां अधिक से अधिक करनी चाहिए। ऐसा करने से दिमागी बीमारियों से बचा सकता है।
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